महिलाओं के अधिकारों की आवाज़ बनती 'मेहरूनिसा', अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष स्क्रीनिंग
सारांश
Key Takeaways
- 'मेहरूनिसा' महिलाओं के अधिकारों की आवाज़ है।
- यह फिल्म एक प्रेरणादायक कहानी प्रस्तुत करती है।
- फिल्म की स्क्रीनिंग विभिन्न देशों में होगी।
- फारुख जफर का जीवन और संघर्ष दर्शाया गया है।
- महिला केंद्रित फिल्म जो समाज में बदलाव लाने का प्रयास करती है।
नई दिल्ली, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, ऑस्ट्रियन कल्चरल फोरम एवं ऑस्ट्रियाई दूतावास में संदीप कुमार द्वारा निर्देशित फिल्म 'मेहरूनिसा' की विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन किया जाएगा।
यह केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि बांग्लादेश, भूटान, नेपाल और श्रीलंका में स्थित छह ऑस्ट्रियाई मानद वाणिज्य दूतावासों के सहयोग से इस फिल्म को विभिन्न देशों में प्रदर्शित करने का निर्णय लिया गया है। स्क्रीनिंग का आयोजन स्थानीय महिला संगठनों द्वारा प्रदान किए गए स्थानों पर किया जाएगा।
भारतीय मूल के ऑस्ट्रियाई फिल्म निर्माता संदीप कुमार की 'मेहरूनिसा' एक ऐसी महिला की कहानी है, जो लखनऊ के नवाबी परिवार से संबंधित है, लेकिन उसने बॉलीवुड में अपनी शर्तों पर काम किया और अदाकारी से दर्शकों का दिल जीता।
फिल्म 'मेहरूनिसा' 85 वर्षीय फारुख जफर की कहानी को दर्शाती है, जिन्होंने लखनऊ की हवेली से निकलकर अपने सपनों की उड़ान भरी। यह फिल्म उनके संघर्षों को प्रदर्शित करती है, जो आगे चलकर अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी। इससे पहले, यह फिल्म 2021 में अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में प्रदर्शित की गई थी।
फिल्म की शूटिंग लखनऊ के विभिन्न स्थलों पर की गई है और इसमें फारुख जफर के अलावा, तूलिका बनर्जी एवं अंकित दीक्षित भी शामिल हैं। यह एक महिला केंद्रित फिल्म है, जिसमें फारुख जफर ने 85 वर्ष की आयु में मुख्य भूमिका निभाई। हालांकि, यह उनकी करियर की अंतिम फिल्म रही। उन्होंने 15 अक्टूबर 2021 को लंबी बीमारी के कारण अंतिम सांस ली।
याद दिलाते चलें कि फारुख जफर हिंदी सिनेमा में एक प्रख्यात नाम थीं, जिन्होंने कई बड़े सितारों के साथ काम किया। उन्होंने फिल्म 'उमराव जान' में रेखा की मां का किरदार निभाकर हिंदी सिनेमा में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने 'स्वदेश', 'गुलाबो-सिताबो', 'अम्मा की बोली', 'अनवर का अजब किस्सा' और 'पीपली लाइव' जैसी फिल्मों में भी काम किया। 'गुलाबो-सिताबो' में उन्होंने अमिताभ बच्चन की पत्नी की भूमिका निभाई, जो अपने पुराने प्रेमी के साथ भाग जाती है। इस फिल्म में उनका चुलबुला और जिंदादिल किरदार दर्शकों के दिलों में बसा हुआ है।