भारतीय शेयर बाजार फिर बना दुनिया का 5वाँ सबसे बड़ा, मार्केटकैप $5 ट्रिलियन पार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शेयर बाजार ने एक बार फिर वैश्विक रैंकिंग में अपनी पाँचवीं स्थिति हासिल कर ली है — 29 जून 2026 को देश का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केटकैप) $5 ट्रिलियन की सीमा पार कर गया। ताइवान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में आई तेज गिरावट ने भारत को यह बढ़त दिलाई, जो हाल के महीनों में इन दोनों बाजारों से पिछड़ गया था।
मौजूदा वैश्विक रैंकिंग
आँकड़ों के अनुसार, ताइवान का बाजार पूंजीकरण अब $4.97 ट्रिलियन और दक्षिण कोरिया का $4.66 ट्रिलियन है — दोनों भारत से पीछे। वहीं, अमेरिका और चीन के बाजार पूंजीकरण और रैंकिंग में इस दौरान कोई उल्लेखनीय बदलाव नहीं आया।
ताइवान और दक्षिण कोरिया में गिरावट की वजह
विश्लेषकों के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर शेयरों में पिछले कुछ महीनों की जबरदस्त तेजी के बाद निवेशकों ने ताइवान और दक्षिण कोरिया में बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली की। इसी के चलते दोनों बाजारों की वैश्विक रैंकिंग में बदलाव आया और भारत एक बार फिर पाँचवें स्थान पर आ गया।
जून में भारत बनाम वैश्विक बाजार
जून माह में वैश्विक इक्विटी बाजारों का प्रदर्शन कमजोर रहा, जबकि भारतीय बाजार ने उल्लेखनीय मजबूती दिखाई। इस महीने भारत का मार्केटकैप 2.75% बढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया में 4.7% और ताइवान में 2.3% की गिरावट दर्ज की गई। अन्य प्रमुख बाजारों में — हांगकांग में 8.3% से अधिक, जर्मनी में 5.6%, कनाडा में 3%, यूके में करीब 2%, जापान में लगभग 1% और फ्रांस में 1.1% की गिरावट आई।
भारतीय बाजार की मजबूती के कारण
कई विश्लेषकों ने भारतीय इक्विटी की इस मजबूती के पीछे तीन प्रमुख कारण गिनाए हैं — कच्चे तेल की कीमतों में कमी, बेहतर होते वैल्यूएशन, और विदेशी संस्थागत निवेशकों की निरंतर दिलचस्पी। उनके अनुसार, निफ्टी का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) मल्टीपल करीब 24 गुना से घटकर लगभग 18 गुना पर आ गया है, जिससे वैल्यूएशन अधिक आकर्षक हो गए हैं।
सेंसेक्स-निफ्टी का प्रदर्शन
डॉलर के संदर्भ में देखें तो जून माह में अब तक सेंसेक्स में करीब 4% और निफ्टी में लगभग 3% की बढ़त दर्ज की गई है। यह प्रदर्शन अधिकांश प्रमुख वैश्विक सूचकांकों से बेहतर रहा है। आगे चलकर, घरेलू और वैश्विक संकेतकों पर बाजार की नजर बनी रहेगी।