2026 की पहली तिमाही में वैश्विक पीसी शिपमेंट में 4%25 की वृद्धि दर्ज: एक विश्लेषण
सारांश
Key Takeaways
- 2026 की पहली तिमाही में पीसी शिपमेंट में 4%25 की वृद्धि।
- कंपनियों ने घटकों की कीमतों के डर से अधिक स्टॉक किया।
- एप्पल की शिपमेंट में 12.7%25 की वृद्धि।
- लेनोवो ने अपनी नंबर-1 स्थिति को बरकरार रखा।
- एसस आसुस ने एसर को पीछे छोड़ते हुए 5वां स्थान प्राप्त किया।
नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में वैश्विक स्तर पर पीसी शिपमेंट में सालाना 4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो कि 62.8 मिलियन यूनिट तक पहुँच गई है।
गार्टनर द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों से पता चलता है कि यह वृद्धि वास्तविक उपभोक्ता मांग को प्रतिबिंबित नहीं करती। इसके बजाय, कंपनियों और वितरकों ने दूसरी तिमाही में घटकों की कीमतों में संभावित वृद्धि के कारण अधिक स्टॉक जमा कर लिया।
गार्टनर के रिसर्च प्रिंसिपल ऋषि पाधी ने बताया कि सालाना वृद्धि 'कृत्रिम' तरीके से बढ़ी है, जो कि मेमोरी की बढ़ती कीमतों (जिसे 'मेमफ्लेशन' कहा जाता है) और डीआरएएम तथा नैंड फ्लैश जैसे घटकों के महंगे होने के डर से पहले से अधिक स्टॉक करने का परिणाम है।
यह प्रवृत्ति विशेष रूप से कम लाभ वाले पीसी खंड में अधिक देखी गई है।
इसके अलावा, तुलना का आधार भी इस वृद्धि को प्रभावित करता है, क्योंकि 2025 की पहली तिमाही में अमेरिकी टैरिफ के डर से पहले ही अधिक शिपमेंट किए गए थे, जिससे इस वर्ष का आंकड़ा बढ़ा हुआ प्रतीत हो रहा है।
कंपनियों के प्रदर्शन की बात करें तो शीर्ष चार वैश्विक पीसी कंपनियों में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं आया है। लेनोवो ने अपनी नंबर-1 स्थिति बनाए रखी, जबकि एचपी इंक. दूसरे स्थान पर रही, हालांकि इसका मार्केट शेयर थोड़ा घट गया है।
वहीं, डेल टेक्नोलॉजीज ने इस तिमाही में अपने मार्केट शेयर में वृद्धि की है।
इन सबके बीच, एप्पल सबसे तेजी से बढ़ने वाली कंपनी के रूप में उभरी है, जिसकी शिपमेंट में सालाना आधार पर 12.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
यह वृद्धि मुख्य रूप से इसकी मैकबुक नियो सीरीज की मजबूत मांग के कारण हुई है, जिसमें नए उपयोगकर्ताओं और शिक्षा क्षेत्र के खरीदारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल की रणनीति ने कम कीमत पर बेहतर प्रदर्शन वाले डिवाइस चाहने वाले ग्राहकों को आकर्षित किया, जिससे कंपनी की बाजार में पकड़ और मजबूत हुई।
इस तिमाही में, एसस आसुस ने एसर को पीछे छोड़कर वैश्विक रैंकिंग में पांचवां स्थान हासिल किया है।