योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर हमला: मोदी ने जनधन से भ्रष्टाचारियों की जेबें खाली कराईं
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के लोकभवन सभागार में विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जन धन योजना के माध्यम से उन लोगों की जेबें खाली कराईं, जो जनता के धन पर 'डकैती' डालते थे, और गरीबों का पैसा सीधे उनके खातों तक पहुँचाया। मुख्यमंत्री सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित 'नमो सेवा अनकही कहानियाँ' नाट्य श्रृंखला के मंचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्य घटनाक्रम
यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर 2026 से चल रहे सेवा संकल्प अभियान की कड़ी में आयोजित किया गया था। संस्कृति विभाग के अंतर्गत भारतेंदु नाट्य अकादमी के कलाकारों ने इस अवसर पर नाट्य प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मरण कराया कि प्रधानमंत्री मोदी 7 अक्टूबर 2026 को गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे करेंगे।
विपक्ष पर सीधा प्रहार
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जन धन खाते खोले जा रहे थे, तब विपक्ष इस पर खिल्ली उड़ाता था और कहता था कि 'खाली खाते खोलकर क्या होगा।' योगी आदित्यनाथ के अनुसार, आज यह स्पष्ट हो गया है कि इन खातों के जरिये सरकारी योजनाओं का पैसा बिचौलियों को दरकिनार करते हुए सीधे लाभार्थियों तक पहुँचाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि जिनकी जेबों तक जनता का पैसा पहुँचता था, उनका इस व्यवस्था से नाराज होना और विरोध करना 'स्वाभाविक' है।
मोदी की जनसेवा यात्रा का ऐतिहासिक संदर्भ
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात की बागडोर ऐसे समय में संभाली, जब राज्य भूकंप की त्रासदी से उबर रहा था। इसके बाद दंगों की चुनौतियाँ भी सामने आईं, परंतु इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद गुजरात तेज़ी से एक विकास मॉडल के रूप में उभरा। उन्होंने 2004 से 2014 के दौर को कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के 'भ्रष्टाचार, अराजकता और अकर्मण्यता' का काल बताया और कहा कि इस अवधि में आंतरिक-बाह्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था — दोनों मोर्चों पर देश कमज़ोर था।
आम जनता पर असर
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि 2014 के बाद से योजनाओं को किसी जाति, मत, मजहब, क्षेत्र या भाषा के आधार पर नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों को केंद्र में रखकर लागू किया गया। उनके अनुसार, आज गरीबों तक आवास, रसोई गैस, शौचालय, स्वास्थ्य बीमा और मुफ्त राशन जैसी सुविधाएँ पहुँच रही हैं — जो पहले कागज़ों तक ही सीमित रहती थीं। युवाओं के लिए स्टार्टअप और रोज़गार के नए अवसर तथा बुनियादी ढाँचे के विस्तार — हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो और हवाई अड्डों — का भी उन्होंने उल्लेख किया।
आगे क्या
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाट्य प्रस्तुति को पूरे उत्तर प्रदेश में ले जाने के निर्देश दिए और कहा कि पूर्वांचल में भोजपुरी, मध्य क्षेत्र में अवधी, ब्रज में ब्रज भाषा और बुंदेलखंड में बुंदेलखंडी के शब्दों और स्थानीय लोकगीतों को प्रस्तुति में जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर का दिन प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का दिन होना चाहिए और यह यात्रा 15 अगस्त 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प से जुड़ी है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की।