क्या भारत की ग्रोथ स्टोरी मजबूत है? पूंजीगत बाजारों का आकार 5 ट्रिलियन डॉलर पहुंचा : दीपम सचिव

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क्या भारत की ग्रोथ स्टोरी मजबूत है? पूंजीगत बाजारों का आकार 5 ट्रिलियन डॉलर पहुंचा : दीपम सचिव

सारांश

भारत के पूंजी बाजार ने 5 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा पार किया है, जबकि डीमैट खातों की संख्या 20 करोड़ हो गई है। सचिव अरुणीश चावला की टिप्पणी में यह स्पष्ट होता है कि सरकार और निजी क्षेत्र के बीच एक मजबूत साझेदारी है। जानें इस सम्मेलन में क्या हुआ और इसके निहितार्थ क्या हैं।

Key Takeaways

  • भारत के पूंजी बाजार 5 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े तक पहुँचे।
  • डीमैट खातों की संख्या 20 करोड़ को पार कर गई।
  • सरकार और निजी क्षेत्र के बीच मजबूत साझेदारी।
  • 47,000 करोड़ रुपए का परिसंपत्ति मुद्रीकरण कार्यक्रम।
  • सीएपीएएम सम्मेलन में 500 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।

मुंबई, 21 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव अरुणीश चावला ने गुरुवार को बताया कि भारत के पूंजी बाजार पिछले महीने 5 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े तक पहुँच गए हैं और जुलाई में देश में डीमैट खातों की संख्या 20 करोड़ को पार कर गई है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह भारत की ग्रोथ स्टोरी की सशक्त तस्वीर को दिखाता है और सरकार एवं निजी क्षेत्र के बीच एक मजबूत साझेदारी को दर्शाता है।

चावला ने फिक्की के वार्षिक पूंजी बाजार सम्मेलन (सीएपीएएम 2025) के 22वें संस्करण में बोलते हुए कहा कि सरकार ने पूंजी बाजारों को एकीकृत तरीके से मजबूती प्रदान करने के लिए एक समग्र विकास और परिसंपत्ति प्रबंधन रणनीति विकसित की है।

उन्होंने आगे बताया कि हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक उद्यमों द्वारा सृजित मूल्य को परिवारों और अल्पसंख्यक शेयरधारकों के साथ समान रूप से साझा किया जाए।

चावला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए पूंजी बाजार की भूमिका पर जानकारी दी।

उन्होंने कहा, "हमारी अर्थव्यवस्था सार्वजनिक और निजी दोनों उद्यमों के साथ मिलकर तेजी से आगे बढ़ रही है। निवेशकों की मजबूत भागीदारी गति बढ़ाने में मदद कर रही है।"

परिसंपत्ति मुद्रीकरण कार्यक्रम के बारे में, चावला ने कहा कि इसे साल-दर-साल के बजाय पांच साल की रणनीति के रूप में योजनाबद्ध किया गया है। चालू वित्त वर्ष के लिए, लक्ष्य 47,000 करोड़ रुपए निर्धारित किया गया है।

उन्होंने कहा, "हमने पहली तिमाही में लगभग 22,000 करोड़ रुपए हासिल कर लिए हैं। हम शेष वर्ष के लिए कड़ी मेहनत करते रहेंगे और समग्र रणनीति को आगे बढ़ाएंगे।"

फिक्की की पूंजी बाजार समिति द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में संस्थानिक निवेशकों, मर्चेंट बैंकरों और अनुसंधान संस्थानों सहित 500 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया है।

सुनील संघाई, समिति के अध्यक्ष और संस्थापक नोवावन कैपिटल के सीईओ ने कहा कि सीएपीएएम अब देश का सबसे बड़ा पूंजी बाजार सम्मेलन बन गया है।

Point of View

बल्कि यह निजी क्षेत्र की भागीदारी और निवेशकों की बढ़ती रुचि का भी संकेत है। यह एक सकारात्मक आर्थिक संकेत है जो देश की समृद्धि की दिशा में एक कदम और बढ़ाता है।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

भारत के पूंजी बाजारों का आकार कितना है?
भारत के पूंजी बाजारों का आकार हाल ही में 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच गया है।
डीमैट खातों की संख्या कितनी है?
भारत में डीमैट खातों की संख्या 20 करोड़ को पार कर गई है।
दीपम सचिव ने क्या कहा?
दीपम सचिव अरुणीश चावला ने भारत की आर्थिक मजबूती और पूंजी बाजारों के विकास पर अपने विचार साझा किए।
सीएपीएएम सम्मेलन कब हुआ?
सीएपीएएम सम्मेलन हाल ही में मुंबई में आयोजित किया गया था।
सरकार का लक्ष्य क्या है?
सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक उद्यमों द्वारा सृजित मूल्य सभी नागरिकों के साथ साझा किया जाए।
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