शेयर बाजार का रुख: आरबीआई की नीतियों, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों का प्रभाव
सारांश
Key Takeaways
- आरबीआई की मौद्रिक नीति का प्रभाव महत्वपूर्ण होगा।
- अमेरिका-ईरान तनाव से बाजार पर असर पड़ सकता है।
- कच्चे तेल की कीमतें निवेशकों की दृष्टि में रहेंगी।
- बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी है।
- निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए।
मुंबई, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार के लिए अगले सप्ताह का समय काफी महत्वपूर्ण रहेगा। आरबीआई की मौद्रिक नीति, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बाजार की दिशा तय होगी।
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (आरबीआई-एमपीसी) की बैठक 6-8 अप्रैल के बीच प्रस्तावित है। यह बैठक तब हो रही है जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें उच्चतम स्तर पर हैं, जिससे महंगाई की चिंताएँ बढ़ रही हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध भी अगले सप्ताह शेयर बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण कारक होगा, क्योंकि इसका प्रभाव वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर स्पष्ट होने लगा है। इस संबंध में आने वाली ख़बरें आने वाले दिनों में बाजार को प्रभावित कर सकती हैं।
वर्तमान में कच्चा तेल लगभग 109 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जिसमें पिछले एक महीने में 34 प्रतिशत से अधिक का इजाफा हुआ है। ऐसे में निवेशकों की निगाहें आने वाले सप्ताह में कच्चे तेल की कीमतों पर रहेंगी।
पिछले सप्ताह शेयर बाजार ने लाल निशान में कारोबार समाप्त किया था। इस दौरान सेंसेक्स में 1,953.90 अंक या 2.60 प्रतिशत की गिरावट आई, जो 73,319.55 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 593.35 अंक या 2.55 प्रतिशत की कमी के साथ 22,713 पर बंद हुआ। यह लगातार छठा सप्ताह था जब बाजार में गिरावट देखी गई।
सूचकांकों में निफ्टी पीएसयू बैंक (5.21 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (4.06 प्रतिशत), निफ्टी हेल्थकेयर (4.04 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (3.87 प्रतिशत), निफ्टी फार्मा (3.84 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (3.27 प्रतिशत), निफ्टी इन्फ्रा (2.90 प्रतिशत) और निफ्टी रियल्टी (2.89 प्रतिशत) में गिरावट आई।
इस दौरान केवल निफ्टी आईटी (2.60 प्रतिशत) और निफ्टी मेटल (1.01 प्रतिशत) ही हरे निशान में बंद हुए।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप भी लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 246.05 अंक या 1.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 15,650.50 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,654 अंक या 2.99 प्रतिशत की कमी के साथ 53,677.05 पर बंद हुआ।