8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

RBI का रिकॉर्ड ₹2.87 लाख करोड़ डिविडेंड: केंद्र सरकार को वित्त वर्ष 26 में मिली सबसे बड़ी राशि

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
RBI का रिकॉर्ड ₹2.87 लाख करोड़ डिविडेंड: केंद्र सरकार को वित्त वर्ष 26 में मिली सबसे बड़ी राशि

सारांश

RBI ने वित्त वर्ष 26 के लिए केंद्र को ₹2.87 लाख करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा डिविडेंड मंजूर किया। बैलेंस शीट ₹91.97 लाख करोड़ पर, शुद्ध आय ₹3.96 लाख करोड़ — और CRB में ₹1.09 लाख करोड़ का इज़ाफा। पश्चिम एशिया संकट के बीच यह राशि सरकार की राजकोषीय ताकत बढ़ाएगी।

मुख्य बातें

RBI ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को ₹2,86,588.46 करोड़ का रिकॉर्ड सरप्लस हस्तांतरित करने की मंजूरी दी।
RBI की बैलेंस शीट 20.61% बढ़कर ₹91.97 लाख करोड़ पर पहुँची।
शुद्ध आय वित्त वर्ष 26 में ₹3,95,972.10 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष की ₹3,13,455.77 करोड़ से अधिक है।
कंटिजेंट रिस्क बफर (CRB) में ₹1,09,379.64 करोड़ हस्तांतरित; CRB बैलेंस शीट के 6.5% पर बनाए रखने का निर्णय।
केंद्र को वित्त वर्ष 2026-27 में RBI व अन्य संस्थानों से कुल ₹3.16 लाख करोड़ डिविडेंड मिलने का अनुमान।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 22 मई 2026 को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को ₹2,86,588.46 करोड़ का रिकॉर्ड सरप्लस हस्तांतरित करने की मंजूरी दी — जो अब तक का सबसे बड़ा एकल-वर्षीय अधिशेष भुगतान है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच केंद्र सरकार पर राजकोषीय दबाव बढ़ा हुआ है।

623वीं बोर्ड बैठक में लिया गया निर्णय

यह ऐलान मुंबई स्थित RBI मुख्यालय में आयोजित केंद्रीय निदेशक मंडल की 623वीं बैठक में किया गया, जिसकी अध्यक्षता RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने की। बोर्ड ने वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिदृश्य की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य के संभावित जोखिमों का भी विश्लेषण किया।

बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक खातों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। RBI की सकल आय में पिछले वर्ष की तुलना में 26.42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि रिस्क प्रोविजन से पहले व्यय में 27.60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

RBI की बैलेंस शीट और शुद्ध आय

आंकड़ों के अनुसार, RBI की बैलेंस शीट का आकार वित्त वर्ष 26 तक सालाना आधार पर 20.61 प्रतिशत बढ़कर ₹91.97 लाख करोड़ पर पहुँच गया। रिस्क प्रोविजन और वैधानिक निधियों में हस्तांतरण से पहले शुद्ध आय वित्त वर्ष 2025-26 में ₹3,95,972.10 करोड़ रही, जो वित्त वर्ष 2024-25 की ₹3,13,455.77 करोड़ की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है।

कंटिजेंट रिस्क बफर में बड़ा इज़ाफा

केंद्रीय बैंक के अनुसार, संशोधित आर्थिक पूंजी ढाँचा (ECF) बैलेंस शीट के 4.5 प्रतिशत से 7.5 प्रतिशत के बीच कंटिजेंट रिस्क बफर (CRB) बनाए रखने का प्रावधान करता है। केंद्रीय बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए CRB में ₹1,09,379.64 करोड़ हस्तांतरित करने का निर्णय लिया, जबकि पिछले वर्ष यह राशि ₹44,861.70 करोड़ थी। बोर्ड ने CRB को RBI की बैलेंस शीट के 6.5 प्रतिशत पर बनाए रखने का भी फैसला किया।

