क्या भारत में 2025 में 126 जमीनों के सौदे हुए, एमएमआर रीजन रहा शीर्ष पर?
सारांश
Key Takeaways
- मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन ने 2025 में 32 जमीन सौदों के साथ प्रमुखता हासिल की।
- कुल 126 सौदों में से 96 सौदे आवासीय विकास के लिए हैं।
- दिल्ली-एनसीआर में 137.22 एकड़ भूमि के 16 सौदे संपन्न हुए।
- बेंगलुरु ने 27 सौदों के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया।
- टियर 2 और टियर 3 शहरों में भी भूमि सौदों की संख्या बढ़ी है।
मुंबई, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत में 2025 में कुल 126 जमीनों के सौदे हुए हैं, जिसमें मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर) ने 500 एकड़ से अधिक की जमीन के 32 सौदों के साथ सबसे आगे स्थान प्राप्त किया है। यह जानकारी एक नई रिपोर्ट में सामने आई है।
एनारॉक रिसर्च के अनुसार, कुल जमीन सौदों की संख्या 2024 की तुलना में कम रही है, लेकिन 2025 में वॉल्यूम पिछले वर्ष की तुलना में अधिक रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि बिल्डर्स ने देश के प्रमुख शहरों और उभरते क्षेत्रों में हजारों एकड़ जमीन का सौदा किया है, जो रियल एस्टेट मार्केट में उनका विश्वास दर्शाता है।
2025 में संपन्न हुए 126 सौदों में से 1,877 एकड़ जमीन के 96 सौदे आवासीय विकास के लिए किए गए हैं, जो टियर 1, टियर 2 और टियर 3 शहरों में हैं।
एनारॉक समूह के अध्यक्ष अनुज पुरी ने कहा, "एमएमआर क्षेत्र में योजनाबद्ध विकास परियोजनाओं में आवासीय, वाणिज्यिक, डेटा सेंटर, औद्योगिक और भूखंड विकास शामिल हैं। देशभर में 2025 में कुल मिलाकर 3,772 एकड़ से अधिक भूमि के कम से कम 126 अलग-अलग सौदे संपन्न हुए हैं।"
2025 में सबसे अधिक भूमि सौदे एमएमआर और बेंगलुरु में हुए। बेंगलुरु में 454 एकड़ से अधिक के 27 सौदे संपन्न हुए हैं। पिछले कुछ वर्षों में इन दोनों शहरों में भूमि की कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन इससे डेवलपर्स ने प्रमुख संपत्तियों पर ध्यान केंद्रित करने से पीछे नहीं हटे हैं।
दिल्ली-एनसीआर में आवासीय, वाणिज्यिक और मिश्रित उपयोग परियोजनाओं के लिए लगभग 137.22 एकड़ भूमि के 16 सौदे संपन्न हुए।
रिपोर्ट के अनुसार, शहरों के संदर्भ में, गुरुग्राम में 39.75 एकड़ के 4 सौदे, नोएडा में 41.28 एकड़ के 8 सौदे, दिल्ली में 30.89 एकड़ के 2 सौदे, ग्रेटर नोएडा में 12 एकड़ का 1 सौदा और गाजियाबाद में 13.3 एकड़ का 1 सौदा हुआ।
टियर 2 और टियर 3 शहरों में मिलाकर 2025 में कुल 2,192.8 एकड़ भूमि के कम से कम 16 सौदे संपन्न हुए हैं।
--एराष्ट्र प्रेस
एबीएस/