गोल्ड ETF में सितंबर निवेश 71% उछलकर ₹4,451 करोड़; SIP योगदान रिकॉर्ड ₹32,490 करोड़
सारांश
मुख्य बातें
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के 12 अक्टूबर 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (Gold ETF) में शुद्ध निवेश ₹4,451 करोड़ पर पहुँच गया — जो अगस्त के ₹2,597 करोड़ की तुलना में 71.4 प्रतिशत अधिक है। सोने की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशकों का सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर यह झुकाव उल्लेखनीय है।
म्यूचुअल फंड उद्योग में भारी निकासी
गोल्ड ETF में मजबूत प्रवाह के बावजूद, व्यापक म्यूचुअल फंड उद्योग ने सितंबर में ₹1.33 लाख करोड़ की शुद्ध निकासी दर्ज की। यह अगस्त में आए ₹41,353 करोड़ के शुद्ध निवेश के एकदम विपरीत है। इस तीव्र उलटफेर की मुख्य वजह फिक्स्ड इनकम यानी डेट श्रेणी की योजनाओं से हुई बड़े पैमाने पर निकासी रही।
डेट म्यूचुअल फंड्स से सितंबर में शुद्ध निकासी ₹1.83 लाख करोड़ रही, जबकि अगस्त में यह मात्र ₹8,127 करोड़ थी — यानी एक माह में करीब 22 गुना की छलांग। आंकड़ों के अनुसार, यह वित्त वर्ष में डेट फंड्स की अब तक की सबसे बड़ी मासिक निकासी है।
AUM में गिरावट
भारी निकासी के प्रभाव में म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) अगस्त के ₹87.08 लाख करोड़ से घटकर सितंबर अंत में ₹82.64 लाख करोड़ रह गई। यह लगभग ₹4.44 लाख करोड़ की एकमासिक गिरावट है, जो मुख्यतः डेट फंड की निकासी से प्रेरित है।
इक्विटी फंड में निवेशकों का भरोसा कायम
डेट की उथल-पुथल के बीच इक्विटी म्यूचुअल फंड्स की ओर निवेशकों का आकर्षण बरकरार रहा। सितंबर में इक्विटी फंड्स में शुद्ध निवेश 30.6 प्रतिशत बढ़कर ₹38,307 करोड़ हो गया, जो अगस्त के ₹29,328 करोड़ से काफी अधिक है।
श्रेणीवार देखें तो स्मॉल-कैप फंड सबसे पसंदीदा बने रहे — इनमें ₹9,039 करोड़ का निवेश आया (अगस्त: ₹7,973 करोड़)। मिड-कैप फंड में ₹7,835 करोड़ (अगस्त: ₹6,989 करोड़) और फ्लेक्सी-कैप फंड में ₹6,702 करोड़ (अगस्त: ₹5,059 करोड़) का निवेश दर्ज किया गया। सेक्टोरल और थीमैटिक फंड में निवेश दोगुने से अधिक बढ़कर ₹3,640 करोड़ पर पहुँचा, जो अगस्त में ₹1,713 करोड़ था।
गौरतलब है कि लार्ज-कैप फंड अगस्त की ₹1,147 करोड़ की शुद्ध निकासी के बाद वापस सकारात्मक दायरे में लौटे और सितंबर में ₹859 करोड़ का शुद्ध निवेश दर्ज किया। मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड में ₹3,667 करोड़ का निवेश आया, जो पिछले माह के ₹3,671 करोड़ के लगभग बराबर रहा।
SIP योगदान ने तोड़ा रिकॉर्ड
सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के ज़रिए निवेशकों की नियमित भागीदारी ने नया कीर्तिमान स्थापित किया। सितंबर में मासिक SIP योगदान रिकॉर्ड ₹32,490 करोड़ पर पहुँचा, जो अगस्त के ₹32,297 करोड़ से अधिक है। यह इस बात का संकेत है कि खुदरा निवेशक बाज़ार की अनिश्चितता के बावजूद अनुशासित निवेश जारी रख रहे हैं।
आने वाले महीनों में डेट फंड्स की निकासी का रुझान और Gold ETF में प्रवाह की दिशा यह तय करेगी कि क्या निवेशकों का यह सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर बदलाव दीर्घकालिक प्रवृत्ति है या मौसमी।