क्या रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केटकैप एक दिन में 95,407 करोड़ रुपए घटा?
सारांश
Key Takeaways
- रिलायंस का मार्केट कैप 95,407 करोड़ रुपए घटा।
- शेयर में 4.39 प्रतिशत की गिरावट आई।
- रिपोर्ट ने निवेशकों में चिंता पैदा की।
- बाजार में मुनाफावसूली का संकेत मिला।
- अन्य शेयरों पर भी दबाव पड़ा।
मुंबई, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत की प्रमुख कंपनियों में से एक रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर मंगलवार को 4.39 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 1,508.90 रुपए पर समाप्त हुआ।
इस गिरावट के परिणामस्वरूप कंपनी का मार्केट कैप यानी बाजार पूंजीकरण लगभग 95,407 करोड़ रुपए घट गया है, जो जून 2024 के बाद एक ही दिन में आई सबसे बड़ी गिरावट थी।
गिरावट का कारण एक समाचार रिपोर्ट को बताया जा रहा है, जिसमें कहा गया था कि तीन रूसी कच्चे तेल से भरे टैंकर भारत के पश्चिमी तट पर स्थित रिलायंस की जामनगर रिफायनरी के लिए जा रहे हैं। हालांकि, रिलायंस ने इन रिपोर्टों को खारिज कर दिया है।
इसके साथ ही, एक अद्यतन समाचार रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि रिलायंस से जुड़े रूसी तेल के टैंकर्स को कहीं और खाली कर दिया गया है।
यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सोमवार को नया ऑल-टाइम हाई बनाया था। इसलिए विशेषज्ञ इसे मुनाफावसूली के रूप में देख रहे हैं। भारतीय शेयर बाजार के मुख्य सूचकांक भी कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुए।
दिन के अंत में सेंसेक्स 376.28 अंक या 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85,063.34 और निफ्टी 71.60 अंक या 0.27 प्रतिशत की कमी के साथ 26,178.70 पर था।
रिलायंस इंडस्ट्रीज में गिरावट के चलते बाजार पर दबाव बनाने का कार्य निफ्टी ऑयल एंड गैस शेयरों ने किया। निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1.75 प्रतिशत, निफ्टी इन्फ्रा 1.18 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 1.05 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी 0.56 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज 0.38 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई और निफ्टी रियल्टी 0.33-0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
दूसरी ओर, निफ्टी हेल्थकेयर 1.85 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा 1.69 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 0.59 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 0.55 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 0.29 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।