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झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC-CGL और CDPO नियुक्ति रद्द करने के आदेश पर लगाई रोक, 15 सितंबर को अगली सुनवाई

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झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC-CGL और CDPO नियुक्ति रद्द करने के आदेश पर लगाई रोक, 15 सितंबर को अगली सुनवाई

सारांश

झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC-CGL और CDPO नियुक्तियाँ रद्द करने के सरकारी आदेश पर रोक लगाई। 18 अगस्त को सरकार ने CID जांच के आधार पर 22 परीक्षाएं रद्द की थीं। सेवारत अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत मिली; 15 सितंबर को अगली सुनवाई।

मुख्य बातें

झारखंड हाईकोर्ट ने 21 अगस्त को JSSC-CGL और CDPO नियुक्तियाँ रद्द करने के सरकारी आदेश पर अंतरिम रोक लगाई।
न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में चार अलग-अलग याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हुई।
एक दिन पहले — 20 अगस्त को — JPSC 11वीं से 13वीं सिविल सेवा और फूड सेफ्टी ऑफिसर नियुक्तियों पर भी रोक लगाई जा चुकी थी।
झारखंड सरकार ने 18 अगस्त को CID जांच के आधार पर 22 परीक्षाएं रद्द, 6 स्थगित और 17 को जांच के दायरे में रखने का निर्णय लिया था।
राज्य सरकार को 7 सितंबर तक जवाब और प्रार्थियों को 14 सितंबर तक प्रति-उत्तर दाखिल करना है।
मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित है।

झारखंड हाईकोर्ट ने 21 अगस्त को जेएसएससी-सीजीएल और सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना पदाधिकारी) परीक्षाओं के माध्यम से हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने यह आदेश चार अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया, जो सरकार के भर्ती-रद्दीकरण निर्णय को चुनौती देने के लिए दायर की गई थीं।

मामले की पृष्ठभूमि

झारखंड सरकार ने 18 अगस्त की देर रात प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रही सीआईडी जांच के आधार पर बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रियाओं के संबंध में निर्णय लिया था। सरकार ने 22 परीक्षाओं को रद्द करने, 6 परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित करने और वर्ष 2014 से हुई 17 अन्य नियुक्ति परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने की घोषणा की थी। इसके बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने संबंधित अधिसूचनाएं जारी की थीं।

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले — गुरुवार, 20 अगस्त को — कोर्ट ने जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्तियों को रद्द करने के आदेश पर भी अंतरिम रोक लगाई थी।

शुक्रवार की सुनवाई में क्या हुआ

प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने पक्ष रखा। महाधिवक्ता रोहित राय ने अदालत से आग्रह किया कि इस प्रकार के सभी मामलों में सरकार को शपथपत्र दाखिल करने के लिए एक निश्चित समयसीमा तय की जाए।

अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित आयोग को 7 सितंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। प्रार्थियों को सरकार के जवाब पर 14 सितंबर तक प्रति-उत्तर दाखिल करना होगा। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित है।

सरकार को देना होगा जवाब

अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकार को यह बताना होगा कि इन परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के पीछे क्या कानूनी आधार है और सीआईडी जांच में क्या तथ्य सामने आए हैं। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण हो जाता है जब सरकार के आदेश का आधार अभी तक सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है।

प्रभावित अभ्यर्थियों पर असर

इन फैसलों से बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं, जिन्होंने संबंधित परीक्षाएं उत्तीर्ण कर नियुक्तियाँ हासिल की थीं और कई मामलों में सेवा भी शुरू कर दी थी। हाईकोर्ट की अंतरिम रोक से फिलहाल उन्हें राहत मिली है, लेकिन मामले का अंतिम निर्णय अभी बाकी है।

आगे क्या होगा

अब सरकार के फैसले का कानूनी आधार, जांच के निष्कर्ष और नियुक्त अभ्यर्थियों के अधिकारों से जुड़े सवाल केंद्र में आ गए हैं। 15 सितंबर की सुनवाई में यह तय होगा कि अंतरिम रोक जारी रहेगी या नहीं, और क्या सरकार अपने निर्णय को न्यायिक कसौटी पर उचित ठहरा पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पारदर्शिता की गंभीर कमी दर्शाता है। जो अभ्यर्थी परीक्षा पास कर सेवा में आ चुके हैं, उनके साथ बिना विस्तृत सुनवाई के यह कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत पर सवाल खड़े करती है। हाईकोर्ट की त्वरित अंतरिम रोक यह संकेत देती है कि सरकार का निर्णय न्यायिक जाँच में उतना सुदृढ़ नहीं दिखता जितना राजनीतिक रूप से प्रस्तुत किया गया।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC-CGL और CDPO नियुक्तियों पर रोक क्यों लगाई?
हाईकोर्ट ने उन अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अंतरिम रोक लगाई, जिन्होंने परीक्षा पास कर नियुक्ति हासिल की थी और जिनकी नियुक्तियाँ सरकार ने CID जांच के आधार पर रद्द कर दी थीं। अदालत ने सरकार से इस निर्णय का कानूनी आधार और जांच के तथ्य माँगे हैं।
झारखंड सरकार ने 18 अगस्त को क्या फैसला लिया था?
झारखंड सरकार ने 18 अगस्त की देर रात CID जांच में कथित अनियमितताओं के आधार पर 22 प्रतियोगी परीक्षाएं रद्द करने, 6 परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित करने और वर्ष 2014 से हुई 17 अन्य नियुक्ति परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने की घोषणा की थी।
इस मामले में अगली सुनवाई कब होगी?
झारखंड हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। राज्य सरकार को 7 सितंबर तक जवाब और प्रार्थियों को 14 सितंबर तक प्रति-उत्तर दाखिल करना है।
JSSC-CGL और CDPO के अलावा किन नियुक्तियों पर रोक लगाई गई है?
20 अगस्त को हाईकोर्ट ने JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्तियाँ रद्द करने के आदेश पर भी अंतरिम रोक लगाई थी। इस प्रकार कई श्रेणियों की नियुक्तियाँ अब न्यायिक संरक्षण में हैं।
इन फैसलों से कौन से अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं?
वे अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं जिन्होंने JSSC-CGL, CDPO, JPSC सिविल सेवा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षाएं उत्तीर्ण कर नियुक्तियाँ हासिल की थीं — और कई मामलों में सेवा भी शुरू कर दी थी। हाईकोर्ट की अंतरिम रोक से उन्हें फिलहाल राहत मिली है।
राष्ट्र प्रेस
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