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झारखंड में एलाइड-हेल्थकेयर कोर्स की परीक्षा-रजिस्ट्रेशन अड़चनें होंगी दूर, राज्य परिषद की पहली बैठक में बड़े फैसले

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झारखंड में एलाइड-हेल्थकेयर कोर्स की परीक्षा-रजिस्ट्रेशन अड़चनें होंगी दूर, राज्य परिषद की पहली बैठक में बड़े फैसले

सारांश

झारखंड में एलाइड और हेल्थकेयर कोर्स के हज़ारों छात्रों की परीक्षा और पंजीकरण की अड़चनें अब दूर होंगी। राज्य परिषद की पहली बैठक में एकसमान मान्यता व्यवस्था, वेब पोर्टल और सहिया-एमपीडब्ल्यू के लिए छह महीने के विशेष प्रशिक्षण कोर्स का फैसला लिया गया।

मुख्य बातें

झारखंड राज्य संबद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल परिषद की 1 सितंबर को रांची में पहली बैठक हुई।
ट्रांजिशन बैच के छात्रों की रुकी हुई परीक्षाएँ कराई जाएंगी; लंबित अंतिम परीक्षाओं पर कैबिनेट में निर्णय होगा।
परिषद एलाइड-हेल्थकेयर कॉलेजों को मान्यता देगी और कोर्स पूरा होने के बाद पंजीकरण भी करेगी।
सभी जानकारी के लिए एक वेब पोर्टल विकसित किया जाएगा।
सहिया , एमपीडब्ल्यू और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के लिए करीब छह महीने का विशेष प्रशिक्षण कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव।

झारखंड राज्य संबद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल परिषद की 1 सितंबर को रांची में हुई पहली बैठक में एलाइड और हेल्थकेयर कोर्स कर रहे छात्रों की परीक्षा, पंजीकरण और मान्यता से जुड़ी लंबित अड़चनों को दूर करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। पूरे राज्य में एकसमान शैक्षणिक व्यवस्था लागू करने की दिशा में यह पहला ठोस कदम माना जा रहा है।

मुख्य निर्णय क्या लिए गए

स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में तय किया गया कि ट्रांजिशन बैच के उन छात्रों की परीक्षा कराई जाएगी जो पहले से पाठ्यक्रम में नामांकित हैं। जिन कोर्सों की अंतिम परीक्षाएँ तकनीकी या नियामक कारणों से अब तक नहीं हो सकी हैं, उनके संदर्भ में कैबिनेट स्तर पर निर्णय लिया जाएगा।

गौरतलब है कि राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे छात्र हैं जिनकी पढ़ाई तो पूरी हो चुकी है, लेकिन परीक्षा या उससे जुड़ी प्रक्रियाएँ अटकी होने के कारण वे अपना पंजीकरण नहीं करा पाए हैं और व्यावसायिक जीवन शुरू नहीं कर पाए हैं।

मान्यता और पंजीकरण की नई व्यवस्था

नई प्रणाली के तहत परिषद एलाइड और हेल्थकेयर से जुड़े कॉलेजों व संस्थानों को मान्यता प्रदान करेगी। डिप्लोमा सहित अन्य सभी कोर्स इसी एकीकृत व्यवस्था के अंतर्गत आएंगे। कोर्स पूरा होने के बाद छात्रों का पंजीकरण भी परिषद ही करेगी, जिससे यह स्पष्ट रहेगा कि कौन-सा संस्थान और कौन-सा पाठ्यक्रम मान्य है।

अलग-अलग संस्थानों में पढ़ाई और परीक्षा का स्तर एकसमान रखने के लिए एक कॉमन सिस्टम भी तैयार किया जाएगा, जिससे छात्रों को भिन्न-भिन्न नियमों की उलझन से राहत मिलेगी।

वेब पोर्टल से मिलेगी एकीकृत जानकारी

छात्रों को जानकारी के लिए अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए एक वेब पोर्टल विकसित किया जाएगा। इस पोर्टल पर कोर्स, परीक्षा की तारीखें, पंजीकरण की प्रक्रिया और मान्यता प्राप्त कॉलेजों से जुड़ी सभी ज़रूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी।

स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण पर भी चर्चा

बैठक में पहले से कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों के कौशल उन्नयन पर भी विचार-विमर्श हुआ। अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने सहिया, एमपीडब्ल्यू और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के लिए करीब छह महीने का विशेष प्रशिक्षण कोर्स शुरू करने का सुझाव दिया, ताकि कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों को नई दक्षताएँ हासिल करने का अवसर मिले और राज्य को प्रशिक्षित जनशक्ति भी उपलब्ध हो सके।

बैठक में निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, परिषद की चेयरपर्सन डॉ. मनीषा किरण, रिम्स के प्रभारी निदेशक डॉ. डीके सिन्हा, डॉ. अजीत खलखो, डॉ. विनोद कुमार और अंशु सिंह सहित परिषद के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। आगे की कार्रवाई कैबिनेट स्तर पर होने के बाद इस व्यवस्था का क्रियान्वयन शुरू होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी कैबिनेट की मंज़ूरी और क्रियान्वयन की गति होगी। वेब पोर्टल और कॉमन सिस्टम जैसे प्रस्ताव तब तक कागज़ी रहेंगे जब तक उनकी समय-सीमा और जवाबदेही तय नहीं होती। सहिया और एमपीडब्ल्यू के लिए प्रशिक्षण का सुझाव स्वागत योग्य है, पर यह 'सुझाव' से 'नीति' कब बनेगा — यही देखना होगा।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में एलाइड और हेल्थकेयर कोर्स के छात्रों की परीक्षा क्यों रुकी हुई थी?
तकनीकी कारणों और नियामक अड़चनों के चलते कई पाठ्यक्रमों की परीक्षाएँ नहीं हो पाई थीं। अब राज्य परिषद ने ट्रांजिशन बैच की परीक्षाएँ कराने और शेष मामलों को कैबिनेट में ले जाने का निर्णय लिया है।
झारखंड राज्य संबद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल परिषद क्या करेगी?
परिषद एलाइड और हेल्थकेयर कॉलेजों को मान्यता देगी, डिप्लोमा सहित सभी कोर्सों की निगरानी करेगी और कोर्स पूरा होने के बाद छात्रों का पंजीकरण भी करेगी। इससे पूरे राज्य में एकसमान व्यवस्था लागू होगी।
एलाइड-हेल्थकेयर वेब पोर्टल से छात्रों को क्या फायदा होगा?
प्रस्तावित वेब पोर्टल पर कोर्स, परीक्षा की तारीखें, पंजीकरण प्रक्रिया और मान्यता प्राप्त कॉलेजों की जानकारी एक ही जगह ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इससे छात्रों को अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
सहिया और एमपीडब्ल्यू के लिए कौन-सा प्रशिक्षण प्रस्तावित है?
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने सहिया, एमपीडब्ल्यू और अन्य कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों के लिए करीब छह महीने का विशेष प्रशिक्षण कोर्स शुरू करने का सुझाव दिया है। इसका उद्देश्य कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों को नई दक्षताएँ देना और राज्य में प्रशिक्षित जनशक्ति बढ़ाना है।
लंबित अंतिम परीक्षाओं का फैसला कब और कैसे होगा?
जिन कोर्सों की अंतिम परीक्षाएँ अब तक नहीं हुई हैं, उनके बारे में कैबिनेट स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। परिषद की पहली बैठक में यह प्रक्रिया तय की गई है, हालाँकि कैबिनेट की बैठक की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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