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झारखंड हाईकोर्ट का ACF-FRO परीक्षा रद्द आदेश पर रोक से इनकार, 24 सितंबर को अगली सुनवाई

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झारखंड हाईकोर्ट का ACF-FRO परीक्षा रद्द आदेश पर रोक से इनकार, 24 सितंबर को अगली सुनवाई

सारांश

झारखंड हाईकोर्ट ने ACF और FRO नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने के सरकारी आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। TDPL से जुड़े कथित परीक्षा घोटाले के बाद 22 परीक्षाएँ रद्द हो चुकी हैं। अब सरकार को 24 सितंबर तक जवाब देना होगा।

मुख्य बातें

झारखंड हाईकोर्ट ने 24 अगस्त को ACF और FRO नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने के सरकारी आदेश पर रोक लगाने से इनकार किया।
न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने राज्य सरकार से जवाब माँगा; अगली सुनवाई 24 सितंबर को।
सरकार ने 18 अगस्त को TDPL की भूमिका वाली परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया था।
अधिसूचना के अनुसार 22 परीक्षाएँ रद्द, 6 स्थगित और 17 जाँच के दायरे में।
महाधिवक्ता रोहातश्य राय ने अदालत में सरकार का पक्ष रखा।

झारखंड हाईकोर्ट ने 24 अगस्त को असिस्टेंट कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट (ACF) और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (FRO) की वर्ष 2024 से चली आ रही नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने के झारखंड सरकार के आदेश पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने राज्य सरकार से जवाब माँगा है और मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को निर्धारित की है।

याचिकाकर्ताओं का पक्ष

दो याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में तर्क दिया गया कि झारखंड सरकार ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की सीजीएल परीक्षा, जेपीएससी की 11वीं से 13वीं सिविल सर्विस परीक्षा, फूड सिक्योरिटी ऑफिसर्स और सीडीपीओ परीक्षा के आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के आदेश दिए थे। उन मामलों में हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले पर रोक लगाई हुई है, इसलिए ACF-FRO मामले में भी इसी आधार पर रोक माँगी गई।

याचिकाकर्ताओं ने यह भी आशंका जताई कि यदि सरकार नई नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी करती है, तो पहले से परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थियों के हित प्रभावित होंगे। इस पर अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर याचिकाकर्ता हस्तक्षेप याचिका (IA) दाखिल कर सकते हैं।

सरकार का पक्ष और सीआईडी जाँच की पृष्ठभूमि

राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहातश्य राय ने अदालत में पक्ष रखा। गौरतलब है कि झारखंड सरकार ने सीआईडी की जाँच में सामने आए तथ्यों के आधार पर 18 अगस्त की देर रात कई नियुक्ति परीक्षाओं को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया था। सरकार ने उन परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी जिनके आयोजन में टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) की भूमिका रही थी।

यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर व्यापक जाँच चल रही है। सरकार ने वर्ष 2014 से अब तक हुई विभिन्न नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित गड़बड़ियों की जाँच कराने की भी घोषणा की थी।

कितनी परीक्षाएँ प्रभावित

कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से जारी अधिसूचनाओं के अनुसार कुल 22 परीक्षाओं को रद्द किया गया है। इसके अलावा 6 परीक्षाओं की नियुक्ति प्रक्रिया फिलहाल स्थगित की गई है, जबकि 17 परीक्षाओं और उनसे जुड़ी नियुक्तियों को जाँच के दायरे में रखा गया है।

आगे क्या होगा

हाईकोर्ट के सोमवार के आदेश के बाद अब झारखंड सरकार को अपना लिखित जवाब दाखिल करना होगा। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी, जिसमें सरकार का जवाब आने के बाद अदालत आगे की दिशा तय करेगी। हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य इस सुनवाई के नतीजे पर टिका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हजारों उन अभ्यर्थियों के लिए गहरी अनिश्चितता भी पैदा करता है जिन्होंने वर्षों की मेहनत से परीक्षाएँ पास की थीं। असली सवाल यह है कि सीआईडी जाँच के नतीजे कितने पारदर्शी होंगे और दोषी एजेंसी TDPL पर क्या कार्रवाई होगी। हाईकोर्ट का रोक से इनकार सरकार के लिए तात्कालिक राहत है, लेकिन 24 सितंबर की सुनवाई में सरकार को ठोस तथ्यों के साथ अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी — अन्यथा न्यायिक हस्तक्षेप का दरवाज़ा खुला है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड हाईकोर्ट ने ACF-FRO परीक्षा रद्द आदेश पर क्या फैसला दिया?
झारखंड हाईकोर्ट ने ACF और FRO नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने के सरकारी आदेश पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने राज्य सरकार से जवाब माँगा है और अगली सुनवाई 24 सितंबर को रखी है।
झारखंड सरकार ने ACF-FRO परीक्षा क्यों रद्द की?
सीआईडी जाँच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सरकार ने 18 अगस्त को उन परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की जिनके आयोजन में टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) की कथित भूमिका रही थी। वर्ष 2014 से अब तक की परीक्षाओं में संभावित गड़बड़ियों की जाँच भी शुरू की गई है।
कितनी परीक्षाएँ रद्द या प्रभावित हुई हैं?
सरकारी अधिसूचना के अनुसार कुल 22 परीक्षाएँ रद्द की गई हैं, 6 परीक्षाओं की नियुक्ति प्रक्रिया स्थगित की गई है और 17 परीक्षाएँ व उनसे जुड़ी नियुक्तियाँ जाँच के दायरे में हैं।
परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थियों के लिए क्या विकल्प है?
अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार नई नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी करती है और पहले से परीक्षा पास अभ्यर्थियों के हित प्रभावित होते हैं, तो वे हस्तक्षेप याचिका (IA) दाखिल कर सकते हैं।
ACF-FRO मामले में अगली सुनवाई कब है?
झारखंड हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी। तब तक राज्य सरकार को अपना लिखित जवाब दाखिल करना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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