क्या विराट कोहली को ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से मिली प्रशंसा?
सारांश
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रांची, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रांची में रविवार को खेले गए पहले वनडे में विराट कोहली ने अद्भुत शतक लगाया। यह कोहली के वनडे करियर का 52वां शतक था। इस पारी के साथ, कोहली ने किसी भी फॉर्मेट में सबसे अधिक शतक लगाने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड अपने नाम किया, जो पहले सचिन तेंदुलकर के पास था, जिन्होंने टेस्ट में 51 शतक बनाए हैं। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने कोहली की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह वनडे फॉर्मेट के महान खिलाड़ियों में से एक हैं।
गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर कहा, "जो लोग विराट कोहली के साथ और उनके खिलाफ खेल चुके हैं, वे सभी इस बात पर सहमत हैं कि वह वनडे के सबसे महान खिलाड़ी हैं। रिकी पोंटिंग ने भी उन्हें महानतम कहा है। ऑस्ट्रेलियाई लोगों से तारीफ पाना बेहद कठिन है। जब आप सचिन को पीछे छोड़ देते हैं, तो आपको समझ आ जाता है कि यह खिलाड़ी कहाँ खड़ा है।"
हालांकि, विराट कोहली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले 2 वनडे मैचों में असफल रहे, जहाँ वह दोनों बार शून्य पर आउट हुए। यह उनके करियर में पहली बार हुआ था। लगातार दो असफलताओं के बाद, कोहली के करियर को लेकर कई अटकलें लगाई जा रही थीं। कुछ क्रिकेट विशेषज्ञों ने उन्हें वनडे फॉर्मेट को अलविदा कहने की सलाह दी थी। लेकिन तीसरे वनडे में कोहली ने अर्धशतक लगाकर अपने आलोचकों को चुप कर दिया।
रांची वनडे में विराट ने 120 गेंदों पर 7 छक्के और 11 चौके लगाते हुए 135 रन की शानदार पारी खेली। इस पारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विराट अगला वनडे विश्व कप खेलने के बाद ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को पूर्ण रूप से अलविदा कहेंगे। ज्ञात हो कि कोहली पहले ही टी20 और टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं।