डीजीसीए ने मोबिकिन्स एमके-पीबी-04 पावरबैंक पर लगाया प्रतिबंध, इंडिगो उड़ान में आग के बाद बड़ा फैसला
सारांश
मुख्य बातें
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 14 अक्टूबर 2026 को मोबिकिन्स एमके-पीबी-04 पावरबैंक मॉडल को भारत आने-जाने वाली और देश के भीतर संचालित होने वाली समस्त उड़ानों में ले जाने पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया। यह कदम रविवार को दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की एक उड़ान में इसी पावरबैंक से आग लगने की घटना के बाद उठाया गया, जिसके चलते विमान को हैदराबाद की ओर डायवर्ट करना पड़ा।
मुख्य घटनाक्रम
डीजीसीए प्रमुख वीर विक्रम यादव ने इंडिगो उड़ान में हुई आग की घटना की समीक्षा के तुरंत बाद सभी एयरलाइंस को निर्देश जारी किए। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मोबिकिन्स एमके-पीबी-04 मॉडल को न तो यात्री अपने साथ केबिन बैगेज में ला सकते हैं और न ही इसे कार्गो के रूप में परिवहन किया जा सकता है।
गौरतलब है कि यह प्रतिबंध केवल उक्त विशिष्ट मॉडल पर लागू है — सभी पावरबैंकों पर कोई सामान्य रोक नहीं लगाई गई है। यात्रियों को यात्रा से पहले अपने पावरबैंक का मॉडल नंबर अवश्य जाँचने की सलाह दी गई है।
एयरलाइंस को दिए गए निर्देश
नियामक ने एयरलाइंस को कई बाध्यकारी निर्देश दिए हैं। एयरलाइंस को प्रभावित डिवाइस की पहचान करके उसे बोर्डिंग के दौरान ही रोकना होगा। इसके अलावा यात्रियों को उचित माध्यमों से सुरक्षा-संबंधी सलाह जारी करना और केबिन क्रू को लिथियम बैटरी से जुड़ी आपात स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित करना भी अनिवार्य किया गया है।
एयरलाइंस को यह भी कहा गया है कि लिथियम बैटरी में आग लगने या किसी तरह की खराबी की हर घटना की सूचना तत्काल डीजीसीए को दी जाए।
यात्रियों के लिए विस्तृत दिशानिर्देश
डीजीसीए के मौजूदा खतरनाक वस्तु नियमों के अनुसार, पावरबैंक और अतिरिक्त बैटरियाँ केवल हैंड बैगेज में ले जाई जा सकती हैं — ओवरहेड कंपार्टमेंट में रखने की अनुमति नहीं है। नियामक ने उड़ान के दौरान पावरबैंक से मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज करने पर भी रोक लगाई है, यहाँ तक कि सीट पर उपलब्ध पावर आउटलेट के ज़रिये भी ऐसा करने की अनुमति नहीं है।
यदि उड़ान के दौरान कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अत्यधिक गर्म हो, धुआं छोड़े या असामान्य गंध आए, तो यात्रियों को तुरंत केबिन क्रू को सूचित करने का निर्देश दिया गया है।
लिथियम-आयन बैटरियाँ: क्यों होता है खतरा
लिथियम-आयन बैटरियों का उपयोग पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में बड़े पैमाने पर होता है, लेकिन बैटरी के क्षतिग्रस्त, दोषपूर्ण, अत्यधिक चार्ज होने या गलत तरीके से इस्तेमाल किए जाने पर आग का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। विमान के भीतर ऐसी घटनाएँ विशेष रूप से खतरनाक मानी जाती हैं क्योंकि सीमित जगह में धुआं तेज़ी से फैल सकता है और प्रभावित उपकरण तक पहुँच बनाना अत्यंत कठिन हो जाता है।
यह कदम ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर विमानन नियामक लिथियम-आयन बैटरियों से जुड़े सुरक्षा मानकों को सख्त कर रहे हैं। भारत में यह ऐसी नवीनतम घटना है जिसने विमान में बैटरी-संबंधित जोखिम को केंद्र में ला दिया है।
आगे क्या होगा
फिलहाल मोबिकिन्स एमके-पीबी-04 पर प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद डीजीसीए अन्य पावरबैंक मॉडलों की सुरक्षा समीक्षा भी कर सकता है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि किसी भी यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रतिबंधित वस्तुओं की अद्यतन सूची अवश्य देखें।