मोदी के 12 साल: CII और FICCI ने सराहा — आर्थिक मजबूती, इन्फ्रा विस्तार और वैश्विक कद में उल्लेखनीय बदलाव
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूरे होने पर 10 जून 2026 को भारतीय उद्योग जगत ने एकजुट होकर सराहना की। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और फेडरेशन ऑफ इंडियन चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) ने कहा कि इस अवधि में भारत ने आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी ढाँचे के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है और वैश्विक मंच पर एक आत्मविश्वासी आवाज़ के रूप में उभरा है।
CII का आकलन: समावेशी विकास और प्रतिस्पर्धात्मकता
CII के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए कहा, "मैं प्रधानमंत्री मोदी को उनके परिवर्तनकारी नेतृत्व के 12 साल पूरे होने पर दिल से बधाई देता हूँ।" उन्होंने कहा कि इस दौरान भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने के साथ-साथ एक प्रभावशाली वैश्विक आवाज़ के रूप में भी स्थापित हुआ है।
बनर्जी के अनुसार, पिछले एक दशक में समावेशी आर्थिक विकास, बुनियादी ढाँचे का विस्तार, इनोवेशन, उद्यमिता और सामाजिक विकास — इन सभी मोर्चों पर तेज़ गति से काम हुआ है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सुधारों, कुशल शासन और समावेशी विकास पर सरकार के जोर ने भारत की आर्थिक मजबूती और प्रतिस्पर्धात्मकता को नई ऊँचाई दी है, जिससे व्यवसायों और आम नागरिकों दोनों के लिए नए अवसर खुले हैं।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि विकास का लाभ समाज के व्यापक वर्गों तक पहुँचा है, जो मजबूत और समावेशी विकास की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
FICCI का नज़रिया: आर्थिक बुनियाद और वैश्विक प्रतिस्पर्धा
FICCI के अध्यक्ष अनंत गोयनका ने भी प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की आर्थिक बुनियाद लगातार सुदृढ़ हुई है। उन्होंने बड़े सुधारों, कारोबार सुगमता (Ease of Doing Business), इन्फ्रास्ट्रक्चर में रिकॉर्ड निवेश, बढ़ते व्यापारिक संबंधों, मजबूत वित्तीय संस्थानों और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के विकास को इस बदलाव का आधार बताया।
गोयनका ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत न केवल एक बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में उभरा है, बल्कि वैश्विक मंच पर भी एक प्रभावशाली और सुनी जाने वाली आवाज़ बन चुका है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत G20 की अध्यक्षता और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर अपनी सक्रिय भूमिका के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जा रहा है।
उद्योग जगत की प्रतिक्रिया का संदर्भ
गौरतलब है कि CII और FICCI जैसे शीर्ष उद्योग संगठनों की यह सराहना ऐसे दौर में आई है जब भारत दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि विकास के लाभ का समान वितरण और रोज़गार सृजन की रफ्तार अभी भी बहस के केंद्र में है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की आशंकाओं से जूझ रही है और भारत की विकास दर की विश्वसनीयता एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
आगे की राह
उद्योग जगत की इस एकजुट प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि निजी क्षेत्र सरकार की नीतिगत दिशा को लेकर सकारात्मक है। आने वाले वर्षों में भारत की विनिर्माण क्षमता, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भागीदारी इस प्रगति को और परखेंगी।