क्या कैपेक्स में सुधार से डिफेंस और कैपिटल गुड्स सेक्टर की कमाई में वृद्धि होगी?
सारांश
Key Takeaways
- कैपेक्स में सुधार से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
- डिफेंस सेक्टर को सबसे ज्यादा लाभ होगा।
- निजी कंपनियों में निवेश की वृद्धि हो रही है।
- इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकारी खर्च जारी है।
- हाउसिंग सेक्टर को सहारा मिल रहा है।
नई दिल्ली, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत में पूंजीगत खर्च यानी कैपेक्स में फिर से बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दो से तीन वर्षों में निवेश से जुड़े कई क्षेत्रों में अच्छी बढ़त देखने को मिल सकती है।
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की इंडिया इक्विटी स्ट्रैटेजी 2026 रिपोर्ट के अनुसार, देश की आर्थिक स्थिति में सुधार, सरकारी नीतियों का समर्थन, और कंपनियों तथा आम जनता द्वारा बढ़ता निवेश कैपेक्स की वापसी की मजबूत नींव बना रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अब निवेश केवल सरकार तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी कंपनियां भी धीरे-धीरे निवेश करने लगी हैं, जो अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
इस निवेश वृद्धि से डिफेंस सेक्टर को सबसे ज्यादा लाभ मिलने की उम्मीद है। रक्षा बजट में बढ़ोतरी, नए ऑर्डर की अधिकता, और आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम के तहत देश में रक्षा सामान के निर्माण (स्वदेशीकरण) पर जोर से डिफेंस कंपनियों की कमाई आने वाले वर्षों में मजबूत रह सकती है।
इसके अलावा, डिफेंस सेक्टर में निर्यात के अवसर भी बढ़ रहे हैं, जिससे इसकी विकास दर और तेज हो सकती है।
कैपिटल गुड्स कंपनियों की कमाई में भी तेजी से सुधार की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार, इन कंपनियों को नए ऑर्डर मिल रहे हैं और उनकी फैक्ट्रियां पहले से ही अच्छी क्षमता पर चल रही हैं। इस स्थिति में थोड़ी सी बिक्री वृद्धि पर भी मुनाफा तेजी से बढ़ सकता है।
वहीं, इस क्षेत्र के कुछ हिस्सों में इन कंपनियों के शेयरों की कीमतें पहले गिर गई थीं, जिससे अब निवेश के अच्छे मौके बन रहे हैं।
औद्योगिक और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियों को भी लाभ होगा। भारत में निवेश के बढ़ने के साथ-साथ दुनिया की बड़ी कंपनियां अब चीन पर निर्भरता कम करना चाहती हैं और भारत को एक अच्छे मैन्युफैक्चरिंग केंद्र के रूप में देख रही हैं।
इस बदलाव से मशीनों, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमेशन से जुड़ी सेवाओं की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार का इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च लगातार जारी है, लेकिन निजी निवेश की वापसी एक बड़ा सकारात्मक बदलाव है। इससे सड़क, रेलवे, बिजली और शहरी विकास से जुड़ी कंपनियों को विशेष लाभ मिलेगा।
कम ब्याज दरें, घर खरीदने में आसानी और लोगों का बढ़ता निवेश हाउसिंग सेक्टर को भी सहारा दे रहा है। इससे रियल एस्टेट कंपनियों और सीमेंट व निर्माण सामग्री बनाने वाली कंपनियों को लाभ हो सकता है।
आमतौर पर ये क्षेत्र कैपेक्स चक्र के बाद के चरण में तेजी पकड़ते हैं, लेकिन जब काम तेजी से शुरू होता है, तो इनमें विकास भी तेजी से होती है।