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Apple Pay भारत में लॉन्च: UPI के दबदबे के बीच iPhone यूज़र्स को मिला NFC कार्ड पेमेंट विकल्प

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Apple Pay भारत में लॉन्च: UPI के दबदबे के बीच iPhone यूज़र्स को मिला NFC कार्ड पेमेंट विकल्प

सारांश

UPI के 80% से अधिक वर्चस्व वाले बाज़ार में Apple Pay की एंट्री एक सीधी टक्कर नहीं, बल्कि एक चतुर इकोसिस्टम दांव है। Axis Bank के 1.62 करोड़ कार्डधारकों से शुरुआत करते हुए Apple अपने प्रीमियम ग्राहकों को OTP-मुक्त, seamless कार्ड पेमेंट का अनुभव देना चाहता है — और नज़रें अब बड़े बैंकों के जुड़ने पर हैं।

मुख्य बातें

Apple Pay ने 30 सितंबर 2026 को भारत में आधिकारिक लॉन्च किया।
शुरुआत में Axis Bank के Visa और Mastercard क्रेडिट कार्ड्स को iPhone , iPad और Apple Watch पर सपोर्ट मिलेगा।
भारत में कुल क्रेडिट कार्ड संख्या 12.2 करोड़ से अधिक; Axis Bank के पास 1.62 करोड़ सक्रिय कार्ड।
UPI देश के डिजिटल भुगतान का 80%+ हिस्सा संभालता है; विशेषज्ञों के अनुसार Apple Pay से UPI की स्थिति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
लेनदेन में PIN और OTP की ज़रूरत नहीं — NFC-आधारित contactless भुगतान सेवा।
कितने बड़े बैंक इस प्लेटफॉर्म से जुड़ते हैं, यही Apple Pay की सफलता का निर्णायक कारक होगा।

Apple Pay ने 30 सितंबर 2026 को भारत में आधिकारिक तौर पर दस्तक दी — ऐसे बाज़ार में जहाँ यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) कुल डिजिटल भुगतान लेनदेन का 80% से अधिक हिस्सा संभालता है। शुरुआती चरण में यह सेवा Axis Bank द्वारा जारी Visa और Mastercard क्रेडिट कार्ड्स को iPhone, iPad और Apple Watch पर सपोर्ट करेगी। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, Apple के लिए यह कदम भारत के प्रीमियम उपभोक्ता वर्ग में अपने इकोसिस्टम को और गहरा करने का एक सुनियोजित प्रयास है।

एप्पल पे कैसे काम करेगा

Apple के अनुसार, यह सेवा स्टोर्स, मोबाइल ऐप्स और वेबसाइटों पर तेज़, सुरक्षित और निजी भुगतान अनुभव देगी। लेनदेन के दौरान न तो PIN दर्ज करना होगा और न ही OTP की आवश्यकता होगी। NFC (नियर फील्ड कम्युनिकेशन) तकनीक पर आधारित यह सेवा उन तमाम ऑफलाइन और ऑनलाइन व्यापारियों के यहाँ स्वीकार की जाएगी जहाँ contactless भुगतान की सुविधा है। कंपनी जल्द ही Mac डिवाइसों पर भी यह सुविधा लाने की योजना बना रही है।

Axis Bank साझेदारी का महत्व

मार्केट रिसर्च फर्म CMR के इंडस्ट्री रिसर्च ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट प्रभु राम के अनुसार, भारत के चौथे सबसे बड़े क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता Axis Bank के साथ यह साझेदारी रणनीतिक रूप से अहम है। बैंक के पास इस समय लगभग 1.62 करोड़ सक्रिय क्रेडिट कार्ड हैं। उन्होंने कहा कि Apple अब अपने ग्राहकों को एकीकृत और सहज भुगतान अनुभव प्रदान करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, और यह लॉन्च कंपनी के हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और सेवाओं के इकोसिस्टम को और मज़बूत करता है।

UPI पर असर कितना?

