26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वैश्विक संकेतों के बीच कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव: चांदी में तेजी, सोने में गिरावट

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वैश्विक संकेतों के बीच कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव: चांदी में तेजी, सोने में गिरावट

सारांश

शुक्रवार को कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सोने में प्रारंभिक तेजी के बाद गिरावट आई, जबकि चांदी ने बढ़त जारी रखी। जानिए क्या हैं बाजार के हालात और रुपये की स्थिति।

मुख्य बातें

सोने की कीमतों में गिरावट आई।
चांदी में बढ़त देखने को मिली।
रुपया 92.95 पर मजबूत हुआ।
बाजार का रुख सतर्क रूप से सकारात्मक है।
ब्रेंट क्रूड की कीमतें 97.99 डॉलर प्रति बैरल पर हैं।

मुंबई, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच शुक्रवार को कीमती धातुओं (सोना और चांदी) में बड़ा उतार-चढ़ाव देखा गया। शुरुआती कारोबार में सोने की कीमतों में तेजी आई, लेकिन बाद में इसमें गिरावट आई। वहीं चांदी ने बढ़त के साथ कारोबार जारी रखा।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर जून डिलीवरी वाला सोना शुक्रवार को 1,53,301 पर खुला और दिन के दौरान 1,52,547 रुपए का इंट्रा-डे लो और 1,53,364 रुपए प्रति 10 ग्राम का हाई बनाया।

वहीं, 5 मई डिलीवरी वाली चांदी 2,50,001 रुपए पर खुलकर 2,48,729 रुपए का लो और 2,50,716 रुपए प्रति किलोग्राम का हाई बनाया।

हालांकि, खबर लिखे जाने तक (सुबह करीब 11.48 बजे) 5 जून डिलीवरी वाला सोना 501 रुपए यानी 0.33 प्रतिशत गिरकर 1,52,651 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। वहीं मई डिलीवरी वाली चांदी 225 रुपए यानी 0.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,48,853 रुपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी।

कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में बाजार का रुख सतर्क रूप से सकारात्मक है और मैक्रो फैक्टर से कुछ समर्थन प्राप्त हो रहा है। फिर भी, मजबूत तेजी के लिए कीमतों को महत्वपूर्ण स्तरों को पार करना आवश्यक है।

चांदी के मामले में भी स्थिति थोड़ी सावधानी भरी है और इसमें स्थायी तेजी के लिए मजबूत संकेतों की आवश्यकता है।

दूसरी ओर, शुक्रवार को रुपया 25 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.95 पर खुला। यह मजबूती उस समय आई जब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सरकारी तेल कंपनियों को डॉलर खरीदने के बजाय विशेष क्रेडिट लाइन का उपयोग करने को कहा, जिससे डॉलर की मांग में कमी आई।

घरेलू मुद्रा ने पिछला सत्र 93.20 पर बंद किया था, लेकिन स्थानीय शेयर बाजार में सुधार और वैश्विक तनाव में कमी की उम्मीदों के चलते यह मजबूत खुला।

हालांकि, वैश्विक बाजार में मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण रुपये की मजबूती पर कुछ दबाव बना रहा।

वैश्विक स्तर पर ब्रेंट क्रूड 1 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 97.99 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 2 प्रतिशत गिरकर 92.91 डॉलर के आसपास रहा।

भू-राजनैतिक मोर्चे पर इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर की खबरों और अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति की उम्मीदों से बाजार का माहौल बेहतर हुआ है।

घरेलू शेयर बाजार में भी सेंसेक्स और निफ्टी सपाट से हल्की बढ़त के साथ खुले, जिससे रुपये को समर्थन मिला।

इस बीच, लेबनान और इज़रायल के बीच गुरुवार से 10 दिन का युद्धविराम लागू हो गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच अगली बैठक सप्ताहांत में हो सकती है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने 20 से अधिक वर्षों तक परमाणु हथियार न रखने की पेशकश की है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोने की कीमतों में गिरावट क्यों आई?
सोने की कीमतों में गिरावट वैश्विक संकेतों के कारण आई है, जहां प्रारंभिक तेजी के बाद बाजार में अस्थिरता देखी गई।
चांदी की कीमतों में बढ़त का कारण क्या है?
चांदी की कीमतों में बढ़त वैश्विक मांग और बाजार के सकारात्मक संकेतों के चलते हुई है।
रुपये की मजबूती का क्या कारण है?
रुपये की मजबूती भारतीय रिजर्व बैंक के द्वारा डॉलर खरीदने पर नियंत्रण के चलते आई है।
क्या वैश्विक बाजार का असर भारतीय बाजार पर पड़ेगा?
हाँ, वैश्विक बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ता है।
क्या सोने और चांदी की कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कीमती धातुओं की कीमतें महत्वपूर्ण स्तरों को पार करती हैं, तो उनमें फिर से तेजी देखी जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले