आरबीआई का ₹2.87 लाख करोड़ डिविडेंड, मध्य पूर्व तनाव और कच्चा तेल — अगले हफ्ते इन तीन कारकों पर टिकी रहेगी बाजार की नज़र
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा केंद्र सरकार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹2.87 लाख करोड़ के रिकॉर्ड लाभांश की घोषणा, अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता में प्रगति और कच्चे तेल की ऊँची कीमतें — ये तीन प्रमुख कारक अगले सप्ताह दलाल स्ट्रीट की दिशा तय करेंगे। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों के लिए बीता सप्ताह सकारात्मक रहा, और अब निवेशकों की निगाहें सोमवार की शुरुआत पर टिकी हैं।
आरबीआई का रिकॉर्ड डिविडेंड: सरकारी खजाने को राहत
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार की शाम वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को ₹2.87 लाख करोड़ का लाभांश देने की घोषणा की। यह सरकार के गैर-कर राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा और राजकोषीय घाटे के प्रबंधन में सहायक होगा। बाज़ार इस घोषणा पर सोमवार को पहली प्रतिक्रिया देगा, और विश्लेषकों के अनुसार यह खबर बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र के शेयरों को सहारा दे सकती है।
मध्य पूर्व तनाव: अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और अन्य संबंधित देशों के बीच एक समझौते पर काफी हद तक बातचीत हो चुकी है, जिसे अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। यह घटनाक्रम फरवरी के अंत से जारी मध्य पूर्व तनाव के समाप्त होने का रास्ता खोलता है। यदि समझौता होता है, तो वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में स्थिरता आ सकती है, जिसका सीधा असर भारतीय बाज़ारों पर भी पड़ेगा।
कच्चे तेल की कीमतें: निवेशकों की पैनी नज़र
फिलहाल ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 96 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। ऊँची कीमतें भारत जैसे तेल-आयात निर्भर देश के लिए चालू खाता घाटे और मुद्रास्फीति दोनों पर दबाव बनाती हैं। अमेरिका-ईरान वार्ता के नतीजे पर तेल की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।
बीते सप्ताह का प्रदर्शन: आईटी सेक्टर अव्वल
सेंसेक्स बीते सप्ताह 177 अंक यानी 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,415 पर और निफ्टी 75 अंक यानी 0.32 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,719 पर बंद हुआ। सेक्टोरल सूचकांकों में निफ्टी आईटी 4.31 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे बड़ा लाभार्थी रहा। निफ्टी रियल्टी (2.39 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (1.10 प्रतिशत), निफ्टी ऑयल एंड गैस (1.08 प्रतिशत), निफ्टी एनर्जी (1.06 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (0.74 प्रतिशत) और निफ्टी कमोडिटीज (0.37 प्रतिशत) हरे निशान में बंद हुए।
दूसरी ओर, निफ्टी मीडिया (4.29 प्रतिशत), निफ्टी एफएमसीजी (1.57 प्रतिशत), निफ्टी पीएसई (1.18 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (0.86 प्रतिशत), निफ्टी हेल्थकेयर (0.51 प्रतिशत) और निफ्टी पीएसयू बैंक (0.26 प्रतिशत) की गिरावट के साथ बंद हुए।
आगे क्या होगा
अगले सप्ताह बाज़ार की चाल तीन धुरियों पर टिकी रहेगी — RBI के लाभांश से सरकारी खर्च क्षमता पर बाज़ार की प्रतिक्रिया, मध्य पूर्व में कूटनीतिक घटनाक्रम और कच्चे तेल के भाव। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाज़ारों में अनिश्चितता बनी हुई है और घरेलू संकेत अपेक्षाकृत मजबूत हैं। विश्लेषकों के अनुसार, यदि मध्य पूर्व में तनाव घटता है तो तेल की कीमतों में नरमी और बाज़ार में तेज़ी का संयोग बन सकता है।