27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर वृद्धि के लिए तैयार है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर वृद्धि के लिए तैयार है?

सारांश

भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर गति से बढ़ने के लिए तैयार है। 2026 और 2027 में जीडीपी ग्रोथ 6.5% और 6.4% रहने का अनुमान है। डीबीएस बैंक की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए, यह जानकारी महत्वपूर्ण है। जानिए इसका अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा।

मुख्य बातें

भारत की जीडीपी ग्रोथ 2026 में 6.5% और 2027 में 6.4% रहने का अनुमान।
महंगाई में धीरे-धीरे वृद्धि की संभावना।
आरबीआई रेपो रेट को स्थिर रख सकता है।
वैश्विक बॉंड यील्ड में कमी की संभावना।
अर्थव्यवस्था में स्थिरता का संकेत।

नई दिल्ली, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत की अर्थव्यवस्था आगामी वर्षों में स्थिर गति से बढ़ती रहेगी। 2026 में देश की जीडीपी ग्रोथ 6.5 प्रतिशत और 2027 में 6.4 प्रतिशत रहने की संभावना है। इससे भारत विश्व की सबसे तेजी से विकसित हो रही बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहेगा। यह बात मंगलवार को जारी की गई डीबीएस बैंक की रिपोर्ट में कही गई।

डीबीएस बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, खुदरा महंगाई (सीपीआई) 2025 में 2.2 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 3.5 प्रतिशत और 2027 में 4.5 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इसका अर्थ है कि कीमतें धीरे-धीरे सामान्य स्तर पर लौट सकती हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) 2026 और 2027 के दौरान नीतिगत ब्याज दर (रेपो रेट) को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रख सकता है। इससे यह संकेत मिलता है कि देश की मौद्रिक नीति स्थिर बनी रहेगी।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वैश्विक ब्याज दरों में अस्थिरता के बावजूद, भारत के 10 वर्षीय सरकारी बॉंड यील्ड में धीरे-धीरे कमी आ सकती है। यह 2026 की शुरुआत में 6.60 प्रतिशत से घटकर 2027 के अंत तक 6.40 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

पिछले हफ्ते वैश्विक बॉंड बाजारों में बड़ी हलचल देखी गई, और विकसित देशों में बॉंड यील्ड कई दशकों के सर्वोच्च स्तर तक पहुंच गई थी।

हालांकि, डीबीएस बैंक का मानना है कि यह गिरावट किसी बड़े संकट का संकेत नहीं, बल्कि बाजार का सामान्य स्थिति में लौटना है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह गिरावट भले ही चिंता पैदा करे, लेकिन इससे किसी आर्थिक संकट का खतरा नहीं दिखता।

जापान को छोड़कर अन्य विकसित बाजारों में बढ़ी हुई बॉंड यील्ड को भी बाजार की स्थिति सामान्य होने का संकेत माना गया है। बैंक के अनुसार, केंद्रीय बैंकों की विश्वसनीयता और सरकार व केंद्रीय बैंक के बीच तालमेल बाजार को स्थिर बनाए रख सकता है।

रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व 27-28 जनवरी को होने वाली एफओएमसी बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। इससे पहले फेड तीन बार ब्याज दरों में कटौती कर चुका है।

डीबीएस बैंक ने कहा कि फेड का यह निर्णय राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ रुख दिखाने के लिए नहीं होगा, बल्कि केंद्रीय बैंक पहले की गई कटौतियों के असर और महंगाई के जोखिम का आकलन करना चाहता है।

अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि वहां नौकरियों की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है, लेकिन बेरोजगारी दर अभी भी कम है और लोगों की आय बढ़ रही है, जिससे अर्थव्यवस्था को सहारा मिल रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह मानना चाहिए कि भारत की अर्थव्यवस्था स्थिरता की ओर बढ़ रही है। रिपोर्ट में दी गई जानकारी से यह स्पष्ट होता है कि मौद्रिक नीति स्थिर बनी रहेगी और यह देश की आर्थिक स्थिति को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की जीडीपी ग्रोथ 2027 में कितनी होगी?
2027 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
डीबीएस बैंक की रिपोर्ट में क्या कहा गया है?
डीबीएस बैंक की रिपोर्ट में भारत की स्थिर आर्थिक वृद्धि और महंगाई के बढ़ने की संभावना का उल्लेख किया गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक रेपो रेट कब तक स्थिर रख सकता है?
भारतीय रिजर्व बैंक 2026 और 2027 के दौरान रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रख सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले