गैस रिफिल बुकिंग के नियमों में कोई बदलाव नहीं, घबराने की आवश्यकता नहीं: पेट्रोलियम मंत्रालय
सारांश
Key Takeaways
- गैस रिफिल बुकिंग के नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
- एलपीजी रिफिल की समय-सीमा शहरी क्षेत्रों में २५ दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में ४५ दिन है।
- देश में एलपीजी का पर्याप्त भंडार है।
- नागरिकों को अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
- पीएनजी कनेक्शन का तेजी से विस्तार हो रहा है।
नई दिल्ली, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग समय-सीमा (रिफिल टाइमलाइन) में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि मौजूदा नियमों के अनुसार एलपीजी रिफिल बुकिंग में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है और पुरानी प्रणाली ही लागू है।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट्स में यह गलत दावा किया जा रहा था कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत एलपीजी रिफिल बुकिंग के लिए ४५ दिन, नॉन-पीएमयूवाई सिंगल सिलेंडर के लिए २५ दिन और डबल सिलेंडर के लिए ३५ दिन की नई समय-सीमा लागू की गई है। सरकार ने इन दावों को पूरी तरह से गलत और भ्रामक बताया है।
मंत्रालय ने बताया कि वर्तमान में एलपीजी रिफिल बुकिंग की समय-सीमा शहरी क्षेत्रों में २५ दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में ४५ दिन है। यह सभी कनेक्शनों पर समान रूप से लागू होती है।
सरकार ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे ऐसी अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही उन्हें फैलाएं। साथ ही, गैस सिलेंडर की अनावश्यक बुकिंग से बचने की सलाह दी गई है।
मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। सरकार ने बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर कार्य कर रही हैं और सोमवार तक १८,७०० टन कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति की जा चुकी है।
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि देशभर में पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त भंडार है और १ लाख से अधिक पेट्रोल पंप सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं। इसके साथ ही, पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिसमें सिर्फ एक दिन में ७,५०० नए कनेक्शन दिए गए हैं।
सरकार ने यह भी बताया कि एलपीजी की आपूर्ति को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और नए स्रोतों को जोड़ा जा रहा है। राज्यों से निगरानी और वितरण व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कहा गया है, ताकि सप्लाई पूरी तरह से सुचारू बनी रहे।