प्रभु राम ने स्पष्ट किया कि Apple Pay के आने से UPI की स्थिति पर कोई बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है। UPI भारतीय उपभोक्ताओं के रोज़मर्रा के भुगतान का मुख्य आधार बना रहेगा। देश में कुल क्रेडिट कार्ड संख्या 12.2 करोड़ से अधिक हो चुकी है और contactless भुगतान का उपयोग भी तेज़ी से बढ़ रहा है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हुआ है जब कोविड-19 के बाद से NFC-आधारित भुगतान में दो अंकों की दर से वृद्धि दर्ज की गई है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

Counterpoint Research के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक का मानना है कि Apple Pay भारतीय बाज़ार में कार्ड उपयोग को बढ़ावा दे सकता है। उनके अनुसार, checkout के समय OTP की आवश्यकता समाप्त होने से Apple डिवाइस उपयोगकर्ताओं के लिए भुगतान प्रक्रिया कहीं अधिक आसान हो जाएगी। पाठक ने यह भी कहा कि सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह होगा कि आने वाले समय में कितने बड़े बैंक Apple Pay प्लेटफॉर्म से जुड़ते हैं — जितने अधिक बैंक शामिल होंगे, संभावित उपयोगकर्ताओं का दायरा उतनी तेज़ी से बढ़ेगा।

आगे क्या होगा

फिलहाल Apple Pay का लाभ Axis Bank के Visa और Mastercard क्रेडिट कार्ड धारकों तक सीमित है, लेकिन विश्लेषकों की नज़र इस बात पर है कि HDFC Bank, ICICI Bank और SBI Cards जैसे बड़े जारीकर्ता कब इस प्लेटफॉर्म से जुड़ते हैं। प्रीमियम उपयोगकर्ता आधार में गहरी पैठ बनाने की यह कोशिश भारत में Apple की दीर्घकालिक सेवा-राजस्व रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस प्रीमियम क्रेडिट कार्ड सेगमेंट पर दांव है जिसे UPI ने कभी पूरी तरह नहीं लिया। विरोधाभास यह है कि देश में 12.2 करोड़ से अधिक क्रेडिट कार्ड हैं, फिर भी card-on-device भुगतान की पैठ अभी भी सीमित है — Apple इसी खाई को भरना चाहता है। असली परीक्षा यह है कि HDFC, ICICI और SBI Cards जैसे बड़े जारीकर्ता कब तक इस प्लेटफॉर्म पर आते हैं; Axis Bank के साथ शुरुआत प्रतीकात्मक है, लेकिन स्केल के लिए नाकाफी। जब तक बड़े बैंक नहीं जुड़ते, Apple Pay भारत में एक 'प्रीमियम निशे प्रोडक्ट' बना रहेगा — न कि mass-market भुगतान क्रांति।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Apple Pay भारत में कैसे काम करता है?
Apple Pay एक NFC-आधारित डिजिटल भुगतान सेवा है जो iPhone, iPad और Apple Watch पर उपलब्ध है। इससे ग्राहक बिना PIN या OTP दर्ज किए ऑफलाइन और ऑनलाइन व्यापारियों के यहाँ contactless कार्ड पेमेंट कर सकते हैं।
Apple Pay भारत में किन बैंकों और कार्ड्स को सपोर्ट करता है?
फिलहाल Apple Pay केवल Axis Bank द्वारा जारी Visa और Mastercard क्रेडिट कार्ड्स को सपोर्ट करता है। कंपनी के अनुसार, आने वाले समय में अधिक बैंक और कार्ड नेटवर्क इस प्लेटफॉर्म से जोड़े जाने की योजना है।
क्या Apple Pay यूपीआई को चुनौती दे सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, Apple Pay से UPI की स्थिति पर कोई बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है क्योंकि UPI देश के डिजिटल भुगतान का 80% से अधिक संभालता है। Apple Pay मुख्यतः प्रीमियम Apple डिवाइस उपयोगकर्ताओं के लिए कार्ड पेमेंट को सुगम बनाने पर केंद्रित है।
Apple Pay से iPhone यूज़र्स को क्या फ़ायदा होगा?
Counterpoint Research के तरुण पाठक के अनुसार, checkout के समय OTP की आवश्यकता समाप्त होने से भुगतान प्रक्रिया काफी सरल हो जाएगी। इसके अलावा, यह Apple के इकोसिस्टम — iPhone, iPad, Apple Watch और जल्द Mac — में एकीकृत और seamless भुगतान अनुभव देगा।
Apple Pay भारत में कितना बड़ा बाज़ार पकड़ सकता है?
भारत में कुल क्रेडिट कार्ड संख्या 12.2 करोड़ से अधिक है और Axis Bank के पास लगभग 1.62 करोड़ सक्रिय कार्ड हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि HDFC Bank, ICICI Bank जैसे बड़े जारीकर्ता भी इस प्लेटफॉर्म से जुड़ते हैं, तो संभावित उपयोगकर्ताओं का दायरा तेज़ी से विस्तृत हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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