पश्चिम बंगाल BJP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: मीडिया, IT, सोशल मीडिया और प्रवक्ता टीमें पुनर्गठित
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पश्चिम बंगाल इकाई में 14 सितंबर 2026 को व्यापक संगठनात्मक फेरबदल किया गया, जिसमें मीडिया, आईटी, सोशल मीडिया और प्रवक्ता पैनल — चारों विभागों में एक साथ नई नियुक्तियाँ की गईं। राज्य भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य द्वारा की गई इन घोषणाओं की आधिकारिक अधिसूचना राज्य महासचिव एवं राज्य कार्यालय प्रभारी शशि अग्निहोत्री ने जारी की, और सभी नियुक्तियाँ तत्काल प्रभाव से लागू बताई गई हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह कदम 2026 के नगर निकाय और 2027 के पंचायत चुनावों से पहले संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने की रणनीति का हिस्सा है।
मीडिया विभाग में नई जिम्मेदारियाँ
पार्टी की प्रेस और मीडिया गतिविधियों की कमान अनुपम घोष को सौंपी गई है, जिन्हें मीडिया विभाग का संयोजक नियुक्त किया गया है। उनके साथ पार्थ सारथी चौधरी और चंद्रशेखर बसुतिया सह-संयोजक की भूमिका निभाएंगे। यह विभाग राज्य में पार्टी की मीडिया उपस्थिति और संवाद रणनीति को संचालित करेगा।
आईटी एवं सोशल मीडिया टीमों का विस्तार
आईटी विभाग की बागडोर जॉय मल्लिक को दी गई है। उनके साथ चार सह-संयोजक — रत्नेश सिंह, रम्यज्योति सरकार, शुभोजीत कर्मकार और सब्यसाची रॉय — काम करेंगे। सोशल मीडिया विभाग में उपमन्यु भट्टाचार्य संयोजक बनाए गए हैं, जबकि प्रीतम भट्टाचार्जी और कमेलिया सान्याल सह-संयोजक होंगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भाजपा की पकड़ मजबूत करने के लिए इन दोनों विभागों में अनुभवी और युवा चेहरों का संतुलित मिश्रण किया गया है।
प्रवक्ता पैनल में सबसे बड़ा विस्तार
इस फेरबदल का सबसे बड़ा विस्तार प्रवक्ता पैनल में देखा गया। एडवोकेट देबजीत सरकार को मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया गया है। उनके साथ 13 अन्य प्रवक्ताओं की टीम तैयार की गई है — जिनमें रितेश तिवारी, सायंतन बोस, केया घोष, प्रणय रॉय, डॉ. तन्मय मुखर्जी, सप्तर्षि चौधरी (प्रवक्ता एवं पार्टी साहित्य), ओफेलिया सिंघा, अंकन दत्ता, मेघा सेन रॉय, डॉ. निखिल प्रसून सिंह, समिक दासगुप्ता, सुदीप्ता गुहा और मेजर ऋत्विक पॉल (सेवानिवृत्त) शामिल हैं। इतने बड़े प्रवक्ता दल का गठन स्पष्ट संकेत है कि पार्टी विपक्षी बयानबाजी का त्वरित और बहुआयामी जवाब देने की तैयारी में है।
रणनीतिक संदर्भ: चुनाव से पहले संगठन मजबूती
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में भाजपा सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खिलाफ अपनी ज़मीनी और डिजिटल उपस्थिति को एक साथ बढ़ाने में जुटी है। गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में BJP को TMC से करारी हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद से पार्टी लगातार अपने संगठनात्मक ढाँचे में बदलाव करती रही है। नगर निकाय और पंचायत चुनाव भाजपा के लिए 2029 के आम चुनावों से पहले बंगाल में प्रासंगिकता बनाए रखने की कसौटी होंगे।
वरिष्ठ नेताओं को सूचित किया गया
इस आदेश की प्रति प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य, प्रभारी सुनील बंसल, प्रभारी मंगल पांडे, सह-प्रभारी अमित मालवीय, महासचिव (संगठन) अमिताभ चक्रवर्ती और सतीश धोंड को भेजी गई है। वरिष्ठ नेतृत्व को सीधे सूचित किए जाने से इस पुनर्गठन के केंद्रीय महत्व का अंदाज़ा लगाया जा सकता है। नई टीम से अपेक्षा है कि वह आने वाले महीनों में जनता तक पार्टी की पहुँच को तेज़ और प्रभावी बनाएगी।