फॉक्सकॉन का भारत में ₹310 करोड़ का नया निवेश, मैन्युफैक्चरिंग विस्तार को मिली मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
फॉक्सकॉन सिंगापुर ने अपनी भारतीय अनुषंगी कंपनी फॉक्सकॉन हॉन हाई टेक्नोलॉजी इंडिया मेगा डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड में 3.72 करोड़ डॉलर (लगभग ₹310 करोड़) के अतिरिक्त निवेश को औपचारिक मंजूरी दे दी है। 26 जून 2026 को जारी रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, यह निवेश कंपनी की दीर्घकालिक भारत-केंद्रित मैन्युफैक्चरिंग रणनीति का हिस्सा है।
निवेश का ढाँचा
फाइलिंग के अनुसार, फॉक्सकॉन सिंगापुर के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने भारतीय अनुषंगी के लगभग 35 करोड़ 17 लाख 30 हजार सामान्य शेयरों को ₹10 प्रति शेयर की अंकित मूल्य पर सब्सक्राइब करने की स्वीकृति दी है। इस लेनदेन का वित्तपोषण पूरी तरह निजी पूंजी से किया जाएगा और कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इसमें कोई दलाल शामिल नहीं था।
शेयर सब्सक्रिप्शन के पूर्ण होने के बाद भी फॉक्सकॉन सिंगापुर के पास भारतीय इकाई की लगभग संपूर्ण इक्विटी बनी रहेगी। कुल मिलाकर इस भारतीय इकाई में अब तक लगभग 2.82 अरब डॉलर का निवेश हो चुका है और इसमें 23.18 अरब से अधिक शेयर शामिल हैं।
कंपनी की स्थिति और महत्व
कंपनी ने फाइलिंग में यह भी स्पष्ट किया कि यह लेनदेन उसके व्यापार मॉडल में कोई बदलाव नहीं लाएगा और बोर्ड में किसी निदेशक की ओर से कोई असहमति नहीं थी। वित्तीय अनुपात की दृष्टि से, यह निवेश समूह की कुल परिसंपत्तियों का 3.55 प्रतिशत और शेयरधारकों की इक्विटी का 7.72 प्रतिशत है।
गौरतलब है कि फॉक्सकॉन — ताइवान के हॉन हाई टेक्नोलॉजी ग्रुप की अनुषंगी — दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेवा कंपनियों में से एक है। यह भारत में कई विनिर्माण सुविधाओं के माध्यम से अपनी उपस्थिति लगातार बढ़ा रही है।
भारत में 'मेड इन इंडिया' की रफ्तार
यह निवेश ऐसे समय में आया है जब भारत में स्मार्टफोन विनिर्माण तेज़ी पकड़ रहा है। आँकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में 'मेड इन इंडिया' स्मार्टफोन की शिपमेंट में साल-दर-साल 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई — निर्यात में 28 प्रतिशत और घरेलू बिक्री में 1 प्रतिशत की बढ़त के बल पर।
इस उछाल का सर्वाधिक लाभ फॉक्सकॉन हॉन हाई को मिला, जिसके निर्यात में एप्पल की मज़बूत शिपमेंट के चलते सालाना आधार पर 48 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह ऐसे समय में है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का विविधीकरण तेज़ हो रहा है और भारत, चीन के विकल्प के रूप में उभर रहा है।
आगे की राह
विशेषज्ञों के अनुसार, फॉक्सकॉन का यह निरंतर पूंजी प्रवाह भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला में एक स्थायी केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण संकेत है। आने वाले महीनों में कंपनी की भारतीय इकाई की क्षमता विस्तार योजनाओं पर बाज़ार की नज़र बनी रहेगी।