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क्या तुर्कमान गेट विवाद पर यासूब अब्बास की प्रतिक्रिया सही है?

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क्या तुर्कमान गेट विवाद पर यासूब अब्बास की प्रतिक्रिया सही है?

सारांश

क्या तुर्कमान गेट विवाद पर यासूब अब्बास की प्रतिक्रिया उचित है? उन्होंने मस्जिदों पर हो रहे हमलों की निंदा की और सामाजिक सौहार्द की आवश्यकता पर जोर दिया। जानिए इस विवाद में उन्होंने क्या कहा।

मुख्य बातें

मस्जिदों को निशाना बनाना गलत है।
धार्मिक स्थलों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है।
सामाजिक सौहार्द बनाए रखना आवश्यक है।
राज्य सरकारों को सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
महिलाओं के सम्मान का ख्याल रखना चाहिए।

लखनऊ, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी यासूब अब्बास ने दिल्ली में तुर्कमान गेट विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह अत्यन्त दुखद है कि मस्जिदों को निशाना बनाया जा रहा है। धार्मिक स्थल लोगों के लिए आस्था और मन की शांति का केंद्र होते हैं, लेकिन जिस प्रकार से मस्जिद की दीवार गिराई गई और भविष्य में मस्जिद को ध्वस्त करने की योजनाएँ बनाई जा रही हैं, वह पूरी तरह से गलत है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाइयों से समाज में गलत संदेश जाता है और धार्मिक सौहार्द को नुकसान पहुँचता है।

यासूब अब्बास ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए बिहार ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा सोने-चांदी की दुकानों में मास्क, हिजाब या हेलमेट पहने लोगों को प्रवेश न देने के फैसले पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दुकानों के बाहर लगाए गए पोस्टरों और उत्तर प्रदेश के झांसी सहित अन्य स्थानों पर सामने आ रहे मामलों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म और मजहब के नाम पर समाज को विभाजित करने की कोशिश की जा रही है और हिंदू-मुसलमानों को एक-दूसरे से अलग किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह सब सोची-समझी साजिश के तहत हो रहा है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने राज्य सरकारों से इस मामले में संज्ञान लेने की अपील की और कहा कि सख्त कदम उठाने की जरूरत है ताकि देश का माहौल खराब न हो और सामाजिक सौहार्द बना रहे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी धर्म या मजहब के नाम पर नफरत फैलाना देशहित में नहीं है और इससे केवल तनाव ही बढ़ेगा।

यासूब अब्बास ने महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि हर धर्म और मजहब ने महिलाओं को सम्मान दिया है। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक महिला का नकाब खींचा गया और बाद में कहा गया कि वह बेटी जैसी है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी भी धर्म या मजहब में पिता को यह अधिकार नहीं है कि वह सार्वजनिक स्थान पर बेटी का नकाब खींच दे। उन्होंने कहा कि नकाब और घूंघट महिलाओं की इज्जत और सम्मान से जुड़े हुए हैं, इसलिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस घटना पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह समाज में धार्मिक सौहार्द की स्थिति को भी दर्शाता है। यासूब अब्बास की चिंताओं को समझना और इस पर चर्चा करना आवश्यक है। यह समय है कि हम सभी मिलकर समाज में शांति और एकता बनाए रखें।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यासूब अब्बास कौन हैं?
यासूब अब्बास ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी हैं।
तुर्कमान गेट विवाद क्या है?
यह विवाद धार्मिक स्थलों पर होने वाले हमलों से संबंधित है, जिसमें मस्जिदों को निशाना बनाया जा रहा है।
यासूब अब्बास ने क्या कहा?
उन्होंने मस्जिदों को निशाना बनाने की निंदा की और समाज में धार्मिक सौहार्द के महत्व पर जोर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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