इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट: भारत बना वैश्विक एआई का साझेदार
सारांश
Key Takeaways
- भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में एक महत्वपूर्ण साझेदार की भूमिका निभाई।
- ग्लोबल तकनीकी प्रतिनिधियों का एकत्र होना सहयोगात्मक माहौल को दर्शाता है।
- प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की ताकतों पर जोर दिया।
- इंडिया स्टैक की अनूठी पहचान को मान्यता मिली।
- यह समिट सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण संवाद का मंच है।
नई दिल्ली, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का आयोजन नई दिल्ली में एक नई दिशा की ओर बढ़ने का संकेत है। इस समिट में एक स्पष्ट संदेश उभरा है कि भारत ने न केवल एक बाजार के रूप में पहचान बनाई है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को आकार देने में एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में भी उभरा है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस सप्ताह भर चलने वाले समिट में इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो का आयोजन किया गया, जो 70,000 से अधिक वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैला था और इसमें विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि, तकनीकी नेता, शोधकर्ता और छात्र शामिल हुए।
इस समिट की एक प्रमुख थीम थी जो मानवता पर आधारित थी-‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ यानी सभी के लिए कल्याण और खुशी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन भाषण में कहा कि यह भारत के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का एक मानक है। उन्होंने भारत की विविधता, जनसांख्यिकी और लोकतंत्र को इसकी स्थायी ताकत बताया।
उन्होंने कहा कि यदि कोई एआई मॉडल भारत में सफल होता है, तो उसे वैश्विक स्तर पर उपयोग किया जा सकता है। भारत में डिज़ाइन करें और इसे पूरी दुनिया तक पहुँचाएं।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने भारत की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमने ऐसा कुछ बनाया है जो अन्य देशों में नहीं है। 14 लाख लोगों के लिए डिजिटल पहचान और एक ऐसा भुगतान प्रणाली जो हर महीने 20 अरब लेनदेन को संसाधित करती है। उन्होंने कहा कि यही इंडिया स्टैक है- खुला, अंतरसंचालनीय और संप्रभु।
बयान में कहा गया कि इस समिट का पैमाना स्पष्ट है। हालांकि, प्रतिस्पर्धा के बजाय एक सहयोगात्मक माहौल बना हुआ है। बहुपक्षीय संस्थानों और राजनीतिक नेताओं की उपस्थिति इस शिखर सम्मेलन के महत्व को दर्शाती है। यह केवल एक व्यापार मेला नहीं है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण मंच है जो यह निर्धारित करेगा कि वैश्विक स्तर पर एआई का संचालन और उपयोग कैसे किया जाएगा।
इससे भारत की छवि एक मेज़बान और शक्तिशाली देश के रूप में उभरी है। ऐसा देश जो अपने डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के प्रति आत्मविश्वास रखता है और दूसरों से सीखने के लिए तत्पर है। एक ऐसा मंच जहां संप्रभु महत्वाकांक्षा वैश्विक जिम्मेदारी के साथ चलती है।