क्या केंद्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों में 10,000 किलोमीटर से अधिक की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी?
सारांश
Key Takeaways
- 10,000 किलोमीटर से अधिक नई सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों में बनाई जाएंगी।
- 3,270 बस्तियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
- इस योजना से ग्रामीण जीवन में सुधार होगा।
- सड़क निर्माण से स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी।
- 62,500 किलोमीटर लंबी सड़कें हर मौसम में उपयोग योग्य होंगी।
नई दिल्ली, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के अंतर्गत, केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 10,000 किलोमीटर से अधिक की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। यह जानकारी ग्रामीण विकास मंत्रालय ने गुरुवार को साझा की।
मंत्रालय ने बताया कि इससे लगभग 3,270 बस्तियों को कनेक्टिविटी और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच प्राप्त होगी।
मंत्रालय के बयान में कहा गया है, "प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-IV के तहत जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को 10,000 किलोमीटर से अधिक की सड़क परियोजनाओं की मंजूरी दी गई है, जो विकसित भारत के लिए ग्रामीण विकास विभाग की प्रतिबद्धता को और मजबूती प्रदान करती है।"
इसमें आगे कहा गया कि दूर-दराज के पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण समुदायों तक फैली ये सड़कें न केवल अवसंरचना में सुधार का प्रतीक हैं, बल्कि ये प्रगति के महत्वपूर्ण मार्ग भी हैं। इन परियोजनाओं से लगभग 3,270 पहले से अलग-थलग पड़े क्षेत्रों को कनेक्टिविटी और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच मिलेगी। यह उम्मीद की जा रही है कि ये सड़कें स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और बेहतर आजीविका तक पहुंच प्रदान करके ग्रामीण जीवन को गहराई से बदल देंगी और एक विकसित भारत की नींव को मजबूत करेंगी।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना–IV के अंतर्गत 2011 की जनगणना के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में 500 से अधिक, पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में 250 से अधिक, और विशेष श्रेणी के क्षेत्रों में 25,000 असंबद्ध बस्तियों को कनेक्टिविटी प्रदान की जानी है।
इस योजना का उद्देश्य उन बस्तियों को 62,500 किलोमीटर लंबी, हर मौसम में उपयोग योग्य सड़कें उपलब्ध कराना है जो अभी तक आपस में जुड़ी नहीं हैं। इन सड़कों के साथ-साथ आवश्यक पुलों का निर्माण भी किया जाएगा।