आरबीआई का ₹2.87 लाख करोड़ डिविडेंड, मध्य पूर्व तनाव और कच्चे तेल की चाल से तय होगा अगले हफ्ते शेयर बाजार का रुख
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को ₹2.87 लाख करोड़ के रिकॉर्ड डिविडेंड की घोषणा, अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता में हालिया प्रगति और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें — ये तीन कारक मिलकर अगले सप्ताह दलाल स्ट्रीट की दिशा तय करेंगे। 24 मई को समाप्त हुए कारोबारी सप्ताह में बाजार सकारात्मक रहा, और अब निवेशकों की निगाहें सोमवार की शुरुआत पर टिकी हैं।
आरबीआई का रिकॉर्ड डिविडेंड: सरकारी खजाने को राहत
भारतीय रिज़र्व बैंक ने शुक्रवार शाम वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को ₹2.87 लाख करोड़ का डिविडेंड देने का ऐलान किया। यह राशि सरकार के गैर-कर राजस्व में उल्लेखनीय उछाल लाएगी, जिससे राजकोषीय घाटे के प्रबंधन में सुविधा होगी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस घोषणा पर बाजार की पहली प्रतिक्रिया सोमवार को देखने को मिलेगी। गौरतलब है कि इतने बड़े केंद्रीय बैंक हस्तांतरण से सरकार की खर्च क्षमता बढ़ती है, जो बाजार की धारणा को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है।
अमेरिका-ईरान वार्ता: मध्य पूर्व तनाव में नरमी के संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और अन्य संबंधित देशों के बीच एक समझौते पर 'काफी हद तक बातचीत हो चुकी है, जिसे अंतिम रूप देना बाकी है।' इस कूटनीतिक प्रगति से फरवरी के अंत से जारी मध्य पूर्व तनाव के कम होने का रास्ता खुलता दिख रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब भू-राजनीतिक अनिश्चितता वैश्विक बाजारों पर दबाव बनाए हुए थी।
कच्चे तेल की कीमतें: निवेशकों की नज़र
अगले सप्ताह कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार के लिए अहम संकेतक रहेंगी। फिलहाल ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 96 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। तेल आयात पर भारी निर्भरता रखने वाली भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ऊँची कच्चे तेल की कीमतें मुद्रास्फीति और चालू खाता घाटे को प्रभावित कर सकती हैं, जो बाजार की धारणा पर असर डालती हैं।
बीते सप्ताह का प्रदर्शन: सेक्टर-वार तस्वीर
समाप्त हुए कारोबारी सप्ताह में सेंसेक्स 177 अंक यानी 0.24% की बढ़त के साथ 75,415 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 75 अंक यानी 0.32% की तेजी के साथ 23,719 पर रहा। सेक्टर प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी आईटी 4.31% की छलांग के साथ सप्ताह का शीर्ष गेनर रहा। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी (2.39%), निफ्टी इंडिया डिफेंस (1.10%), निफ्टी ऑयल एंड गैस (1.08%), निफ्टी एनर्जी (1.06%), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (0.74%) और निफ्टी कमोडिटीज (0.37%) हरे निशान में बंद हुए।
दूसरी ओर, दबाव में रहने वाले सेक्टरों में निफ्टी मीडिया (4.29%) सबसे अधिक टूटा, इसके बाद निफ्टी एफएमसीजी (1.57%), निफ्टी पीएसई (1.18%), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (0.86%), निफ्टी हेल्थकेयर (0.51%) और निफ्टी पीएसयू बैंक (0.26%) लाल निशान में बंद हुए।
आगे क्या देखें
अगले सप्ताह बाजार की दिशा मुख्यतः तीन धुरियों पर टिकी है — आरबीआई डिविडेंड से उपजी सरकारी खर्च क्षमता, मध्य पूर्व में कूटनीतिक समझौते की अंतिम स्थिति, और वैश्विक कच्चे तेल बाजार की चाल। यदि ईरान वार्ता सफलतापूर्वक संपन्न होती है और तेल की कीमतों में नरमी आती है, तो बाजार में व्यापक राहत की उम्मीद की जा सकती है।