क्या पीएम-सेतु योजना के तहत देश के 1,000 सरकारी आईटीआई आधुनिक होंगे?

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क्या पीएम-सेतु योजना के तहत देश के 1,000 सरकारी आईटीआई आधुनिक होंगे?

सारांश

क्या पीएम-सेतु योजना से युवा भारतीयों की कौशल क्षमता में सुधार होगा? जानें कैसे 1,000 सरकारी आईटीआई का आधुनिकीकरण किया जाएगा और यह युवा पीढ़ी के लिए रोजगार के नए अवसर क्यों खोलेगा।

Key Takeaways

  • 1,000 सरकारी आईटीआई का आधुनिकीकरण
  • हब-एंड-स्पोक तकनीक का उपयोग
  • उद्योगों की भागीदारी से संचालन
  • प्रशिक्षण में सुधार
  • नौकरी के नए अवसर

नई दिल्ली, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पीएम-सेतु (प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार परिवर्तन योजना के तहत) के अंतर्गत, देश भर में 1,000 सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, जिन्हें हम आईटीआई कहते हैं, को आधुनिक बनाया जाएगा। यह घोषणा शनिवार को कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय द्वारा की गई।

मंत्रालय के अनुसार, इस पहल के तहत हब-एंड-स्पोक तकनीक अपनाई जाएगी। इसमें 200 आईटीआई को हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ उन्नत मशीनें, आधुनिक इमारतें और नई तकनीक का उपयोग कर प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं, 800 आईटीआई को स्पोक के रूप में जोड़कर, जिलों तक प्रशिक्षण की सुविधा पहुँचाई जाएगी।

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) इस योजना को महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से लागू कर रहा है। इसके अंतर्गत पुणे में एक बड़ा उद्योग परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य उद्योगों को इस योजना से जोड़ना और उन्हें कार्यान्वयन में भागीदार बनाना है, ताकि प्रशिक्षण उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार हो सके।

मंत्रालय के अनुसार, इस परामर्श कार्यक्रम में 50 से अधिक योग्य कंपनियाँ शामिल होंगी। ये कंपनियाँ निर्माण, कपड़ा, ऑटोमोबाइल, उपभोक्ता सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, तेल और गैस तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों से संबंधित होंगी।

पीएम-सेतु योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 4 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली में किया गया था। इसका उद्देश्य सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक बनाकर उद्योग-अनुकूल बनाना है, जिससे युवाओं को विश्वस्तरीय कौशल प्रशिक्षण मिले और उनकी रोजगार क्षमता बढ़े।

इस योजना के अंतर्गत आईटीआई सरकार के स्वामित्व में रहेंगे, लेकिन उनका संचालन उद्योगों की भागीदारी से किया जाएगा। इससे युवाओं को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप और नौकरी पाने में मदद मिलेगी।

अधिकारियों के अनुसार, यह परामर्श कार्यक्रम उद्योगों को दीर्घकालिक कौशल विकास व्यवस्था का हिस्सा बनने का अवसर देगा, जिससे वे प्रशिक्षण से जुड़े निर्णयों और संचालन में भी भाग ले सकेंगे।

इस दौरान कई समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान भी किया जाएगा, जिससे उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच साझेदारी मजबूत हो सके।

इन समझौतों में महाराष्ट्र सरकार के व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण निदेशालय (डीवीईटी) का फिएट इंडिया, श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंडिया और अनुदीप फाउंडेशन के साथ समझौता शामिल होगा। इसके अलावा डीवीईटी और एसडीएन/वाधवानी के बीच भी साझेदारी की जाएगी।

इस क्लस्टर मॉडल से उद्योग सीधे संस्थानों के संचालन में योगदान दे सकेंगे, जिससे प्रशिक्षण को लेबर मार्केट की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा, पाठ्यक्रम में सुधार होगा, शिक्षकों को नई तकनीक का प्रशिक्षण मिलेगा और अप्रेंटिसशिपनौकरी के अवसर मजबूत होंगे।

Point of View

बल्कि यह युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित करती है। यह पहल दर्शाती है कि सरकार किस प्रकार कौशल विकास को प्राथमिकता दे रही है।
NationPress
17/01/2026

Frequently Asked Questions

पीएम-सेतु योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी आईटीआई को आधुनिक बनाना और युवाओं को बेहतर कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है।
इस योजना में कौन से क्षेत्र शामिल हैं?
इसमें निर्माण, कपड़ा, ऑटोमोबाइल, उपभोक्ता सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, तेल और गैस तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
आईटीआई का संचालन कैसे किया जाएगा?
आईटीआई का संचालन उद्योगों की भागीदारी से किया जाएगा, जिससे युवाओं को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण मिलेगा।
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