पश्चिम बंगाल नगर निकाय चुनाव 2026: WBSEC की अहम बैठक, EVM कमी से KMC-HMC चुनाव में देरी की आशंका
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग (WBSEC) ने 2 सितंबर 2026 को एक अहम बैठक बुलाई, जिसमें राज्य के शहरी निकाय चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की गई। साल के अंत तक कोलकाता नगर निगम (KMC) और हावड़ा नगर निगम (HMC) समेत अन्य शहरी निकायों में चुनाव कराने का लक्ष्य है, लेकिन ईवीएम की गंभीर कमी इस पूरी प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा बनकर उभरी है। आयोग ने इस मुद्दे पर कलकत्ता उच्च न्यायालय में तत्काल सुनवाई की अपील भी दायर की है।
बैठक का एजेंडा और भागीदार
बैठक में उन सभी जिलों के जिलाधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए, जहाँ नगर निगम और नगर पालिका चुनाव होने हैं। बैठक में मौजूदा प्रशासनिक स्थिति, ईवीएम की उपलब्धता और चुनावी तैयारियों से जुड़े अन्य ज़रूरी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में बुलाई गई है जब दोनों प्रमुख नगर निगम — KMC और HMC — परिसीमन की प्रक्रिया के बीच में हैं, जिससे चुनावी तैयारियाँ और जटिल हो गई हैं।
परिसीमन से बदलेगा चुनावी नक्शा
कोलकाता नगर निगम (KMC), जो राज्य का सबसे पुराना नगर निगम है, के ड्राफ्ट परिसीमन प्रस्ताव में वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 करने का सुझाव दिया गया था। हालाँकि, अंतिम संख्या 211 तक पहुँचने की संभावना बताई जा रही है।
वहीं, हावड़ा नगर निगम (HMC) में ड्राफ्ट प्रस्ताव के अनुसार वार्डों की संख्या 50 से बढ़ाकर 68 करने की योजना है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि वार्डों की यह पुनर्संरचना मतदाताओं की बनावट, चुनावी रणनीति और प्रशासनिक प्रबंधन — तीनों को गहरे स्तर पर प्रभावित करेगी।
EVM की कमी — सबसे बड़ी चुनौती
WBSEC सूत्रों के अनुसार, आयोग के सामने सबसे बड़ी चिंता ईवीएम की अनुपलब्धता है। दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से जुड़ी कई चुनावी याचिकाएँ कलकत्ता उच्च न्यायालय में अभी भी लंबित हैं। इन मामलों में न्यायालय ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को विभिन्न केंद्रों की ईवीएम मशीनें, वीवीपैट और अन्य चुनावी सामग्री सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।
एक WBSEC सूत्र के हवाले से बताया गया है: 'इसके चलते ईवीएम की कमी से नगर निकाय चुनावों की घोषणा में देरी हो सकती है। इसी को देखते हुए हमने कलकत्ता उच्च न्यायालय में तत्काल सुनवाई के लिए अपील की है।'
उच्च न्यायालय में अपील, अगले सप्ताह सुनवाई संभव
रिपोर्टों के अनुसार, कलकत्ता उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश तपब्रत चक्रवर्ती और न्यायमूर्ति अतारूप बनर्जी की खंडपीठ के समक्ष तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया गया है। इस मामले पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार और चुनाव आयोग दोनों ही साल के अंत तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रतिबद्ध दिख रहे हैं। न्यायालय का निर्णय यह तय करेगा कि ईवीएम किस हद तक नगर निकाय चुनावों के लिए उपलब्ध हो सकती हैं।
आगे की राह
परिसीमन की अंतिम अधिसूचना, ईवीएम की उपलब्धता और न्यायालय के आदेश — ये तीन कारक मिलकर तय करेंगे कि पश्चिम बंगाल के शहरी निकाय चुनाव समय पर हो पाएंगे या नहीं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि KMC जैसे बड़े निगम में नए वार्ड लेआउट के आधार पर चुनाव कराना प्रशासनिक दृष्टि से एक बड़ी परीक्षा होगी।