झारखंड में मेडिकल नामांकन की नई एसओपी लागू: फर्जी प्रमाण-पत्र मिला तो FIR और तत्काल एडमिशन रद्द
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने 14 अगस्त 2026 को मेडिकल, डेंटल और आयुष कॉलेजों में नामांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इसके तहत नीट-यूजी और नीट-पीजी के माध्यम से प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्रों का कड़ा सत्यापन किया जाएगा। यदि कोई प्रमाण-पत्र फर्जी पाया गया, तो संबंधित अभ्यर्थी का नामांकन तत्काल रद्द होगा और उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाएगी।
नई एसओपी में क्या है खास
नई व्यवस्था के अंतर्गत अभ्यर्थियों के स्थानीय निवासी, जाति, आय और दिव्यांगता प्रमाण-पत्रों का सत्यापन संबंधित सरकारी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। जहाँ ऑनलाइन जाँच में कोई प्रमाण-पत्र संदिग्ध पाया जाए, उसे संबंधित जिले के उपायुक्त के पास भेजा जाएगा। जिला प्रशासन को भौतिक सत्यापन कर 10 कार्य दिवसों के भीतर जाँच रिपोर्ट देनी होगी।
जाँच पूरी होने तक अभ्यर्थी को केवल औपबंधिक नामांकन दिया जाएगा। प्रमाण-पत्रों का सत्यापन पूर्ण होने के बाद ही नामांकन को अंतिम रूप दिया जाएगा। नामांकन के दौरान जमा किए गए सभी डिजिटल और भौतिक दस्तावेजों को सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि भविष्य में पुनः जाँच संभव हो सके।
उच्चस्तरीय जाँच समितियों का गठन
झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद के स्तर पर उच्चस्तरीय जाँच समितियाँ गठित की गई हैं। एमबीबीएस, एमडी और एमएस पाठ्यक्रमों के लिए गठित समिति में रिम्स रांची और सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के नामांकन प्रभारी, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि तथा पर्षद के विशेष कार्य पदाधिकारी शामिल होंगे।
इसी प्रकार बीडीएस, एमडीएस तथा आयुष पाठ्यक्रमों के लिए अलग-अलग समितियाँ बनाई गई हैं। राज्य स्तरीय जाँच के अतिरिक्त रिम्स रांची और संबंधित मेडिकल कॉलेजों में संस्थान स्तर पर भी समितियाँ गठित की गई हैं, जिनमें निदेशक, प्राचार्य या डीन को अध्यक्ष, अधीक्षक को सदस्य और नामांकन प्रभारी को सदस्य सचिव बनाया गया है।
फर्जीवाड़े पर कार्रवाई का प्रावधान
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि जाँच में किसी अभ्यर्थी का प्रमाण-पत्र फर्जी पाया जाता है, तो संबंधित कॉलेज के प्राचार्य उसका नामांकन तत्काल रद्द करेंगे। इसके साथ ही अभ्यर्थी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम ऐसे समय में आया है जब देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
कहाँ लागू होगी नई एसओपी
यह नई एसओपी रिम्स रांची सहित राज्य के सभी सरकारी और निजी मेडिकल, डेंटल, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक और यूनानी महाविद्यालयों में प्रभावी होगी। विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी आधिकारिक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई। इस व्यवस्था के लागू होने से राज्य में मेडिकल शिक्षा में पारदर्शिता और जवाबदेही का नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है।