क्या भारत में बढ़ रहा है दुनिया का विश्वास, वैश्विक कंपनियां कर रहीं विस्तार? : अश्विनी वैष्णव
सारांश
Key Takeaways
- भारत में वैश्विक कंपनियों का विश्वास बढ़ रहा है।
- मार्सक और हनीवेल जैसे बड़े नाम भारत में निवेश कर रहे हैं।
- सेमीकंडक्टर में सहयोग भारत की दीर्घकालिक प्रौद्योगिकी योजनाओं का हिस्सा है।
- सिंगापुर भारत में डिजिटल और भौतिक अवसंरचना में निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है।
- वैश्विक लीडर्स भारत को एक विश्वसनीय भागीदार मानते हैं।
दावोस, २२ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पूरी दुनिया में भारत के प्रति विश्वास तेजी से बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां एवं निवेशक भारत में अपने ऑपरेशंस का विस्तार कर रहे हैं।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की साइडलाइन में हुई बैठक में वैष्णव ने बताया कि भारत की विकास यात्रा, सुधार और भविष्य के लिए तैयार इन्फ्रास्ट्रक्चर वैश्विक लीडर्स का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि दावोस में हुई चर्चाओं से यह स्पष्ट हुआ कि वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भारत को एक भरोसेमंद और विश्वसनीय भागीदार के रूप में देखा जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वैश्विक लॉजिस्टिक्स कंपनी मार्सक भारत के साथ जहाजरानी, बंदरगाहों और रेलवे सहित लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से बातचीत कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि चर्चा में सेमीकंडक्टर से संबंधित सामग्रियों में सहयोग पर भी बात हुई, जो भारत के दीर्घकालिक विनिर्माण और प्रौद्योगिकी लक्ष्यों के लिए महत्वपूर्ण है।
वैष्णव ने कहा, “मार्सक भारत के साथ जहाजरानी, बंदरगाहों, रेलवे और सेमीकंडक्टर सामग्रियों सहित लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा है।”
केंद्रीय मंत्री ने बताया, “हनीवेल भारत के साथ रेलवे आधुनिकीकरण में साझेदारी कर रहा है और वह भारत में अपने विनिर्माण कार्यों का विस्तार करने के लिए उत्सुक है।”
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका स्थित प्रौद्योगिकी कंपनी हनीवेल भारत के साथ रेलवे आधुनिकीकरण में सहयोग में रुचि दिखा रही है।
निवेशकों की रुचि के बारे में बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टेमासेक के अध्यक्ष टीओ ची हीन ने भारत में टेमासेक की उपस्थिति बढ़ाने की स्पष्ट इच्छा व्यक्त की है।
उन्होंने आगे कहा कि सिंगापुर भारत के भौतिक और डिजिटल अवसंरचना, साथ ही डीप-टेक स्टार्टअप्स में निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो भारत की आर्थिक बुनियाद में दीर्घकालिक विश्वास को दर्शाता है।
वैष्णव ने कहा, “एआई, रोबोटिक्स और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अग्रणी विशेषज्ञों के साथ चर्चा ने भारत के विश्वसनीय मूल्य-श्रृंखला भागीदार के रूप में उभरने को दर्शाया है।”