भारत-ब्राजील में रक्षा, एआई और एम्ब्रेयर निवेश पर बड़ी चर्चा: मार्सियो एलियास रोजा
सारांश
मुख्य बातें
भारत और ब्राजील के बीच रक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्किल डेवलपमेंट और नई अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊँचाई देने की कोशिशें तेज़ हो गई हैं। ब्राजील के विकास, उद्योग, व्यापार और सेवा मंत्री मार्सियो एलियास रोजा ने 1 अक्टूबर 2026 को मिल्वौकी में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से अलग मुलाकात के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ब्राजील की प्रमुख विमान निर्माता कंपनी एम्ब्रेयर के भारत में संभावित निवेश पर भी बातचीत हुई है।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
रोजा ने बताया कि दोनों देशों ने बायोइकोनॉमी, सर्कुलर इकोनॉमी, डिजिटल इकोनॉमी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सहयोग के अहम क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया। उनके अनुसार दोनों देशों के बीच नई टेक्नोलॉजी से लेकर रक्षा तक कई मुद्दों पर मिलकर काम करने की व्यापक संभावनाएं हैं।
स्किल डेवलपमेंट के मोर्चे पर रोजा ने कहा, 'हमने मैनपावर और क्षमता बढ़ाने के बारे में बात की।' उन्होंने विशेष रूप से भारत की वोकेशनल ट्रेनिंग क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि भारत में इस तरह के अच्छे वोकेशनल कोर्स मौजूद हैं।
एम्ब्रेयर निवेश पर चर्चा
द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा क्षेत्र भी प्रमुखता से शामिल रहा। रोजा ने बताया कि ब्राजीलियाई विमान निर्माता कंपनी एम्ब्रेयर के भारत में संभावित निवेश की संभावना पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा, 'भारत में एम्ब्रेयर विमान से जुड़े निवेश की संभावना पर भी चर्चा हुई। सूची काफी लंबी है।'
हालांकि, मंत्री ने इस संभावित निवेश की राशि, स्थान या उससे जुड़े किसी विशेष परियोजना का ब्यौरा नहीं दिया। गौरतलब है कि एम्ब्रेयर के विमान भारत में नागरिक और रक्षा दोनों एविएशन क्षेत्रों में पहले से इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
व्यापार संबंधों का विस्तार
रोजा ने स्पष्ट किया कि ब्राजील भारत के साथ अपने आर्थिक रिश्तों को अत्यंत महत्वपूर्ण मानता है। उन्होंने कहा, 'भारत ब्राजील के लिए बेहद महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है।' उनके अनुसार भारत एक ऐसी अर्थव्यवस्था है जो पूरी दुनिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देश मर्सोसुर के ज़रिए मौजूदा व्यापार व्यवस्था का दायरा बढ़ाने पर भी विचार कर रहे हैं। रोजा ने बताया कि मौजूदा प्रेफरेंशियल टैरिफ एग्रीमेंट का दायरा सीमित है और दोनों पक्ष इसे अधिक व्यापक बनाने पर काम कर रहे हैं। हाल ही में इसके लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस तैयार किए गए हैं, जो आगे की वार्ता के लिए एक ढाँचा प्रदान करेंगे।
रणनीतिक साझेदारी की पृष्ठभूमि
भारत और ब्राजील के बीच पहले से एक रणनीतिक साझेदारी कायम है। दोनों देश ब्रिक्स, आईबीएसए और जी20 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिलकर काम करते हैं। रक्षा, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग का एक स्थापित इतिहास है। अब एआई और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे उभरते क्षेत्रों को भी इस साझेदारी में शामिल करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच विस्तृत व्यापार ढाँचे और एम्ब्रेयर निवेश की रूपरेखा स्पष्ट होने की उम्मीद है।