क्या दिल्ली विधानसभा के स्पीकर ने आतिशी को नोटिस भेजा, जवाब 19 जनवरी से पहले देना होगा?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली विधानसभा में राजनीतिक विवाद बढ़ा है।
- आतिशी को नोटिस जारी किया गया है।
- कपिल मिश्रा पर एफआईआर दर्ज हुई है।
- सदन की कार्यवाही की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है।
- 19 जनवरी तक जवाब देना होगा।
नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली विधानसभा में हुई बहस के दौरान उठे मुद्दों को लेकर राजधानी दिल्ली और पंजाब में राजनीति गरमा गई है। दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने आतिशी के वीडियो साझा कर गुरुओं का अपमान करने का आरोप लगाया, जिसके परिणामस्वरूप उनके खिलाफ पंजाब में एफआईआर दर्ज की गई। दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए आतिशी को नोटिस जारी किया।
स्पीकर द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि यह नोटिस 6 जनवरी को सदन की कार्यवाही से संबंधित है, जिसमें स्पीकर के बार-बार अनुरोध करने के बावजूद प्रदूषण पर चर्चा अगले दिन के लिए सूचीबद्ध थी। आपने स्पीकर के अनुरोधों की अवहेलना की और कथित तौर पर सिख गुरुओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की, जिससे सदन में हंगामा हुआ और कार्यवाही बाधित हुई।
नोटिस में आगे कहा गया है कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए स्पीकर ने आपसे सदन की बैठक में शामिल होने और स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया। परिणामस्वरूप, 6 जनवरी की घटना के बाद 8 जनवरी को सदन की बैठक में शामिल न होने और अपने बयानों को स्पष्ट न करने पर स्पीकर ने मामले को विशेषाधिकार समिति को भेज दिया।
विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष ने निर्देश दिया है कि घटना के बारे में आपका लिखित बयान 19 जनवरी को या उससे पहले प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए आतिशी के वीडियो के कारण पंजाब में कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पंजाब पुलिस ने दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा के सोशल मीडिया अकाउंट से एक क्लिप डाउनलोड की, फोरेंसिक जांच की और उसे 'छेड़छाड़ किया हुआ' घोषित किया, जिसके बाद जालंधर में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह मामला अत्यंत गंभीर और संवैधानिक महत्व का है, जो सदन की गरिमा, अधिकार और विशेषाधिकारों से सीधे संबंधित है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। स्पीकर ने बताया कि सांसद आतिशी से केवल संक्षिप्त माफी मांगने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इंकार कर दिया, अन्यथा मामला अब तक समाप्त हो गया होता।
स्पीकर गुप्ता ने कहा कि जिस वीडियो के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है, वह कोई व्यक्तिगत रिकॉर्डिंग नहीं, बल्कि सदन की कार्यवाही की आधिकारिक रिकॉर्डिंग है, जो पूरी तरह से दिल्ली विधानसभा की संपत्ति है।