क्या भारत-ईयू ट्रेड डील से 75 अरब डॉलर के निर्यात के अवसर खुलेंगे, 99 प्रतिशत सामानों को मिलेगी ड्यूटी फ्री एंट्री?
सारांश
Key Takeaways
- 75 अरब डॉलर के निर्यात के अवसर उपलब्ध होंगे।
- ईयू की 9,425 लाइनों पर टैरिफ खत्म होगा।
- 99 प्रतिशत भारतीय निर्यात को ड्यूटी फ्री एंट्री मिलेगी।
- छात्रों को नौ महीने का गारंटीड वीजा मिलेगा।
- साझा समृद्धि का एक नया ब्लूप्रिंट होगा।
नई दिल्ली, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत और यूरोपीय यूनियन (ईयू) के बीच होने वाली व्यापार डील से विश्व की दूसरी और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के बीच सहयोग के नए मार्ग प्रशस्त होंगे और इससे पूरे वैश्विक समुदाय को लाभ होगा। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इसे मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील बताया।
इस पोस्ट में उल्लेख किया गया कि इससे 75 अरब डॉलर (6.41 लाख करोड़ रुपए) के निर्यात के अवसर खुलेंगे। ईयू की 9,425 लाइनों पर भारतीय निर्यात के लिए टैरिफ खत्म होगा।
यह डील भारतीय मैन्युफैक्चरर्स और एमएसएमई के लिए नए अवसर उत्पन्न करेगी और यूरोप के उच्च मूल्य वाले ग्राहकों तक सीधी पहुँच प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए पोस्टर में आगे बताया गया है कि इस व्यापार डील से भारतीय निर्यात के मूल्य के 99 प्रतिशत हिस्से को ईयू में ड्यूटी फ्री एंट्री प्राप्त होगी।
इस समझौते के तहत भारत को यूरोप के आईटी, फाइनेंशियल और शिक्षा जैसे उप-क्षेत्रों तक पहुँच मिलेगी।
यह समझौता छात्रों के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर लेकर आया है। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि इस डील के तहत छात्रों को शिक्षा के बाद नौ महीने का गारंटीड वीज़ा मिलेगा।
इस समझौते के माध्यम से ईयू और भारत एआई, क्लीन टेक और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूती देंगे।
भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह एफटीए केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का एक नया ब्लूप्रिंट है।
प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, यह ऐतिहासिक समझौता हमारे किसानों और छोटे उद्योगों के लिए यूरोपीय मार्केट तक पहुँच को आसान बनाएगा, मैन्युफैक्चरिंग में नए अवसर उत्पन्न करेगा और हमारे सर्विसेज सेक्टर के बीच सहयोग को और मजबूत करेगा।