क्या वर्जीनिया में बवाल मच गया? कोर्ट की आलोचनाओं के बाद लिंडसे हैलिगन का अटॉर्नी पद गया!
सारांश
Key Takeaways
- लिंडसे हैलिगन को कोर्ट की आलोचना के बाद हटाया गया।
- उनकी नियुक्ति को अवैध माना गया था।
- यह मामला न्यायपालिका की स्वतंत्रता को उजागर करता है।
- अमेरिकी जज डेविड नोवाक ने उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाया।
- लिंडसे का पेशेवर अनुभव वकील से अभियोजक तक का सफर है।
वर्जीनिया, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नियुक्त अंतरिम यूएस अटॉर्नी लिंडसे हैलिगन को अब जस्टिस डिपार्टमेंट में अपने पद से हटना पड़ा है। एक फेडरल जज की कड़ी आलोचनाओं के कारण उनकी नियुक्ति के 120 दिनों बाद ही उन्हें पद छोड़ना पड़ा।
अमेरिकी मीडिया के अनुसार, एक कानूनी विवाद में एक फेडरल जज ने उनके अधिकारों पर सवाल उठाया और लिंडसे को उनके उत्तराधिकारी को नियुक्त करने से मना कर दिया।
ट्रंप की पूर्व वकील, लिंडसे हैलिगन ने मंगलवार की शाम को अपने हटने की घोषणा करते हुए कहा कि एक फेडरल जज ने नवंबर में यह तय किया था कि उनकी नियुक्ति अवैध थी और केवल जिला कोर्ट को अंतरिम उत्तराधिकारी का नाम बताने का अधिकार था।
इस्तीफे के समय लिंडसे ने कहा, "मुझ पर ट्रिब्यूनल से झूठ बोलने और गलत बयान देने के आरोप लगाए गए। मुझे आदेश दिया गया कि मैं अपने नाम की उपस्थिति का स्पष्टीकरण दूं, जिससे पब्लिक सेफ्टी की जिम्मेदारियों से समय और संसाधन हट गए।"
अमेरिकी जिला जज डेविड नोवाक को राष्ट्रपति ट्रंप ने 2019 में नियुक्त किया था। लिंडसे पहले एक इंश्योरेंस वकील थीं, जो बाद में अभियोजक बनीं। नवंबर में एक जज ने यह निष्कर्ष निकाला कि उन्होंने गैर-कानूनी तरीके से यह भूमिका निभाई, जिसके बाद उनका कार्यकाल कम हो गया।