गौरतलब है कि CRB में यह तीव्र वृद्धि दर्शाती है कि RBI वैश्विक अनिश्चितताओं के मद्देनज़र अपने जोखिम-सुरक्षा कवच को और मज़बूत कर रहा है।

सरकार की राजकोषीय स्थिति पर असर

बजट दस्तावेजों के अनुसार, केंद्र सरकार को वित्त वर्ष 2026-27 में RBI, राष्ट्रीयकृत बैंकों और वित्तीय संस्थानों से डिविडेंड एवं सरप्लस के रूप में कुल ₹3.16 लाख करोड़ प्राप्त होने का अनुमान है। यह ऐसे समय में राहत भरी खबर है जब पश्चिम एशिया संकट से उपजी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच राजकोषीय प्रबंधन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

आगे क्या

यह रिकॉर्ड डिविडेंड केंद्र सरकार को पूँजीगत व्यय और सामाजिक योजनाओं के वित्तपोषण में अतिरिक्त लचीलापन देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि RBI की मज़बूत आय और बैलेंस शीट विस्तार भारतीय अर्थव्यवस्था की आंतरिक मज़बूती का संकेत है, हालाँकि वैश्विक जोखिमों पर नज़र बनाए रखना ज़रूरी होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे की कहानी उतनी सरल नहीं है — CRB में ₹1.09 लाख करोड़ का असाधारण इज़ाफा बताता है कि RBI वैश्विक झटकों के लिए अपना कवच मज़बूत कर रहा है, जो दीर्घकालिक विवेक का संकेत है। सरकार के लिए यह राशि राजकोषीय घाटे के प्रबंधन में काम आएगी, पर यह निर्भरता एक जोखिम भी है — जब RBI की आय कम हो, तो यह 'स्वचालित राजस्व' भरोसेमंद नहीं रहता। असली सवाल यह है कि क्या सरकार इस असाधारण प्राप्ति को पूँजीगत निवेश में लगाएगी या राजकोषीय गणित सुधारने में खपाएगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

RBI ने वित्त वर्ष 26 के लिए केंद्र को कितना डिविडेंड दिया?
RBI ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को ₹2,86,588.46 करोड़ (लगभग ₹2.87 लाख करोड़) का रिकॉर्ड सरप्लस हस्तांतरित करने की मंजूरी दी। यह अब तक का सबसे बड़ा एकल-वर्षीय अधिशेष भुगतान है।
RBI की बैलेंस शीट वित्त वर्ष 26 में कितनी बड़ी हुई?
RBI की बैलेंस शीट वित्त वर्ष 26 में सालाना आधार पर 20.61 प्रतिशत बढ़कर ₹91.97 लाख करोड़ पर पहुँच गई। यह वृद्धि बैंक की सकल आय में 26.42 प्रतिशत की बढ़त से संभव हुई।
कंटिजेंट रिस्क बफर (CRB) क्या है और इसे क्यों बढ़ाया गया?
CRB वह आरक्षित निधि है जिसे RBI अप्रत्याशित आर्थिक और वित्तीय जोखिमों से निपटने के लिए रखता है। वित्त वर्ष 26 में इसे ₹1,09,379.64 करोड़ तक बढ़ाया गया — पिछले वर्ष की ₹44,861.70 करोड़ की तुलना में — और इसे बैलेंस शीट के 6.5 प्रतिशत पर बनाए रखने का निर्णय लिया गया।
यह डिविडेंड केंद्र सरकार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह रिकॉर्ड राशि पश्चिम एशिया संकट से उपजी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच केंद्र सरकार को राजकोषीय लचीलापन प्रदान करती है। बजट दस्तावेजों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में RBI व अन्य वित्तीय संस्थानों से कुल ₹3.16 लाख करोड़ डिविडेंड मिलने का अनुमान है।
यह निर्णय कहाँ और किसकी अध्यक्षता में लिया गया?
यह निर्णय मुंबई में RBI केंद्रीय निदेशक मंडल की 623वीं बैठक में गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में लिया गया। बैठक में वैश्विक व घरेलू आर्थिक परिदृश्य और वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक खातों पर विचार-विमर्श हुआ।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 7 महीने पहले