26 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी की चार मंजिला इमारत से गिरकर मौत, पुलिस जांच जारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी की चार मंजिला इमारत से गिरकर मौत, पुलिस जांच जारी

सारांश

वृंदावन के वराह घाट स्थित गुरु कृपा कुंज में 26 सितंबर को दोपहर प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी की चार मंजिला इमारत से गिरकर मौत हो गई। पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या मान रही है, लेकिन परिवार के आरोप — कि दीपक का फोन ले लिया गया था और उनसे मिलने नहीं दिया जाता था — जाँच को संवेदनशील बना रहे हैं।

मुख्य बातें

दीपक लोधी (साधक नाम: रसिक बिहारी शरण ), जबलपुर, मध्य प्रदेश के निवासी, की 26 सितंबर 2026 को वृंदावन में मौत हुई।
घटना वराह घाट स्थित गुरु कृपा कुंज के चार मंजिला साधक आवास में दोपहर 12.30 बजे हुई।
एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने प्रथम दृष्टया मामले को स्वयं कूदने का बताया; फॉरेंसिक और डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए गए।
परिजनों ने आरोप लगाया कि गुरु दक्षिणा के बाद दीपक का मोबाइल फोन ले लिया गया और परिवार से मिलने पर रोक थी।
पुलिस को एक प्रार्थना पत्र भी प्राप्त हुआ है; पंचनामा के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

वृंदावन के वराह घाट इलाके में स्थित गुरु कृपा कुंज में 26 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12.30 बजे एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक बिहारी शरण — जिनका वास्तविक नाम दीपक लोधी था — की साधकों के चार मंजिला आवास से गिरने के बाद मौत हो गई। मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी दीपक लोधी करीब दो वर्षों से प्रेमानंद महाराज के पास साधक के रूप में रह रहे थे।

घटनाक्रम और पुलिस की प्रारंभिक कार्यवाही

पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिटी राजीव कुमार सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुँची। प्रथम दृष्टया मामला चार मंजिला इमारत से स्वयं कूदने का प्रतीत होता है, हालाँकि किन परिस्थितियों और किस मानसिक स्थिति में यह कदम उठाया गया, यह जाँच का विषय है। पुलिस ने घटनास्थल से फॉरेंसिक साक्ष्य और मोबाइल फोन से डिजिटल सबूत एकत्र किए हैं।

एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने यह भी बताया कि पुलिस को एक प्रार्थना पत्र भी प्राप्त हुआ है, जिसके आधार पर जाँच आगे बढ़ाई जाएगी। पंचनामा की कार्यवाही पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

परिवार की व्यथा और आश्रम पर आरोप

दीपक लोधी के परिजन जबलपुर से रात करीब 3 बजे मथुरा पहुँचे। परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उन्हें फोन पर केवल यह सूचना दी गई थी कि दीपक गिर गए हैं और उनका ऑपरेशन चल रहा है। परिजन पहले प्रेमानंद महाराज के आश्रम गए, जहाँ उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई और केवल बाहर प्रतीक्षा करने को कहा गया।

परिजनों का कहना है कि सुबह 9 बजे तक वे आश्रम के बाहर बैठे रहे, लेकिन किसी ने कुछ नहीं बताया। इसके बाद वे अस्पताल पहुँचे। दीपक की बहन ने बताया कि उन्हें फोन पर कहा गया था कि 'दीपक गिर गए हैं, ऑपरेशन हो रहा है, जल्दी आ जाएँ।'

परिवार के संपर्क पर पाबंदी का दावा

परिवार ने यह भी दावा किया कि दीपक द्वारा 'गुरु दक्षिणा' लेने के बाद से परिवार के सदस्यों को उनसे मिलने नहीं दिया जाता था। परिजनों के अनुसार, दीपक का मोबाइल फोन ले लिया गया था, जिस कारण उनसे फोन पर भी बात नहीं हो पाती थी। यह दावा अभी पुलिस जाँच के दायरे में है और स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है।

जाँच की दिशा

पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि मामले की सभी संभावित दिशाओं से जाँच की जा रही है — जिसमें मानसिक स्थिति, परिस्थितियाँ और प्राप्त प्रार्थना पत्र शामिल हैं। फॉरेंसिक टीम द्वारा एकत्र किए गए डिजिटल साक्ष्यों की विश्लेषण प्रक्रिया जारी है। जाँच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

ये सवाल उठाते हैं कि धार्मिक आश्रमों में रह रहे साधकों की स्वायत्तता और परिवार से संपर्क की स्थिति क्या है। पुलिस का 'प्रथम दृष्टया' बयान सतर्क है, लेकिन प्रार्थना पत्र की प्राप्ति और डिजिटल फॉरेंसिक की शुरुआत संकेत देती है कि जाँच की परतें एकाधिक हैं। यह वह बिंदु है जहाँ धार्मिक संस्थाओं की जवाबदेही और राज्य की निगरानी का सवाल सबसे ज़्यादा प्रासंगिक हो जाता है।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत कैसे हुई?
26 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12.30 बजे वृंदावन के वराह घाट स्थित गुरु कृपा कुंज में साधक दीपक लोधी (रसिक बिहारी शरण) की चार मंजिला आवास से गिरकर मौत हो गई। पुलिस ने प्रथम दृष्टया मामले को स्वयं कूदने का बताया है और जाँच जारी है।
मृतक शिष्य दीपक लोधी कौन थे?
दीपक लोधी मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे और साधक के रूप में अपना नाम रसिक बिहारी शरण रखते थे। वे करीब दो वर्षों से प्रेमानंद महाराज के पास रह रहे थे।
क्या परिवार ने आश्रम पर कोई आरोप लगाए हैं?
परिजनों ने दावा किया है कि गुरु दक्षिणा लेने के बाद से दीपक का मोबाइल फोन ले लिया गया था और उनसे परिवार को मिलने नहीं दिया जाता था। परिजन यह भी बताते हैं कि आश्रम पहुँचने पर उन्हें सुबह 9 बजे तक बाहर बैठाए रखा गया और कोई जानकारी नहीं दी गई। ये आरोप अभी पुलिस जाँच के दायरे में हैं।
पुलिस इस मामले में क्या कार्यवाही कर रही है?
एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह के अनुसार पुलिस ने घटनास्थल से फॉरेंसिक साक्ष्य और मोबाइल फोन से डिजिटल सबूत एकत्र किए हैं। पुलिस को एक प्रार्थना पत्र भी प्राप्त हुआ है जिसके आधार पर आगे की जाँच की जाएगी। पंचनामा पूरा होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
क्या इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज हुई है?
अभी तक की रिपोर्टों के अनुसार पुलिस साक्ष्य एकत्र करने और प्राप्त प्रार्थना पत्र की जाँच करने में जुटी है। जाँच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले