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क्या भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 10 वर्षों में 133 अरब डॉलर तक पहुंचा?

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क्या भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 10 वर्षों में 133 अरब डॉलर तक पहुंचा?

सारांश

भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 2014-15 से बढ़कर 133 अरब डॉलर हो गया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 'मेक इन इंडिया' पहल के अंतर्गत इस महत्वपूर्ण वृद्धि की जानकारी दी। इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे देश की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का विस्तार हो रहा है।

मुख्य बातें

भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 133 अरब डॉलर तक पहुँच गया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में 47% की वृद्धि हुई है।
मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की संख्या 300 से अधिक हो गई है।
सरकार ने आत्मनिर्भरता के लिए कई प्रयास किए हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।

नई दिल्ली, 17 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि 'मेक इन इंडिया' पहल को एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन देते हुए, भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 2014-15 से प्रारंभ होकर एक दशक में 31 अरब डॉलर से बढ़कर 133 अरब डॉलर तक पहुँच गया है।

मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से साझा किया कि 2025-26 की पहली तिमाही में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में 2024-25 की इसी तिमाही की तुलना में 47 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई है।

उन्होंने आगे बताया, "हमारी सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई प्रयास किए हैं। परिणामस्वरूप, 2014 में हमारी केवल दो मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट थीं, जो अब 300 से अधिक हो गई हैं।"

मोबाइल आयातक से दुनिया के दूसरे सबसे बड़े मोबाइल फोन निर्माता बनने का सफर बेहद शानदार रहा है।

केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा, "इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र ने सौर मॉड्यूल, नेटवर्किंग उपकरण, चार्जर एडेप्टर और इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी उत्पन्न किए हैं, जो हमारे निर्यात को मज़बूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।"

इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) द्वारा संकलित नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 12.4 अरब डॉलर तक पहुँच गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 8.43 अरब डॉलर था। इस गति के साथ, उद्योग निकाय का अनुमान है कि वित्त वर्ष के अंत तक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 46-50 अरब डॉलर तक पहुँचने की उम्मीद है।

सबसे अच्छा प्रदर्शन मोबाइल फोन सेगमेंट का रहा, जो 55 प्रतिशत बढ़कर वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही के 4.9 अरब डॉलर से वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में अनुमानित 7.6 अरब डॉलर हो गया।

गैर-मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में भी ठोस वृद्धि दर्ज की गई, जो 3.53 अरब डॉलर से बढ़कर अनुमानित 4.8 अरब डॉलर हो गया, जो कि 36 प्रतिशत की वृद्धि है। इसमें सौर मॉड्यूल, स्विचिंग और रूटिंग उपकरण, चार्जर एडेप्टर और पुर्जे और घटक जैसे प्रमुख उत्पाद सेगमेंट शामिल हैं।

पिछले एक दशक में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ऐतिहासिक बदलाव आया है। यह वृद्धि फेज्ड मैन्युफैक्चरिंग प्रोग्राम (पीएमपी), उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं और राज्य-उद्योग के बीच मजबूत सहयोग जैसे सुनियोजित नीतिगत हस्तक्षेपों के कारण संभव हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह रोजगार के अवसरों और निर्यात में वृद्धि के लिए भी लाभदायक है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन कितना बढ़ा है?
भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 2014-15 से बढ़कर 133 अरब डॉलर हो गया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में कितनी वृद्धि हुई है?
इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में 2024-25 की पहली तिमाही की तुलना में 47 प्रतिशत वृद्धि हुई है।
मेक इन इंडिया पहल का क्या योगदान है?
यह पहल भारत को मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
2025-26 की पहली तिमाही में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात कितना था?
2025-26 की पहली तिमाही में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 12.4 अरब डॉलर था।
मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में भारत ने क्या हासिल किया है?
भारत अब मोबाइल फोन का दूसरा सबसे बड़ा निर्माता बन गया है, जहाँ मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स 300 से अधिक हो गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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