क्या भारत में जनवरी में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर में ग्रोथ बढ़ी है? एचएसबीसी फ्लैश पीएमआई

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क्या भारत में जनवरी में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर में ग्रोथ बढ़ी है? एचएसबीसी फ्लैश पीएमआई

सारांश

भारत में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर में जनवरी में तेजी से वृद्धि हुई है। एचएसबीसी फ्लैश पीएमआई डेटा से पता चलता है कि इस क्षेत्र में गतिविधियों में 59.5 का रिकॉर्ड हुआ है। जानिए इसके पीछे के कारण और भविष्य की संभावनाएँ।

Key Takeaways

  • जनवरी में पीएमआई 59.5 पर पहुंचा।
  • महंगाई दरें मध्यम बनी रहीं।
  • नए व्यवसायों में तेजी आई।
  • भर्तियां फिर से शुरू हुईं।
  • अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर्स में वृद्धि।

नई दिल्ली, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत में जनवरी में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर की गतिविधियों में उल्लेखनीय तेजी देखी गई है। यह जानकारी एचएसबीसी फ्लैश पीएमआई डेटा में शुक्रवार को साझा की गई।

एचएसबीसी फ्लैश इंडिया कंपोजिट पीएमआई इंडेक्स जनवरी में बढ़कर 59.5 हो गया है, जो कि दिसंबर में 57.8 पर था।

एसएंडपी ग्लोबल द्वारा संकलित एचएसबीसी फ्लैश इंडिया पीएमआई के अनुसार, जनवरी में मैन्युफैक्चरर्स और सर्विस प्रदाताओं के लिए स्थितियां बेहतर हुई हैं। दिसंबर से महंगाई में वृद्धि होने के बावजूद इनपुट लागत और आउटपुट शुल्क की महंगाई दरें मध्यम बनी हुई हैं।

एचएसबीसी की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी ने कहा कि पीएमआई द्वारा दिए गए संकेतों के अनुसार, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज दोनों क्षेत्रों में वृद्धि की गति तेज हुई है। मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई में वृद्धि के बावजूद, जनवरी का आंकड़ा 2025 के औसत से नीचे रहा।

भंडारी ने बताया कि 2025 के अंत में थोड़ी गिरावट के बाद नए ऑर्डर्स की संख्या में तेज वृद्धि हुई है। इनपुट लागत का दबाव तेजी से बढ़ा, हालांकि सेवा प्रदाताओं की तुलना में वस्तु उत्पादकों पर इसका प्रभाव अधिक देखा गया।

रिपोर्ट के अनुसार, निजी क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि की गति का मुख्य कारण नए व्यवसायों में तेजी से हो रही बढ़ोतरी थी।

सर्वेक्षण में शामिल लोगों के अनुसार, बढ़ती मांग और आक्रामक विपणन अभियानों के कारण बिक्री में तेजी आई। मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र ने सेवा प्रदाताओं की तुलना में अधिक तेजी से सुधार दर्ज किया, हालाँकि दोनों ही मामलों में वृद्धि की गति तेज हुई।

रिपोर्ट में कहा गया, "जनवरी के आंकड़ों से अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर्स में मजबूत वृद्धि देखी गई, जो पिछले चार महीनों में सबसे अधिक थी। सर्वेक्षण में एशिया, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, लैटिन अमेरिका और मध्य पूर्व भारतीय वस्तुओं और सेवाओं के मुख्य गंतव्य के रूप में सामने आए।"

दिसंबर में रोजगार में कोई बदलाव नहीं होने के बाद जनवरी में भारत के निजी क्षेत्र में भर्तियां फिर से शुरू हुईं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि व्यावसायिक गतिविधियों के 12 महीने के दृष्टिकोण का आकलन करते हुए, भारतीय निजी क्षेत्र की कंपनियां आशावादी थीं।

Point of View

जिसमें मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि हो रही है। यह सकारात्मक परिवर्तन न केवल व्यवसायों के लिए, बल्कि समग्र आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।
NationPress
23/01/2026

Frequently Asked Questions

एचएसबीसी फ्लैश पीएमआई क्या है?
एचएसबीसी फ्लैश पीएमआई एक आर्थिक संकेतक है जो मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर की गतिविधियों का मापन करता है।
जनवरी में पीएमआई क्यों बढ़ा?
जनवरी में पीएमआई बढ़ने का मुख्य कारण नए व्यवसायों में तेजी और बढ़ती मांग थी।
महंगाई का क्या असर पड़ा?
महंगाई में वृद्धि होने के बावजूद इनपुट लागत और आउटपुट शुल्क की महंगाई दरें मध्यम बनी रही।
भारत की भर्तियों की स्थिति क्या है?
जनवरी में भारत के निजी क्षेत्र में भर्तियां फिर से शुरू हुईं, जो सकारात्मक संकेत है।
भविष्य में क्या उम्मीदें हैं?
भविष्य में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टर में वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है।
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