21 अगस्त 2026
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झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC-CGL और CDPO नियुक्तियाँ रद्द करने के आदेश पर लगाई रोक

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झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC-CGL और CDPO नियुक्तियाँ रद्द करने के आदेश पर लगाई रोक

सारांश

झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC-CGL और CDPO नियुक्तियाँ रद्द करने के सरकारी आदेश पर रोक लगा दी है। 18 अगस्त को राज्य सरकार ने CID जाँच के आधार पर 22 परीक्षाएँ रद्द की थीं — अब हजारों नियुक्त अभ्यर्थियों की किस्मत 15 सितंबर की अगली सुनवाई पर टिकी है।

मुख्य बातें

झारखंड हाईकोर्ट ने 21 अगस्त को JSSC-CGL और CDPO नियुक्तियाँ रद्द करने के सरकारी आदेश पर अंतरिम रोक लगाई।
न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में चार अलग-अलग याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हुई।
इससे पहले गुरुवार को JPSC 11वीं-13वीं सिविल सेवा और फूड सेफ्टी ऑफिसर नियुक्तियों पर भी रोक लग चुकी है।
राज्य सरकार ने 18 अगस्त को 22 परीक्षाएँ रद्द , 6 स्थगित और 17 परीक्षाएँ जाँच के दायरे में रखी थीं।
सरकार को जवाब के लिए 7 सितंबर तक, याचिकाकर्ताओं को प्रति-उत्तर के लिए 14 सितंबर तक का समय।
अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित।

झारखंड हाईकोर्ट ने 21 अगस्त 2026 को JSSC-CGL और सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना पदाधिकारी) परीक्षाओं से हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में शुक्रवार को चार अलग-अलग याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हुई, जो झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती प्रक्रियाओं को रद्द किए जाने के विरुद्ध दाखिल की गई थीं।

मुख्य घटनाक्रम

इससे एक दिन पूर्व, गुरुवार को अदालत ने JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर पदों पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के सरकारी आदेश पर भी अंतरिम रोक लगाई थी। शुक्रवार की सुनवाई में अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित आयोगों से जवाब तलब किया है — विशेष रूप से यह बताने को कहा है कि इन परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के पीछे क्या कानूनी आधार और CID जाँच में क्या तथ्य सामने आए हैं।

समयसीमा और अगली सुनवाई

अदालत ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 7 सितंबर तक का समय दिया है। याचिकाकर्ताओं को सरकार के जवाब पर प्रति-उत्तर दाखिल करने के लिए 14 सितंबर तक की मोहलत दी गई है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित है। महाधिवक्ता रोहित राय ने अदालत से अनुरोध किया कि इस प्रकार के सभी मामलों में शपथपत्र दाखिल करने के लिए एक समान समयसीमा तय की जाए।

सरकार का मूल फैसला

गौरतलब है कि झारखंड सरकार ने 18 अगस्त की देर रात कथित अनियमितताओं को लेकर चल रही CID जाँच के आधार पर बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रियाओं को प्रभावित करने वाला फैसला लिया था। सरकार ने 22 परीक्षाओं को रद्द करने, 6 परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित करने और वर्ष 2014 से हुई 17 अन्य नियुक्ति परीक्षाओं को जाँच के दायरे में रखने की घोषणा की थी। इसके बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने संबंधित अधिसूचनाएँ जारी की थीं।

आम अभ्यर्थियों पर असर

इन फैसलों से बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं जिन्होंने परीक्षाएँ उत्तीर्ण कर नियुक्तियाँ हासिल की थीं और कई मामलों में सेवा भी शुरू कर दी थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने पक्ष रखा। याचिकाकर्ताओं ने सीडीपीओ परीक्षा का विज्ञापन रद्द किए जाने और JSSC-CGL नियुक्तियों को रद्द करने के आदेश दोनों को कानूनी चुनौती दी है।

क्या होगा आगे

हाईकोर्ट की अंतरिम रोक के बाद अब सरकार के फैसले का कानूनी आधार, CID जाँच के निष्कर्ष और नियुक्त अभ्यर्थियों के संवैधानिक अधिकार — ये तीनों पहलू केंद्र में आ गए हैं। 15 सितंबर की अगली सुनवाई में यह स्पष्ट होने की संभावना है कि रोक को स्थायी रूप दिया जाएगा या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जल्दबाजी ज्यादा दिखता है — क्योंकि CID जाँच अभी चल रही थी, निष्कर्ष अंतिम नहीं थे। हाईकोर्ट का अंतरिम रोक लगाना यह संकेत देता है कि प्रक्रियागत खामियाँ थीं। असली सवाल यह है कि क्या सरकार के पास उन अभ्यर्थियों को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं जो परीक्षा पास कर सेवा में आ चुके थे — या यह कार्रवाई दोषियों के साथ-साथ निर्दोषों को भी दंडित कर रही है। न्यायिक समीक्षा की यह प्रक्रिया सरकार को अपना कानूनी आधार सार्वजनिक रूप से सिद्ध करने के लिए बाध्य करेगी।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड हाईकोर्ट ने किस आदेश पर रोक लगाई है?
हाईकोर्ट ने JSSC-CGL और CDPO परीक्षाओं से हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगाई है। इससे पहले JPSC की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर नियुक्तियों पर भी रोक लग चुकी है।
झारखंड सरकार ने ये परीक्षाएँ क्यों रद्द की थीं?
राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रही CID जाँच के आधार पर 18 अगस्त की देर रात यह फैसला लिया था। सरकार ने 22 परीक्षाएँ रद्द कीं, 6 की प्रक्रिया स्थगित की और 2014 से हुई 17 अन्य परीक्षाओं को जाँच के दायरे में रखा।
इस मामले में अगली सुनवाई कब होगी?
अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित है। सरकार को 7 सितंबर तक जवाब दाखिल करना है और याचिकाकर्ताओं को 14 सितंबर तक प्रति-उत्तर देना है।
इन फैसलों से कौन प्रभावित हुए हैं?
वे अभ्यर्थी सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं जिन्होंने संबंधित परीक्षाएँ उत्तीर्ण कर नियुक्तियाँ हासिल की थीं और कई मामलों में सेवा भी शुरू कर दी थी। हाईकोर्ट की रोक से फिलहाल उनकी नौकरियाँ सुरक्षित हैं।
अदालत ने सरकार से क्या जानकारी माँगी है?
अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित आयोगों से यह बताने को कहा है कि JSSC-CGL और CDPO परीक्षाओं एवं नियुक्तियों को रद्द करने के पीछे क्या कानूनी आधार है और CID जाँच में क्या तथ्य सामने आए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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