क्या युवा बनेंगे यातायात के 'रक्षक'? परिवहन विभाग ने स्काउट्स और एनसीसी कैडेट्स को सिखाए सड़क सुरक्षा के गुर

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क्या युवा बनेंगे यातायात के 'रक्षक'? परिवहन विभाग ने स्काउट्स और एनसीसी कैडेट्स को सिखाए सड़क सुरक्षा के गुर

सारांश

लखनऊ में परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया गया है। इस दौरान युवा स्काउट्स और एनसीसी कैडेट्स को सड़क सुरक्षा के नियमों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।

मुख्य बातें

युवाओं को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
चालान के माध्यम से नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

लखनऊ, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और जनहानि को कम करने के लिए परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 1 जनवरी से 31 जनवरी तक चलेगा, जिसके दौरान जिला और संभाग स्तर पर जन-जागरूकता अभियान तथा कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।

परिवहन विभाग की कार्यशालाओं में यातायात नियमों की जानकारी और प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही 'कैशलेस उपचार सुविधा' और 'राहवीर योजना' के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की जा रही है। विभाग ने प्रदेशवासियों में ट्रैफिक नियमों के पालन की आदत डालने के लिए चालान की कार्रवाई भी शुरू की है।

परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान जनपद और संभाग स्तर की कार्यशालाओं में लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इन कार्यशालाओं में आपदा मित्र, सिविल डिफेंस, एनसीसी कैडेट्स, स्वयंसेवी संस्था सीआइए, डीलर्स एसोसिएशन और स्काउट्स एंड गाइड्स के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी भाग ले रहे हैं।

कार्यशालाओं में दोपहिया वाहन चालकों और पीछे बैठी सवारियों के लिए बीआईएस मानक वाले हेलमेट पहनने की अनिवार्यता पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही कार चालकों और साथ बैठे यात्रियों को भी सीट बेल्टस्टंट न करने, रैश ड्राइविंग और ओवरस्पीडिंग से बचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

किंजल सिंह ने बताया कि कार्यशाला में शामिल सहभागियों को सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों के लिए 'कैशलेस उपचार सुविधा' और 'राहवीर योजना' के बारे में भी जानकारी दी जा रही है ताकि समय पर मदद पहुंचाकर दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाई जा सके। साथ ही, युवाओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ यातायात के 'रक्षक' बनने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।

परिवहन विभाग ने प्रदेशवासियों में ट्रैफिक नियमों का पालन कराने के उद्देश्य से सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की है। इसके तहत 1 जनवरी से 21 जनवरी तक सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के लिए 49,500 चालान हेलमेट न पहनने पर, 11,740 सीट बेल्ट न पहनने पर, 15,180 ओवर-स्पीडिंग पर, 4,164 मोबाइल का उपयोग करने पर, 304 नशे में वाहन चलाने पर और 5,546 गलत दिशा में वाहन चलाने पर किए गए हैं।

साथ ही, पूरे सड़क सुरक्षा माह के दौरान प्रदेश स्तर पर नो हेलमेट नो फ्यूल अभियान चलाया जा रहा है। गलत पार्किंग और अनफिट वाहनों के खिलाफ भी निरंतर कार्रवाई की जा रही है। अब तक 89,992 से अधिक चालान काटे जा चुके हैं, जो लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दूसरों को भी प्रेरित कर सकें।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सड़क सुरक्षा माह का उद्देश्य क्या है?
सड़क सुरक्षा माह का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और जनहानि को न्यूनतम करना है।
कार्यशालाओं में कौन शामिल होते हैं?
कार्यशालाओं में एनसीसी कैडेट्स, स्काउट्स, सिविल डिफेंस, ट्रैफिक पुलिसकर्मी और स्वयंसेवी संस्थाएं शामिल होती हैं।
किस प्रकार की जानकारी दी जाती है?
कार्यशालाओं में यातायात नियम, हेलमेट और सीट बेल्ट का महत्व, और कैशलेस उपचार योजना के बारे में जानकारी दी जाती है।
राष्ट्र प्रेस