6 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पेट्रोल-डीजल में ₹12.50 प्रति लीटर बढ़ोतरी का दावा फर्जी, PIB फैक्ट-चेक यूनिट ने किया खंडन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पेट्रोल-डीजल में ₹12.50 प्रति लीटर बढ़ोतरी का दावा फर्जी, PIB फैक्ट-चेक यूनिट ने किया खंडन

सारांश

पेट्रोल-डीजल में ₹12.50 प्रति लीटर बढ़ोतरी का दावा करने वाला वायरल आदेश फर्जी निकला। PIB फैक्ट-चेक और पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने साफ किया — कीमतें अपरिवर्तित हैं, आपूर्ति पर्याप्त है, घबराने की ज़रूरत नहीं।

मुख्य बातें

PIB फैक्ट-चेक यूनिट ने 29 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल में ₹12.50 प्रति लीटर बढ़ोतरी के वायरल दावे को फर्जी घोषित किया।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ऐसा कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है।
मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा — एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, CNG और PNG की 100% आपूर्ति सुनिश्चित है।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने पुष्टि की कि खुदरा ईंधन कीमतों में वृद्धि का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है।
PIB ने नागरिकों से अपील की कि जानकारी केवल आधिकारिक स्रोतों से सत्यापित करें।

प्रेस इन्फॉरमेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट-चेक यूनिट ने 29 अप्रैल को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा जा रहा था कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹12.50 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है। PIB ने स्पष्ट किया कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ऐसा कोई नोटिफिकेशन या आदेश जारी नहीं किया है और भारत सरकार की ओर से ईंधन मूल्य वृद्धि का कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है।

क्या था वायरल दावा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक कथित सरकारी आदेश की तस्वीर तेज़ी से प्रसारित हो रही थी, जिसमें पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का उल्लेख था। PIB फैक्ट-चेक ने अपने आधिकारिक 'एक्स' (X) अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे उपभोक्ताओं में अनावश्यक घबराहट और ईंधन की जमाखोरी की आशंका बनती है। सरकार का त्वरित फैक्ट-चेक स्वागतयोग्य है, लेकिन असली सवाल यह है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ऐसे फर्जी सरकारी दस्तावेज़ों को वायरल होने से रोकने के लिए पर्याप्त कदम क्यों नहीं उठाते।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का वायरल दावा क्या था?
सोशल मीडिया पर एक कथित सरकारी आदेश वायरल हुआ जिसमें पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹12.50 प्रति लीटर तक बढ़ोतरी का दावा किया गया था। PIB फैक्ट-चेक यूनिट ने इसे 29 अप्रैल को फर्जी घोषित किया।
PIB फैक्ट-चेक यूनिट ने क्या कहा?
PIB फैक्ट-चेक ने अपने आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट पर स्पष्ट किया कि ईंधन मूल्य वृद्धि का दावा करने वाला आदेश फर्जी है और भारत सरकार ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है।
क्या पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने वाली हैं?
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के अनुसार खुदरा ईंधन कीमतों में वृद्धि का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने भी पुष्टि की कि कीमतें अपरिवर्तित रहेंगी।
एलपीजी, CNG और PNG की आपूर्ति पर क्या स्थिति है?
संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार घरेलू एलपीजी, पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और परिवहन में उपयोग होने वाली CNG की 100% आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। उपभोक्ताओं को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
नागरिक ईंधन मूल्य से जुड़ी सही जानकारी कहाँ से प्राप्त करें?
PIB ने नागरिकों से अपील की है कि वे ईंधन कीमतों या किसी भी सरकारी नीति से जुड़ी जानकारी केवल पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट या PIB के आधिकारिक चैनलों से ही सत्यापित करें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले