क्या आईईपीएफए ने 'निवेशक शिविर' का सफल आयोजन किया जिसमें 900 से अधिक लोगों ने भाग लिया?

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क्या आईईपीएफए ने 'निवेशक शिविर' का सफल आयोजन किया जिसमें 900 से अधिक लोगों ने भाग लिया?

सारांश

बेंगलुरु में आयोजित 'निवेशक शिविर' में 900 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। आईईपीएफए की इस पहल का उद्देश्य निवेशकों को जागरूक करना और उनका संरक्षण करना है। शिविर ने निवेशकों को शिकायत निवारण और दावा प्रक्रिया में मदद की, जिससे उन्हें एक ही स्थान पर समाधान मिले।

Key Takeaways

  • निवेशक जागरूकता: शिविर का मुख्य उद्देश्य निवेशकों को जागरूक करना था।
  • सीधे समाधान: शिकायतों का समाधान मौके पर ही किया गया।
  • सुविधाजनक प्रक्रिया: निवेशकों को एक ही स्थान पर सभी सेवाएँ मिलीं।
  • पारदर्शिता: इस पहल ने पारदर्शिता को बढ़ावा दिया।
  • सामुदायिक भागीदारी: 900 से अधिक लोगों ने शिविर में भाग लिया।

बेंगलुरु, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आईईपीएफए ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के सहयोग से मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस (एमआईआई) के साथ मिलकर बेंगलुरु में एक 'निवेशक शिविर' का आयोजन किया। यह जानकारी सरकार द्वारा मंगलवार को साझा की गई।

कारपोरेट कार्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड अथॉरिटी (आईईपीएफए) निवेशकों में जागरूकता फैलाने और उन्हें सुरक्षित रखने का कार्य करती है।

यह निवेशक शिविर, आईईपीएफए की राष्ट्रव्यापी प्रचार श्रृंखला का एक हिस्सा था, जिसका ध्यान उन शहरों पर केंद्रित था जहाँ लावारिस निवेश की अधिकता है।

एक दिवसीय इस शिविर में कर्नाटक के विभिन्न स्थानों से निवेशकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे उन्हें शिकायत निवारण, दावा प्रक्रिया में सहायता और निवेशक सेवा सहायता के लिए सभी समाधान एक ही स्थान पर मिल सके।

अथॉरिटी के अनुसार, बेंगलुरु और इसके आस-पास से 900 से अधिक निवेशकों और दावेदारों ने इस शिविर में सक्रिय रूप से भाग लिया, जिसका उद्देश्य प्रत्यक्ष सुविधा और मौके पर सहायता प्रदान करना था।

पुणे, हैदराबाद, जयपुर और अमृतसर में सफल आयोजनों के बाद, बेंगलुरु ने इस निवेशक-केंद्रित पहल की मेज़बानी की, जो आईईपीएफए की भारत में पारदर्शी और सुलभ वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस शिविर ने उन अनक्लेम्ड डिविडेंड और शेयरों के लिए प्रत्यक्ष सुविधा प्रदान की जो पिछले छह से सात वर्षों से लंबित थे, मौके पर केवाईसी और नामांकन संबंधी अपडेट उपलब्ध कराए और लंबित आईईपीएफए दावों के मुद्दों का समाधान किया।

अथॉरिटी के अनुसार, हितधारक कंपनियों और आरटीए द्वारा विशेष कियोस्क स्थापित किए गए थे, जिससे निवेशकों को अधिकारियों से सीधे बातचीत करने और प्रक्रियाओं में बिचौलियों को हटाने में सहायता मिली।

सैकड़ों प्रतिभागियों ने कंपनी प्रतिनिधियों, सड़क यातायात बीमा कंपनियों (आरटीए) और आईईपीएफए एवं सेबी के अधिकारियों के साथ सीधे संपर्क से लाभ उठाया। इस पहल की दक्षता, पारदर्शिता और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए व्यापक सराहना मिली है।

मंत्रालय ने बताया है कि इसके अतिरिक्त, आईईपीएफए ने निवेशकों की जागरूकता बढ़ाने और दावों के समाधान को सुगम बनाने के लिए "आईईपीएफए दावों और निवेशक सेवाओं के लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका" नामक एक जानकारीपूर्ण पुस्तिका भी जारी की है।

Point of View

बल्कि यह भारत में वित्तीय सजगता और पारदर्शिता को भी बढ़ावा देता है। आईईपीएफए की यह पहल निवेशकों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
NationPress
22/01/2026

Frequently Asked Questions

आईईपीएफए क्या है?
आईईपीएफए एक सरकारी संस्था है जिसका लक्ष्य निवेशकों की शिक्षा और सुरक्षा है।
निवेशक शिविर में क्या सुविधाएँ उपलब्ध थीं?
इस शिविर में शिकायत निवारण, दावा प्रक्रिया सहायता और अन्य निवेशक सेवाएँ प्रदान की गईं।
कितने लोगों ने शिविर में भाग लिया?
900 से अधिक निवेशकों ने इस शिविर में भाग लिया।
इस शिविर का उद्देश्य क्या था?
इसका उद्देश्य निवेशकों को जागरूक करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना था।
क्या इस शिविर का आयोजन अन्य शहरों में भी हुआ है?
हाँ, पुणे, हैदराबाद, जयपुर और अमृतसर में भी ऐसे शिविर आयोजित किए गए हैं।
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