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क्या बैंक ऑफ महाराष्ट्र के ओएफएस को बंपर रिस्पॉन्स मिला?

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क्या बैंक ऑफ महाराष्ट्र के ओएफएस को बंपर रिस्पॉन्स मिला?

सारांश

बैंक ऑफ महाराष्ट्र के ऑफर फॉर सेल ने निवेशकों से अभूतपूर्व रिस्पॉन्स प्राप्त किया है, जिसमें 407 प्रतिशत बोलियां मिली हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि निवेशकों का सरकारी बैंकों में विश्वास बढ़ा है। जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी और इसके प्रभाव क्या हो सकते हैं।

मुख्य बातें

बैंक ऑफ महाराष्ट्र के ओएफएस ने 407 प्रतिशत बोलियां प्राप्त कीं।
सरकार को 2,600 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है।
निवेशकों का बैंकिंग सिस्टम में विश्वास बढ़ा है।
डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट ने ओएफएस का ऐलान किया।
नॉन-रिटेल सेगमेंट में घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशक शामिल हैं।

नई दिल्ली, 2 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। बैंक ऑफ महाराष्ट्र के ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) को निवेशकों से एक अद्भुत रिस्पॉन्स प्राप्त हुआ है, जिसमें नॉन-रिटेल सेगमेंट के लिए 407 प्रतिशत बोलियां मिली हैं। यह जानकारी मंगलवार को सरकार द्वारा साझा की गई।

वित्तीय सेवा विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में बताया, "बाजार में मिले उत्कृष्ट रिस्पॉन्स के लिए बैंक ऑफ महाराष्ट्र को बधाई। 1 प्रतिशत के अतिरिक्त ग्रीन शू ऑप्शन के साथ 5 प्रतिशत की सरकारी हिस्सेदारी बिक्री के लिए लाए गए ओएफएस के नॉन-रिटेल सेगमेंट को 407 प्रतिशत बोलियां मिली हैं। यह सरकारी बैंकों और भारत के बैंकिंग सिस्टम में निवेशकों का बढ़ता विश्वास दर्शाता है।"

डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (दीपम) ने सोमवार को ऐलान किया था कि सरकार बैंक ऑफ महाराष्ट्र में ओएफएस के जरिए 6 प्रतिशत की इक्विटी बेचेगी।

नॉन-रिटेल सेगमेंट निवेशकों के लिए मंगलवार को खुल गया था। इसमें मुख्यतः घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशक शामिल होते हैं। रिटेल सेगमेंट के लिए ओएफएस बुधवार को खुलने वाला है।

सरकार द्वारा बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हिस्सेदारी बेचने का कारण भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) का नियम है, जिसके तहत कोई भी प्रमोटर किसी भी सूचीबद्ध कंपनी में 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी नहीं रख सकता। वर्तमान में की केंद्र सरकार की बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हिस्सेदारी 79.60 प्रतिशत है।

ओएफएस के तहत कंपनी द्वारा जुटाया गया पैसा सीधे प्रमोटर के पास जाता है। इस कारण बैंक ऑफ महाराष्ट्र में लगभग 6 प्रतिशत की हिस्सेदारी बिक्री से सरकार को करीब 2,600 करोड़ रुपए मिलने की संभावना है।

बैंक ऑफ महाराष्ट्र का शेयर सत्र के अंत में 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57.50 रुपए पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में शेयर में लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। पिछले छह महीने में शेयर का प्रदर्शन लगभग सपाट रहा है। इस वर्ष की शुरुआत से अब तक शेयर ने निवेशकों को 9 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की मजबूती को दर्शाता है। सरकार द्वारा एक रणनीतिक निर्णय लेने से न केवल सरकारी बैंकों में हिस्सेदारी बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त होता है, बल्कि इससे बाजार में भी सकारात्मक संकेत मिलता है। यह कदम निवेशकों के लिए संभावनाओं के नए दरवाजे खोलता है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बैंक ऑफ महाराष्ट्र का ओएफएस कब खुला?
बैंक ऑफ महाराष्ट्र का ओएफएस नॉन-रिटेल सेगमेंट के लिए मंगलवार को खुला था।
ओएफएस के तहत सरकार को कितना धन मिलने की उम्मीद है?
ओएफएस के तहत लगभग 6 प्रतिशत की हिस्सेदारी बिक्री से सरकार को करीब 2,600 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र में वर्तमान में सरकार की हिस्सेदारी क्या है?
वर्तमान में केंद्र सरकार की बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हिस्सेदारी 79.60 प्रतिशत है।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र के शेयर का प्रदर्शन कैसा रहा है?
बैंक ऑफ महाराष्ट्र का शेयर हाल में 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ है।
ओएफएस में कौन से निवेशक शामिल होते हैं?
ओएफएस के नॉन-रिटेल सेगमेंट में मुख्यतः घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशक शामिल होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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