सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को ₹296 करोड़ का इनकम टैक्स डिमांड नोटिस मिला

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सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को ₹296 करोड़ का इनकम टैक्स डिमांड नोटिस मिला

सारांश

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने ₹296.08 करोड़ का इनकम टैक्स डिमांड नोटिस प्राप्त किया। बैंक ने इस नोटिस को चुनौती देने का निर्णय लिया है, और उसके पास मजबूत कानूनी आधार है।

Key Takeaways

  • सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को ₹296.08 करोड़ का डिमांड नोटिस मिला है।
  • बैंक ने इस डिमांड को चुनौती देने का निर्णय लिया है।
  • बैंक का कहना है कि उसे इस नोटिस से कोई वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा।
  • अपील दायर करने की प्रक्रिया पहले से शुरू की जा चुकी है।
  • बैंक को उम्मीद है कि मामला उसके पक्ष में सुलझ जाएगा।

नई दिल्ली, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सरकारी क्षेत्र के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से ₹296.08 करोड़ का डिमांड नोटिस प्राप्त हुआ है। यह जानकारी मंगलवार को बैंक ने एक्सचेंज को दी।

बैंक ने अपनी एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि इनकम टैक्स ने इस नोटिस में वित्त वर्ष 2024-25 में कम टैक्स भुगतान का आरोप लगाया है।

इसके अलावा, बैंक ने बताया कि उसे इनकम टैक्स एक्ट से संबंधित सेक्शन के तहत 28 मार्च, 2026 को मूल्यांकन आदेश प्राप्त हुआ है।

इस आदेश में टैक्स अधिकारियों द्वारा की गई कुछ कटौतियों और अतिरिक्त राशियों का उल्लेख है, जिसके कारण यह डिमांड नोटिस जारी किया गया है।

बैंक ने कहा, “इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की मूल्यांकन इकाई द्वारा 28 मार्च, 2026 को जारी ₹296.08 करोड़ की डिमांड नोटिस इनकम टैक्स पोर्टल पर अपलोड की गई थी, जिसे बैंक ने 30 मार्च, 2026 को देखा।”

बैंक ने स्पष्ट किया है कि वह इस आकलन से सहमत नहीं है और इस आदेश को चुनौती देने की योजना बना रहा है।

उन्होंने कहा कि संबंधित प्राधिकारी के समक्ष अपील दायर करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है और इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने अपने रुख पर भरोसा जताते हुए कहा कि उसके पास मांग का विरोध करने के लिए ठोस तथ्यात्मक और कानूनी आधार हैं।

इसी तरह के मामलों में अपीलीय अधिकारियों के पिछले निर्णयों के आधार पर, बैंक को इस मामले में राहत मिलने की उम्मीद है।

बैंक ने कहा, “हम निर्धारित समयसीमा के भीतर अस्वीकृतियों/अतिरिक्तियों के विरुद्ध उचित फोरम में अपील दायर करने की प्रक्रिया में हैं।”

बैंक ने आगे कहा, “अपीलीय अधिकारियों के पूर्व निर्णयों/आदेशों को देखते हुए, बैंक का मानना ​​है कि उसके पास अपनी स्थिति को उचित रूप से साबित करने के लिए पर्याप्त तथ्यात्मक और कानूनी आधार हैं और अपेक्षित राहत के अनुसार, बैंक को उम्मीद है कि पूरी मांग खारिज हो जाएगी।”

बैंक ने यह भी कहा कि उसे इस मांग नोटिस के कारण किसी भी वित्तीय या परिचालन प्रभाव की उम्मीद नहीं है।

बैंक का मानना ​​है कि अपील प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामला उनके पक्ष में सुलझ जाएगा।

सरकारी क्षेत्र के इस बैंक ने कहा, “इससे बैंक की वित्तीय, परिचालन या अन्य गतिविधियों पर कोई प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं है।”

Point of View

क्योंकि यह वित्तीय स्थिरता और कानूनी प्रक्रिया पर असर डाल सकता है। बैंक के पास अपनी स्थिति को साबित करने के लिए पर्याप्त आधार है, और यह उसके लिए संभावित राहत का स्रोत हो सकता है।
NationPress
05/04/2026

Frequently Asked Questions

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को डिमांड नोटिस क्यों मिला?
बैंक को वित्त वर्ष 2024-25 में कम टैक्स भुगतान का आरोप लगाते हुए ₹296.08 करोड़ का डिमांड नोटिस मिला है।
बैंक इस डिमांड नोटिस को कैसे चुनौती देगा?
बैंक ने कहा है कि वह इस आकलन से सहमत नहीं है और अपील दायर करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।
क्या इस डिमांड नोटिस का बैंक की वित्तीय स्थिति पर असर पड़ेगा?
बैंक का मानना है कि इस नोटिस के कारण उसे किसी भी वित्तीय या परिचालन संबंधी प्रभाव की उम्मीद नहीं है।
बैंक ने अपील दायर करने की प्रक्रिया कब शुरू की?
बैंक ने अपील दायर करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है और इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की उम्मीदें क्या हैं?
बैंक को उम्मीद है कि अपील प्रक्रिया के बाद मामला उसके पक्ष में सुलझ जाएगा और पूरी मांग खारिज हो जाएगी।
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