क्या भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन लाल निशान में खुला है?

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क्या भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन लाल निशान में खुला है?

सारांश

आज भारतीय शेयर बाजार ने लगातार दूसरे दिन लाल निशान में शुरुआत की है। ऑयल एंड गैस शेयरों में गिरावट के चलते प्रमुख बेंचमार्कों में कमी आई है। जानें इस पर विशेषज्ञों की राय और बाजार की स्थिति।

Key Takeaways

  • भारतीय शेयर बाजार आज लाल निशान में खुला।
  • ऑयल एंड गैस क्षेत्र में गिरावट का असर बाजार पर पड़ा।
  • निफ्टी 60.6 अंक गिरकर खुला।
  • सेंसेक्स में भी गिरावट देखी गई।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में हल्की तेजी आ सकती है।

मुंबई, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वैश्विक बाजार के मिश्रित संकेतों के बीच, आज सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन, मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने लगातार दूसरे ट्रेडिंग सेशन में लाल निशान में शुरुआत की। इस दौरान ऑयल एंड गैस शेयरों में कमजोरी के कारण घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों ने गिरावट के साथ कारोबार किया।

इस क्रम में, निफ्टी50 पिछले दिन के बंद स्तर से 60.6 अंक की कमी के साथ 26,189.70 पर खुला। वहीं, सेंसेक्स 108.48 अंक गिरकर 85,331.14 पर खुला।

जब तक यह खबर लिखी गई, बीएसई सेंसेक्स 198.80 अंक यानी 0.23 प्रतिशत गिरकर 85,240.82 पर ट्रेड कर रहा था, और एनएसई निफ्टी 50.35 अंक या 0.19 प्रतिशत की कमी के साथ 26,199.95 पर कारोबार कर रहा था।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी स्मॉलकैप 0.17 प्रतिशत की वृद्धि में रहा, जबकि निफ्टी मिडकैप लगभग सपाट कारोबार करता दिखा।

सेक्टर के लिहाज से देखें तो, निफ्टी ऑयल एंड गैस में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ और इसमें 1.36 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी मेटल सेक्टर में 0.95 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।

सेंसेक्स पैक में आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और टेक महिंद्रा सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे। वहीं, ट्रेंट, रिलायंस और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (टीएमपीवी) के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

इसी प्रकार, एनएसई पर एचडीएफसी लाइफ, हिंडाल्को और अपोलो हॉस्पिटल्स टॉप गेनर्स में शामिल रहे। जबकि ट्रेंट, रिलायंस और टीएमपीवी यहां भी टॉप लूजर्स में शामिल रहे।

पीएल कैपिटल के हेड एडवाइजरी विक्रम कासट ने बताया कि वेनेजुएला अभी भी एक प्रमुख जोखिम बना हुआ है, लेकिन यह पोर्टफोलियो के लिए बड़ा खतरा नहीं है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका में निजी क्षेत्र में रोजगार वृद्धि की हालिया मजबूती से संकेत मिलता है कि वर्ष 2026 की ओर बढ़ते हुए वहां की अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में है। हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में अमेरिका की बेरोजगारी दर घटकर करीब 4.5 प्रतिशत तक आ सकती है।

एक्सपर्ट ने आगे कहा कि निफ्टी इस समय 26,250.30 के स्तर पर है। यदि यह 26,200 के ऊपर बना रहता है तो इसमें हल्की तेजी के साथ 26,350 तक की वापसी देखने को मिल सकती है। वहीं, यदि यह स्तर टूटता है तो निफ्टी 26,100 की ओर फिसल सकता है। डेरिवेटिव बाजार में पीसीआर 1.53 पर है, जो एक्सपायरी के दौरान सीमित उतार-चढ़ाव का संकेत देता है। आरएसआई करीब 54 के आसपास बना हुआ है, जो दिन के कारोबार में तटस्थ से हल्का सकारात्मक रुख दिखाता है।

देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) एसबीआई म्यूचुअल फंड ने अपने करीब 12,500 करोड़ रुपए के मेगा आईपीओ के लिए कथित तौर पर 9 बैंकरों को नियुक्त किया है, जिसके 2026 की पहली छमाही में आने की उम्मीद है।

Point of View

भारतीय शेयर बाजार की वर्तमान स्थिति को समझना महत्वपूर्ण है। वैश्विक संकेतों के बीच, बाजार में गिरावट एक चिंता का विषय है। हमें यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह स्थिति कैसे बदलती है।
NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के कारण क्या हैं?
गिरावट के मुख्य कारणों में ऑयल एंड गैस शेयरों में कमजोरी और वैश्विक बाजार के मिश्रित संकेत शामिल हैं।
निफ्टी और सेंसेक्स के वर्तमान स्तर क्या हैं?
निफ्टी50 वर्तमान में 26,199.95 पर और सेंसेक्स 85,240.82 पर ट्रेड कर रहा है।
क्या आने वाले समय में बाजार में सुधार की उम्मीद है?
विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी 26,200 के ऊपर बना रहता है तो हल्की तेजी देखने को मिल सकती है।
ओयल एंड गैस क्षेत्र में गिरावट का क्या असर होगा?
यह गिरावट अन्य क्षेत्रों पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है और निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकती है।
क्या एसबीआई म्यूचुअल फंड का आईपीओ बाजार में बदलाव ला सकता है?
यदि यह सफल होता है, तो यह बाजार में सकारात्मकता ला सकता है और निवेशकों का विश्वास बढ़ा सकता है।
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