क्या इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में 'नई दिल्ली घोषणा' को 89 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन मिला?

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क्या इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में 'नई दिल्ली घोषणा' को 89 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन मिला?

सारांश

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने नई दिल्ली में 'नई दिल्ली घोषणा' को अपनाया, जिसमें 89 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन शामिल है। इस समिट का उद्देश्य एआई के लाभों को मानवता तक पहुंचाना और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना है। इसमें कई महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की गई है।

Key Takeaways

  • 89 देशों का समर्थन
  • मानव-केंद्रित एआई दृष्टिकोण
  • वैश्विक साझेदारी को बढ़ावा
  • एआई के लाभों का समान वितरण
  • दीर्घकालिक सहयोग की दिशा में कदम

नई दिल्ली, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित अब तक के सबसे बड़े एआई इवेंट 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' का समापन शनिवार को 'नई दिल्ली घोषणा' को अपनाने के साथ हुआ।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को एक एक्स पोस्ट में बताया कि एआई इम्पैक्ट समिट घोषणापत्र पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और पूरी दुनिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मानव-केंद्रित एआई दृष्टिकोण का समर्थन किया है।

उन्होंने बताया कि यह घोषणापत्र 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' के सिद्धांत से प्रेरित है, जिसका उद्देश्य एआई के संसाधनों और उसके लाभों को पूरी मानवता तक समान रूप से पहुंचाना है।

इस शिखर सम्मेलन में 89 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने मिलकर काम करने वाले, भरोसेमंद, मजबूत और कुशल एआई के लिए साझा वैश्विक विजन का समर्थन किया। इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

घोषणा में इस बात पर जोर दिया गया कि एआई आर्थिक विकास और सामाजिक भलाई का बड़ा साधन बन सकता है, बशर्ते इसे जिम्मेदारी और समान अवसर के सिद्धांतों के साथ आगे बढ़ाया जाए।

घोषणापत्र में कहा गया कि एआई के लाभ पूरी मानवता के साथ साझा किए जाने चाहिए। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना, बहुपक्षीय भागीदारी बढ़ाना और राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करना जरूरी है। साथ ही, भरोसेमंद और सुलभ एआई फ्रेमवर्क विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।

एआई इम्पैक्ट समिट की घोषणा सात प्रमुख स्तंभों पर आधारित है, जो वैश्विक एआई सहयोग की नींव रखेंगे। इनमें एआई संसाधनों का लोकतंत्रीकरण, आर्थिक विकास और सामाजिक भलाई, सुरक्षित और भरोसेमंद एआई, विज्ञान के लिए एआई, सामाजिक सशक्तिकरण के लिए पहुंच, मानव पूंजी विकास तथा लचीली और दक्ष एआई प्रणाली शामिल हैं।

सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण और स्वैच्छिक वैश्विक पहलों की घोषणा की गई।

एआई के लोकतांत्रिक वितरण के लिए चार्टर लाया गया, जिसका उद्देश्य बुनियादी एआई संसाधनों तक सस्ती और समान पहुंच सुनिश्चित करना है।

ग्लोबल एआई इम्पैक्ट कॉमन्स नामक मंच शुरू किया गया, जो दुनिया भर में एआई के सफल उपयोग मामलों को बढ़ावा देगा और उन्हें दोहराने योग्य बनाएगा।

भरोसेमंद एआई कॉमन्स की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया, जो सुरक्षित और मजबूत एआई सिस्टम विकसित करने के लिए टूल्स, बेंचमार्क और श्रेष्ठ प्रक्रियाओं का साझा भंडार होगा।

विज्ञान संस्थानों के लिए एआई का एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क बनाने की पहल की गई, जिससे वैश्विक वैज्ञानिक सहयोग और एआई-आधारित शोध को बढ़ावा मिलेगा।

सामाजिक सशक्तिकरण के लिए एआई प्लेटफॉर्म का उद्देश्य ज्ञान साझा करना और एआई को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाना है।

एआई श्रम शक्ति विकास प्लेबुक और रीस्किलिंग सिद्धांतों के माध्यम से कौशल विकास, प्रशिक्षण और एआई साक्षरता को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी।

इसके अलावा, ऊर्जा-कुशल और लचीले एआई सिस्टम के विकास के लिए मार्गदर्शक सिद्धांतों पर भी जोर दिया गया।

घोषणा में एआई को आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन बताया गया। ओपन-सोर्स और सुलभ एआई इकोसिस्टम को बढ़ावा देने, ऊर्जा-कुशल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और शासन व सार्वजनिक सेवाओं में एआई के उपयोग को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

सम्मेलन में शामिल देशों ने एआई शासन के लिए साझा वैश्विक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने, स्वैच्छिक और गैर-बाध्यकारी ढांचे को अपनाने तथा निरंतर सहयोग के जरिए विजन को वास्तविक कार्यों में बदलने की प्रतिबद्धता दोहराई।

इस समिट से दीर्घकालिक अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूती मिलने और एआई को वैश्विक आर्थिक वृद्धि का प्रमुख चालक बनाने की उम्मीद जताई गई है।

Point of View

जहां एआई के लाभों को समान रूप से साझा करने का प्रयास किया जा रहा है। यह दीर्घकालिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो सभी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में कौन-कौन से देश शामिल हुए?
इस समिट में 89 देशों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भाग लिया।
नई दिल्ली घोषणा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य एआई के संसाधनों और लाभों को सभी मानवता के लिए समान रूप से उपलब्ध कराना है।
इस समिट में किन पहलों की घोषणा की गई?
इस समिट में कई स्वैच्छिक वैश्विक पहलों की घोषणा की गई, जिसमें एआई संसाधनों का लोकतंत्रीकरण शामिल है।
क्या एआई का उपयोग आर्थिक विकास में मददगार हो सकता है?
हां, एआई को आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन माना गया है, बशर्ते इसे सही तरीके से लागू किया जाए।
इस समिट का भविष्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इस समिट से दीर्घकालिक अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूती मिलने और एआई को वैश्विक आर्थिक वृद्धि का प्रमुख चालक बनाने की उम्मीद जताई गई है।
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