कोस्टा कॉफी के भारत में 5 साल में पहली बार 22 स्टोर बंद, नेटवर्क घटकर 198 पर
सारांश
मुख्य बातें
ब्रिटेन की प्रमुख कॉफी चेन कोस्टा कॉफी के भारतीय स्टोर नेटवर्क में वित्त वर्ष 2025-26 में पाँच वित्त वर्षों में पहली बार गिरावट आई है — 22 कैफे बंद होने के बाद कुल स्टोर संख्या 220 से घटकर 198 रह गई। यह जानकारी भारत में कोस्टा कॉफी की फ्रेंचाइजी पार्टनर देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड (DIL) की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट से सामने आई है।
पाँच साल का विस्तार, फिर पहली पीछे हट
वित्त वर्ष 2020-21 से कोस्टा कॉफी का भारतीय नेटवर्क लगातार बढ़ता रहा था। स्टोर्स की संख्या वित्त वर्ष 21 में 44 से बढ़कर वित्त वर्ष 22 में 55, वित्त वर्ष 23 में 112, वित्त वर्ष 24 में 179 और वित्त वर्ष 25 में 220 तक पहुँची थी। इस तेज़ विस्तार के बाद वित्त वर्ष 26 में पहली बार यह संख्या घटकर 198 पर आ गई।
गौरतलब है कि वार्षिक रिपोर्ट में स्टोर बंद होने के ठोस कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है। हालाँकि, देवयानी इंटरनेशनल ने स्पष्ट किया कि वित्त वर्ष 26 के दौरान कंपनी ने अपने पूरे पोर्टफोलियो में विस्तार के लिए 'अधिक अनुशासित और चयनात्मक दृष्टिकोण' अपनाया।
राजस्व में बढ़त, रणनीति में बदलाव
स्टोर संख्या में कमी के बावजूद कोस्टा कॉफी का परिचालन राजस्व वित्त वर्ष 2025-26 में सालाना आधार पर 7 प्रतिशत बढ़कर ₹212.5 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह ₹198.5 करोड़ था।
इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में राजस्व 30.76 प्रतिशत बढ़ा था, जिसे 179 से 220 स्टोर तक के तेज़ नेटवर्क विस्तार का सहारा मिला था। ताज़ा आँकड़े संकेत देते हैं कि कंपनी अब केवल स्टोर विस्तार पर निर्भर रहने के बजाय प्रति स्टोर अधिक राजस्व अर्जित करने की रणनीति की ओर स्थानांतरित हो रही है।
लक्षित उपभोक्ता और नई रणनीति
DIL के अनुसार, कोस्टा कॉफी भारत के प्रीमियम आउट-ऑफ-होम कॉफी बाज़ार पर ध्यान केंद्रित कर रही है और खासतौर पर जेन-जी और मिलेनियल उपभोक्ताओं को लक्ष्य बना रही है। कंपनी का कहना है कि युवाओं को केंद्र में रखकर बनाई गई यह रणनीति ब्रांड को युवा पेशेवरों और छात्रों के लिए सामाजिक मेलजोल के पसंदीदा स्थान के रूप में मज़बूत कर रही है।
वित्त वर्ष 26 के दौरान बदलती उपभोक्ता पसंद के अनुरूप कई नए मेन्यू भी पेश किए गए। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि कोस्टा कॉफी, यम! ब्रांड्स द्वारा संचालित पिज्जा हट और KFC के साथ मिलकर उसके प्रमुख विकास इंजनों में शामिल है।
वैश्विक नज़रिए से भारत की अहमियत
अप्रैल 2025 में कोस्टा कॉफी के ग्लोबल सीईओ फिलिप शैले ने भारत को कंपनी के वैश्विक स्तर पर शीर्ष 20 बाज़ारों में से एक बताया था। उन्होंने कहा था कि आने वाले वर्षों में भारत के कोस्टा कॉफी के शीर्ष पाँच वैश्विक बाज़ारों में शामिल होने की उम्मीद है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत का प्रीमियम कॉफी बाज़ार तेज़ी से बढ़ रहा है और स्थानीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी दोनों ही इस क्षेत्र में सक्रिय हैं। कोस्टा की अगली चाल — चाहे वह चुनिंदा शहरों में विस्तार हो या प्रीमियम अनुभव पर दांव — आने वाले वित्त वर्षों में स्पष्ट होगी।