क्या भारतीय रेलवे ने 2,626 स्टेशनों पर 898 मेगावाट सौर ऊर्जा का उपयोग किया है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या भारतीय रेलवे ने 2,626 स्टेशनों पर 898 मेगावाट सौर ऊर्जा का उपयोग किया है?

सारांश

भारतीय रेलवे ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है, जिसमें अब 2,626 स्टेशनों पर 898 मेगावाट सौर ऊर्जा का उपयोग किया जा रहा है। यह पहल न केवल बिजली खर्च को कम करती है, बल्कि पर्यावरण को भी सुरक्षा प्रदान करती है।

मुख्य बातें

भारतीय रेलवे ने 898 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए हैं।
2,626 रेलवे स्टेशन सौर ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं।
2014 से सौर ऊर्जा का उपयोग 244 गुना बढ़ा है।
629 मेगावाट ऊर्जा ट्रेनों को चलाने के लिए उपयोग हो रही है।
2030 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य है।

नई दिल्ली, 17 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय रेलवे ने स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है। इस वर्ष के नवंबर माह तक, रेलवे ने अपने संचालन के लिए 898 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर लिए हैं।

वर्ष 2014 में, रेलवे का सौर ऊर्जा उपयोग केवल 3.68 मेगावाट था, जो अब बढ़कर 898 मेगावाट हो गया है। इस अवधि में सौर ऊर्जा का उपयोग लगभग 244 गुना बढ़ा है।

रेल मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में देशभर के 2,626 रेलवे स्टेशन सौर ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं। इससे रेलवे के बिजली खर्च में कमी आई है और पर्यावरण को भी कम हानि हो रही है।

रेलवे ने यह भी बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में सौर ऊर्जा के उपयोग की गति और तेज हुई है। नवंबर तक 318 नए रेलवे स्टेशन सौर ऊर्जा नेटवर्क से जोड़े गए हैं, जिससे कुल संख्या 2,626 हो गई है।

कुल सौर ऊर्जा में से 629 मेगावाट का उपयोग ट्रेनों को संचालित करने के लिए किया जा रहा है, जिससे सीधे इलेक्ट्रिक ट्रेनों को बिजली मिलती है। शेष 269 मेगावाट का उपयोग स्टेशन की रोशनी, वर्कशॉप, सर्विस बिल्डिंग और रेलवे कॉलोनियों के लिए किया जा रहा है।

सौर ऊर्जा का यह संतुलित उपयोग सामान्य बिजली पर निर्भरता को कम करता है और रेलवे के संचालन को अधिक कुशल बनाता है।

मंत्रालय के अनुसार, रेलवे स्टेशनों, इमारतों और रेलवे की जमीन पर लगाए गए सोलर प्लांट भारतीय रेलवे की बढ़ती बिजली आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं। इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो रही है और प्रदूषण में कमी आ रही है। यह पहल दर्शाती है कि भारतीय रेलवे 2030 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस बीच, भारतीय रेलवे की वंदे भारत एक्सप्रेस ने फरवरी 2019 में शुरू होने के बाद से भारत में रेल यात्रा की परिभाषा बदल दी है। आज देश के बड़े शहरों को जोड़ने वाली 164 वंदे भारत ट्रेन सेवाएं संचालित हो रही हैं।

ये ट्रेनें यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव प्रदान करती हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस की लोकप्रियता इस बात से स्पष्ट है कि 2019 से अब तक 7.5 करोड़ से अधिक यात्री इस हाईटेक ट्रेन में सफर कर चुके हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय रेलवे ने कितनी सौर ऊर्जा संयंत्र शुरू किए हैं?
भारतीय रेलवे ने 898 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र शुरू किए हैं।
कितने रेलवे स्टेशन सौर ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं?
वर्तमान में 2,626 रेलवे स्टेशन सौर ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं।
भारतीय रेलवे का सौर ऊर्जा उपयोग किस वर्ष से बढ़ा है?
साल 2014 में भारतीय रेलवे का सौर ऊर्जा उपयोग केवल 3.68 मेगावाट था।
सौर ऊर्जा से रेलवे को क्या लाभ हो रहा है?
सौर ऊर्जा के उपयोग से रेलवे के बिजली खर्च में कमी आ रही है और पर्यावरण को भी कम नुकसान हो रहा है।
वंदे भारत एक्सप्रेस की लोकप्रियता का क्या कारण है?
वंदे भारत एक्सप्रेस की तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा की वजह से इसकी लोकप्रियता बढ़ी है।
राष्ट्र प्रेस