क्या हफ्ते के पहले दिन सोने और चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी हुई?
सारांश
Key Takeaways
- सोने की कीमतें 1.36 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई हैं।
- चांदी की कीमतें 2.37 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुँच गई हैं।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें बढ़ी हैं।
- भू-राजनीतिक तनाव का निवेश पर प्रभाव।
- आने वाले दिनों में सोने और चांदी में तेजी जारी रहने की संभावना।
नई दिल्ली, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हफ्ते के पहले दिन सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में एक महत्वपूर्ण उछाल देखा गया है, जिससे सोने की कीमतें फिर से 1.36 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी का दाम 2.37 लाख रुपए प्रति किलो के पार पहुंच गया है।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के अनुसार, 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने का मूल्य 1,386 रुपए बढ़कर 1,36,168 रुपए हो गया है, जबकि शुक्रवार को यह 1,34,782 रुपए प्रति 10 ग्राम था।
22 कैरेट सोने का मूल्य बढ़कर 1,24,730 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो पहले 1,23,460 रुपए प्रति 10 ग्राम था। वहीं, 18 कैरेट सोने का दाम 1,01,087 रुपए से बढ़कर 1,02,126 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है।
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेज वृद्धि दर्ज की गई है। चांदी की कीमतें 2,513 रुपए बढ़कर 2,37,063 रुपए प्रति किलो हो गई हैं, जो पहले 2,34,550 रुपए प्रति किलो थी।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर भी सोने और चांदी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी गई। सोने के 5 फरवरी 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का मूल्य 1.28 प्रतिशत बढ़कर 1,37,500 रुपए हो गया है। चांदी के 5 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का मूल्य 2.75 प्रतिशत बढ़कर 2,42,809 रुपए हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज वृद्धि का अनुभव हुआ है। सोने का मूल्य 2.26 प्रतिशत बढ़कर 4,427.75 डॉलर प्रति औंस और चांदी का मूल्य 5.17 प्रतिशत बढ़कर 74.69 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा कि सोने में सकारात्मक कारोबार देखने को मिला है। वैश्विक स्तर पर अमेरिका और वेनेजुएला में जारी तनाव के कारण अस्थिरता में वृद्धि हुई है। इस वजह से लोग सोने में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। आने वाले समय में सोने की कीमतें 1,36,500 रुपए से 1,40,000 रुपए के बीच रह सकती हैं।
कोटक म्यूचुअल फंड के फंड मैनेजर सतीश दोंदापति ने कहा कि भू-राजनीतिक अस्थिरता और वैश्विक आर्थिक जोखिमों के चलते सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत मांग बनी रहने से चांदी और सोने में तेजी बनी रह सकती है। चांदी की औद्योगिक मांग और सोने में केंद्रीय बैंकों की निरंतर रुचि भी इन दोनों कीमती धातुओं का सकारात्मक आउटलुक बनाए रखेगी।